Gudi Padwa, Meditation in thoughtless awareness New Delhi (भारत)

[Hindi translation from English]

“गुड़ी पड़वा, “विचारहीन जागरूकता में ध्यान”

दिल्ली (भारत), 30 मार्च 1976।

हम ध्यान नहीं कर सकते; हम केवल ध्यान में हो सकते हैं। जब हम कहते हैं कि हम ध्यान करने जा रहे हैं तो इसका कोई अर्थ नहीं है। हमें ध्यान में रहना होगा। या तो आप घर के अंदर हों या घर के बाहर। ऐसा नहीं हो सकता की आप घर के अंदर हो  और फिर कहें कि: “अब मैं घर के बाहर हूं।” […]