Sahasrara Puja: Watch Yourself Campus, Cabella Ligure (Italy)

Sahasrara Puja Talk Cabella, Italy

2002-05-05 

आज एक बहुत महान दिवस है, मुझे कहना चाहिए, सहस्रार मनाने के लिए, सहस्रार की पूजा। यह बहुत ही अद्वितीय बात है, जो घटित हुई है, कि आपके सहस्रार खोले गए।

ऐसे कुछ बहुत ही कम लोग थे, इस पूरे विश्व में। उसमें कुछ सूफ़ी थे, कुछ संत थे। उसमें कुछ और लोग भी थे चीन इत्यादि में। परन्तु बहुत कम, बहुत कम अपने सहस्रार खोल पाए। इसलिए जो कुछ भी उन्होंने कहा, […]

Shri Krishna Puja Campus, Cabella Ligure (Italy)

आज हम यहाँ अपने अन्दर स्थित श्री कृष्ण की पूजा करने के लिए आये हैं।

जैसे कि आप जानते हैं कि सहज योग में आने से पूर्व आप सब परमात्मा को  खोज रहे  थे । आप अलग-अलग जगहों पर गए, बहुत सारी किताबें पढ़ीं और आप में से कुछ लोग भटक गए। और, उस  

खोज में, शायद आप नहीं जानते थे कि आप क्या तलाश रहे थे। जो आप तलाश रहे थे वह था स्वयं को जानना था। सभी धर्मों में यह कहा गया है कि ‘स्वयं को जानो ‘. […]

Guru Puja: Shraddha Campus, Cabella Ligure (Italy)

गुरु पूजा, कबैला, लिगुरे (इटली), २३ जुलाई २०००।

आज हम यहाँ गुरु सिद्धांत के बारे में जानने के लिए आए हैं।गुरु क्या करते हैं,आपके पास जो कुछ भी है,आपके भीतर की सभी बहुमूल्य चीज़ें,वह आपके ज्ञान के लिए उन्हें खोजते हैं। वास्तव में यह सब कुछ आपके भीतर ही है। सम्पूर्ण ज्ञान, सम्पूर्ण अध्यात्म,सम्पूर्ण आनंद, सब यही है।सही समय!यह सब आपके  भीतर समाहित है।गुरु केवल एक ही कार्य करते हैं आपको आपके ज्ञान के बारे में और आपकी आत्मा के बारे जानकारी प्रदान करना। सबके भीतर आत्मा है। हर किसी के अंदर आध्यात्मिकता है।ऐसा कुछ भी नहीं है जो आपको बाहर से मिले।लेकिन यह ज्ञान प्राप्त करने से पहले, […]

Easter Puja: You Can Spread Sahaja Yoga Only Through Love and Compassion Istanbul (Turkey)

Easter Puja. Istanbul (Turkey), 19 April 1998

आज हम ईसा मसीह के पुनरुत्थान का उत्सव मना रहे है | यह ईसा मसीह के जीवन का सबसे बड़ा संदेश है, सूली पर चढ़ना नहीं है | 

किसी भी व्यक्ति को सूली पर टांगा जा सकता है और मारा जा सकता है, किन्तु ईसा मसीह का ये मृत शरीर पुनर्जीवित हो उठा | म्रुत्यु का स्वयं अंत हो गया और उन्होंने इस पर विजय प्राप्त कर ली | 

यह चमत्कार हो सकता है सामान्य मनुष्य के लिए निश्चय ही, […]

Easter Puja: You Have To Grow Vertically Eastbourne (England)

1990-04-22 ईस्टरपूजा प्रवचन : आपको उर्ध्व दिशा में उत्थान करना है। ब्रिटेन,डीपी

आज हम यहाँ पूजा करने जा रहें हैं, ईसा मसीह के पुनरुत्थान की।

और साथ ही उन्हें धन्यवाद देना है,  हमें प्रदान करने के लिए ,एक संत का आदर्श जीवन , जिसे कार्य करना है ,संपूर्ण विश्व  के कल्याण लिए ।

