Two minds, lying vertically parallel on both the sides of the Sushumna मुंबई (भारत)

                         सुषुम्ना के समानांतर दोनों तरफ स्थित दो मन  

 मुंबई, भारत, 19-02-1975

कल मैंने आपको हमारी रीढ़ की हड्डी में कुंडलिनी की स्थिति के बारे में और यह क्यों मौजूद है, और इसके कार्य क्या हैं, बताया। ईश्वर ने मनुष्य को अपनी ही छवि में बनाया है और ये सभी चीजें जो मैंने आपको कल बताई हैं, वे सबसे पहले विराट के शरीर में निर्मित हुई हैं,  जो कि ईश्वर का वह पहलू है जिसमें वह सब जो निर्मित है, […]