Shri Adi Kundalini Puja, Pure Love Campus, Cabella Ligure (Italy)

Shri Adi Kundalini Puja, Pure Love आज हम यहां आदि-कुंडलिनी और आपकी अपनी कुंडलिनी, दोनों की पूजा करने के लिये एकत्र हुये हैं क्योंकि आपकी कुंडलिनी आदि कुंडलिनी का ही प्रतिबिंब है। हम कुंडलिनी के विषय में बहुत कुछ समझ चुके हैं और हम यह भी जानते हैं कि कुंडलिनी के जागृत होने से ….. इसके उत्थान से हम चेतना की अथाह ऊंचाइयों को छू चुके हैं। ऐसा नहीं है कि हम मात्र चेतना के उच्च क्षेत्रों तक उठे हैं ….. इसने हमें कई शक्तियां भी प्रदान की हैं ….. आध्यात्मिकता के इतिहास में पहले कभी भी लोगों के पास कुंडलिनी को जागृत करने की शक्ति नहीं थी। जैसे ही उनकी कुंडलिनी जागृत होती थी वैसे ही वे या तो दांये या बांये की ओर चले जाते थे और शक्तियों को प्राप्त करने का प्रयास किया करते थे और ऐसी शक्तियों को प्राप्त करने का प्रयास करते थे जो लोगों के हित के लिये नहीं होती थीं। बुद्ध ने स्पष्ट रूप से कहा था कि भविष्य में जब बुद्ध का पुनर्जन्म होगा …. तो मात्रयात् के रूप में होगा … अर्थात तीन माताओं की शक्तियां जिसमें निहित होंगी ……. जब वह इस धरती पर आयंगी उस समय इन शक्तियों को लोगों के हित के लिये उपयोग किया जायेगा। यह एक प्रतीकात्मक बात है …… लोगों के हित के लिये न कि केवल सहजयोगियों के लिये। जब तक कि जो बुद्ध अर्थात आत्मसाक्षात्कारी हैं …. कुंडलिनी के विज्ञान के विषय में नहीं जान जाते तब तक ये कैसे संभव है? जिन Read More …

श्री आदी कुंडलिनी पूजा (Germany)

श्री आदी कुंडलिनी पूजा, वील्बर्ग (जर्मनी), 11 अगस्त 1991। आज हम यहां आदी कुंडलिनी के साथ ही अपनी कुंडलिनी की पूजा करने के लिए यहां इकट्ठे हुए हैं। सबसे पहले, मुझे लगता है कि सबसे महत्वपूर्ण बात है, स्वयं की कुंडलिनी के बारे में समझना, क्योंकि आत्मसाक्षात्कार ही आत्म-ज्ञान है। और जो आपको आत्म-ज्ञान देता है वह है, आपकी अपनी कुंडलिनी , क्योंकि जब वह उठती है तो, वह इंगित करती है कि आपके चक्रों पर क्या समस्याएं हैं। अब, हम कहते हैं कि यह शुद्ध इच्छा है, लेकिन हम नहीं जानते कि शुद्धता क्या है|इसका तात्पर्य है तुम्हारी पवित्र इच्छा,| इसका अर्थ है कि इसमें कोई वासना, लालच, कुछ भी नहीं है। यह शक्ति तुम्हारी माँ है और आपकी त्रिकोणीय हड्डी में बस जाती है। वह आपकी मां है वह तुम्हारे बारे में सब कुछ जानती है, यह एक टेप रिकॉर्डर की तरह है वह आपके बारे में सबकुछ जानती है और वह पूर्ण ज्ञान है – क्योंकि वह बहुत शुद्ध है और जो भी चक्र वह छूती है, वह यह भी जानती है कि उस चक्र में क्या गलत है – पहले से ही। तो वह काफी तैयार है, और वह खुद को पूरी तरह से समायोजित करती है ताकि आपको उसके जागरूकता से कोई समस्या न हो जाए। यदि कोई चक्र संकुचित है, वह प्रतीक्षा करती है और धीरे धीरे उस चक्र को खोलती है। अब, यह कुंडलिनी मौलिक शक्ति है जो आपके भीतर परिलक्षित होती है। और तुम्हारे भीतर, एक इंसान में यह ऊर्जा के कई Read More …