हम ईसा मसीह की बात करते हैं ।हम श्री गणेश   भजन का गायन करते हैं । हम कहते हैं कि हम उनको मानते हैं । विशेष रूप से सहजयोगियों को लगता है कि उनके सभी भाइयों में वे  […]

Shri Mahalakshmi Puja: The innermost stream of Brahmanadi Kolhapur (भारत)

“ब्रह्मनाड़ी की अंतरतम धारा” श्री महालक्ष्मी पूजा

 कोल्हापुर (भारत), ३ फरवरी १९८४।

तो हम सब अब यहाँ इस पवित्र स्थान कोल्हापुर में हैं। देवी ने यहां कोल्हासुर नामक असुर का वध किया, जो एक बहुत ही दुष्ट राक्षस था; जो हाल ही में फिर से पैदा हुआ था, लेकिन उसकी मृत्यु भी हो गई। तो भगवान का शुक्र है कि कोल्हासुर की मृत्यु हो गई!

इस स्थान को विशेष रूप से इसलिए चिन्हित किया गया है क्योंकि धरती माता से महालक्ष्मी ऊर्जा विशेष रूप से देवी महालक्ष्मी से उत्सर्जित हुई थी। और, […]

Shri Ekadasha Rudra Puja: We have to drop out many things Judy Gaddy’s Apartment, New York City (United States)

                                             एकादश रुद्र पूजा

 न्यूयॉर्क सिटी (यूएसए) 

17 सितंबर 1983

तो, भारतीय कैलेंडर के अनुसार आज का दिन, ‘परिवर्तनी एकादशी’ है।

अब, आज चंद्रमा का ग्यारहवां दिन है। ग्यारहवां दिन ‘एकादशी’ है। साथ ही, सहज योग में, आप एकादश रुद्र के बारे में जानते हैं, जो यहां (माथा का उपरी भाग ) है; जो अंततः उन सभी चीजों को नष्ट कर देगा जिनकी अब आवश्यकता नहीं है। जो यहाँ स्थित एकादश है, यह ग्यारहवां है।

लेकिन आज एक विशेष दिन है जहां हम एकादश की शक्ति का उपयोग  […]

Easter Puja and Havan, The Creation of Lord Jesus Nirmala Palace – Nightingale Lane Ashram, London (England)

ईस्टर पूजा, “प्रभु यीशु मसीह का सृजन”| नाइटिंगेल लेन आश्रम, लंदन (इंगलैंड), १९८२–०४–११|

आप सभी को ईस्टर की शुभकामनाएँ। आज हम उस  दिन का उत्सव मना रहे हैं जो बहुत, बहुत महत्वपूर्ण है, पूर्ण रूप से, सबसे अधिक महत्वपूर्ण दिन हम कह सकते हैं जब इतनी महान घटना घटित हुई। और इसे  इसी प्रकार घटित होना था क्योंकि, यह सब एक प्रकार से नियत था| 

मेरे पिछले व्याख्यानों में, मैंने आपको बताया है कि किस प्रकार ईसा मसीह का पहले वैकुंठ में सृजन हुआ। ‘देवी महात्म्य’ के अनुसार – […]

Christ and Forgiveness Caxton Hall, London (England)

इसा मसीह और क्षमा

कैक्सटन हाल,

यूनाइटेड किंगडम (यू.के.)

