Spirit, Attention, Mind Finchley Ashram, London (England)

                                                                “आत्मा, चित्त, मन”

 फिंचली आश्रम, लंदन (यूके), 20 फरवरी 1978

… और वह हमें एक साधन के रूप में उपयोग कर रहा है। साथ चलो!

जैसा की मैंने कहा।

अब क्रिस्टीन ने मुझसे पूछा था, “हमारा समर्पण क्या है?” और उसने मुझसे पूछा है कि क्या हमारे पास एक स्वतंत्र इच्छा है या नहीं। ठीक है?

आपके पास अपनी एक स्वतंत्र इच्छा है। खासतौर पर इंसानों के पास है, जानवरों के पास नहीं। हम कह सकते हैं, […]

Deeper Meditation London (England)

                                               “गहन ध्यान”

 लंदन, 20 फरवरी 1978

कुली (टोनी पानियोटौ) क्या आपने इसे लिखा है?

श्री माताजी: नमस्ते, आप कैसे हैं?

योगी: बहुत अच्छा, धन्यवाद।

श्री माताजी: परमात्मा आप को आशिर्वादित करें ! आप कुर्सी पर बैठ सकते हैं। आराम से रहो।

योगी: ओह, यह आप की बहुत कृपा है!

श्री माताजी: कुली से कहो कि वह स्वयं के लिए लिख ले।

योगी: वह कर रहा है।

नमस्कार! डगलस आप कैसे हैं? क्या हाल है?

डगलस फ्राई: बहुत अच्छा! […]