11 मई, 1981

…उस सत्य की खोजना जिस के बारे में सभी धर्मग्रंथों में वर्णन किया गया है। सभी ग्रंथों में कहा गया है कि, आप का पुनर्जन्म होना है। आप का जन्म होना है, उस  के बारे में पढ़ना नहीं है, सिर्फ यह कल्पना नहीं करनी कि आपका पुनर्जन्म हुआ है, सिर्फ यह विश्वास नहीं करना कि आप का पुनर्जन्म हुआ है या फिर कोई नकली कर्मकाण्ड जो यह प्रमाणित करता है आप दोबारा जन्मे है उस को स्वीकारना नहीं है अपितु निश्चित रूप से हमारे अंदर कुछ घटित होना चाहिए। सच्चाई का कुछ अनुभव तो हमारे अंदर होना ही चाहिए। यह सिर्फ कोई विचार नहीं है कि ये ऐसा है कि, […]

Sympathetic and Parasympathetic London (England)

                  “अनुकंपी और परानुकंपी”

 डॉलिस हिल आश्रम। लंदन (यूके), 24 अप्रैल 1980।

एक्यूपंक्चर वास्तव में उस शक्ति का दोहन है जो पहले से ही हमारे भीतर है। अब उदाहरण के लिए, आपके पेट में एक निश्चित शक्ति है, ठीक है? अब पेट में आपके अन्य अंगों को लगातार इस शक्ति की आपूर्ति की जाती है, तथा अनुकंपी तंत्रिका तंत्र के माध्यम से उसका उपयोग किया जाता है। परानुकम्पी इसे संग्रहीत करता है और अनुकंपी इसका उपयोग करती है।

अब मान लीजिए पेट में कोई बीमारी है। तो अब उसमें जो शक्ति है, […]

How realisation should be allowed to develop Caxton Hall, London (England)

          बोध को कैसे विकसित होने दिया जाना चाहिए

 कैक्सटन हॉल, लंदन, इंग्लैंड। 15 अक्टूबर 1979।

आप में से अधिकांश यहाँ सहजयोगी हैं।

अब जिन लोगों को साक्षात्कार मिल गया है, जिन्होंने स्पंदनों को महसूस किया है, उन्हें पता होना चाहिए कि वे अब दूसरे ही स्वरुप में विकसित हो रहे हैं । अंकुरण शुरू हो गया है, और आपको अंकुरण को अपने तरीके से काम करने देना चाहिए।

लेकिन सामान्य तौर पर, जब हमें बोध भी हो जाता है, […]

This is not the work of mediocres Doctor Johnson House, Birmingham (England)

             “यह औसत दर्जे के लोगों का काम नहीं है”

सार्वजनिक कार्यक्रम, डॉ जॉनसन हाउस, बर्मिंघम (यूके), १६ जून १९७९।

मुझे वास्तव में खेद है कि हम यहाँ एक ऐसी ट्रेन से पहुँचे, जो लेट थी। चीजों को ईश्वर की समय योजना के अनुसार घटित होना होता है, आप अपनी चीजों की योजना खुद नहीं बना सकते। और इसी तरह कभी-कभी किसी को देर से होना पड़ता है और कभी-कभी किसी को समय से पहले होना पड़ता है।

लेकिन एक बात निश्चित है: तुम्हारे अस्तित्व की अंतिम घटना का नियत समय आ चुका है। यह जीव जीवन के विभिन्न चरणों से गुजर रहा है। आप जानते हैं कि, […]

Advice at Bordi Shibir (English part) (भारत)

Sarvajanik Karyakram Date : 22nd March 1979 Place : Mumbai Туре Public Program

[ORIGINAL TRANSCRIPT HINDI TALK Scanned from Hindi Chaitanya Lahari]

आप एक बहुत सुन्दर प्रकृति की रचना हैं। बहुत मेहनत से, तो आखें हैं नहीं हम इसे कैसे जानेंगे और हमारे लिए भी यह नजाकत के साथ, बनाया है। आप एक बहुत विशेष अनन्त योनियों में से घटित होकर इस मानव रुप में स्थित हैं। आप इसलिए इसकी महानता जाएगी। इस प्रकार आपके अन्दर भी कोई चीज ऐसी ही बनी नहीं जान पाते क्योंकि, […]

Ask for the Truth London (England)

                   सार्वजनिक कार्यक्रम

लंदन 20-03-1970

…यह आपको पता होना चाहिए कि मैं ऐसा कुछ बताने वाली नहीं हूँ जो सत्य नहीं है, क्योंकि मैं यहां किसी राजनीतिक लाभ के लिए, व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं हूं। नहीं साहब, मैं यहां स्वयं आपके फायदे के लिए हूं, असलियत के बारे में। यदि आप उपलब्धि चाहते हैं तो इसके बारे में असली बनें।

अब आप खुद ही देख लीजिए कि ऐसा होता है या नहीं। आप अपनी खुली आंखों से देख सकते हैं – […]

Spirit, Attention, Mind Finchley Ashram, London (England)

                                                                “आत्मा, चित्त, मन”

 फिंचली आश्रम, लंदन (यूके), 20 फरवरी 1978

… और वह हमें एक साधन के रूप में उपयोग कर रहा है। साथ चलो!

जैसा की मैंने कहा।

अब क्रिस्टीन ने मुझसे पूछा था, “हमारा समर्पण क्या है?” और उसने मुझसे पूछा है कि क्या हमारे पास एक स्वतंत्र इच्छा है या नहीं। ठीक है?

आपके पास अपनी एक स्वतंत्र इच्छा है। खासतौर पर इंसानों के पास है, जानवरों के पास नहीं। हम कह सकते हैं, […]

Deeper Meditation London (England)

                                               “गहन ध्यान”

 लंदन, 20 फरवरी 1978

कुली (टोनी पानियोटौ) क्या आपने इसे लिखा है?

श्री माताजी: नमस्ते, आप कैसे हैं?

योगी: बहुत अच्छा, धन्यवाद।

श्री माताजी: परमात्मा आप को आशिर्वादित करें ! आप कुर्सी पर बैठ सकते हैं। आराम से रहो।

योगी: ओह, यह आप की बहुत कृपा है!

श्री माताजी: कुली से कहो कि वह स्वयं के लिए लिख ले।

योगी: वह कर रहा है।

नमस्कार! डगलस आप कैसे हैं? क्या हाल है?

डगलस फ्राई: बहुत अच्छा! […]

Devi Puja: “Our roots have to go down into dharma” Djamel Metouri House, St Albans (England)

देवी पूजा : “हमारी जड़ों को धर्म की गहराई में जाना होगा,” जमेल का घर, सेंट एल्बंस, इंग्लैंड,  

6 जुलाई, 1977                                                                 

तो आज मैं आपको पवित्रता के बारे में बताना चाहती हूं। वह मेरा नाम है, आप जानते हैं कि, निर्-मला। ‘नी’ का अर्थ है ‘नहीं’; ‘मला’ का अर्थ है ‘अशुद्धियाँ’। जिसकी कोई अशुद्धता नहीं है, वह निर्मला है, और वह देवी के नामों में से एक है।

पवित्रता एक आंतरिक गुण है। यह मौन में बोलता है। यह सबसे गैर-आक्रामक गतिविधियों में से एक है। यह आप में पैठ जाता है। यह किसी भी तरह से व्यक्त नहीं करता है। प्रेम भी शब्दों में, […]

Guru Puja: “The promises you have to make” London (England)

                          गुरु पूजा, “जो वादा आप को करना है”

आज आप के गुरु की पूजा का दिन है : जो की आपकी माता है। और जैसा कि मैंने आपको बताया, यह एक बहुत ही अनोखी घटना है कि स्वयं माता, को आपका गुरु बनना पड़ा है।

और आप यह भी जानते हैं कि एक माँ के लिए एक गुरु होना बहुत मुश्किल काम है, क्योंकि उसका प्यार इतना अति-बहता है कि उसके लिए अपने बच्चों को कोई भी अनुशासन देना मुश्किल है। वह अपने प्यार को अनुशासित नहीं कर सकती, […]