Shri Pallas Athena Puja: You have to be sincere and honest

Athens, Sahaja Yoga Center in Athens (Greece)

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                            श्री पल्लेस एथेना पूजा 

एथेंस (ग्रीस), 26 अप्रैल 1993। 

मेरे लिए यह बहुत अच्छा दिन है कि यहां इतने सारे सहज योगी को मिल रही हूँ जो इस देश, ग्रीस से हैं। जब मैं पहली बार ग्रीस आयी थी, मैंने अपने पति से कहा था कि यह देश चैतन्य से भरा है और इस देश में कई विकसित आत्माएं रही हैं, लेकिन शायद लोगों ने अपनी विरासत खो दी है, लेकिन वातावरण में चैतन्य हैं और एक दिन सहज योग यहां बहुत समृद्ध होना चाहिए। और किसी तरह, हम कुछ नौकरशाहों से मिले जो यूनानी थे और उनके साथ अनुभव अच्छा नहीं था और मेरे पति ने कहा कि “अगर आपने कहा कि यूनानी वास्तव में धार्मिक लोग हैं, तो इन लोगों को देखें। वे मेरे लिए क्या कर रहे हैं? मैंने कहा, “वे नौकरशाह हो सकते हैं और सभी जगह  नौकरशाहों के बारे में, आप यह नहीं कह सकते हैं कि वे किस तरह के लोग हो सकते हैं।” लेकिन, कुल मिलाकर, चैतन्य बहुत, बहुत अच्छा था, इसमें कोई संदेह नहीं है, और मैं यहां सभी स्थानों पर गयी, जैसे मैं डेल्फी गयी, मैं एथेना के मंदिर और सब कुछ देखने के लिए वहां गयी। सभी रुचि के स्थानों पर, उन्होंने मुझे विशेष रूप से मेरे लिए, चक्कर लगाया, क्योंकि वह अपने सम्मेलन में व्यस्त थे, इसलिए उन्होंने मुझे हर जगह घुमाया। और हर जगह मुझे लगा – यहां तक कि मैंने जो समुद्र महसूस किया वह बहुत सुंदर था। यह था करीब – मुझे लगता है कि मैं कम से कम पंद्रह साल पहले आयी थी, शायद चौदह साल पहले। और मुझे लगता है कि अब आप लोगों के माध्यम से चैतन्य वापस आ रहा है और पूरी जगह फिर से वायब्रेट कर रही है।अब, आपको यह समझना होगा कि आप लोगों की बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है क्योंकि आपको  रणनीतिक रूप से ग्रीस में रखा गया हैं, आप देखिए। ग्रीस और इटली, मेरा मतलब है कि तुर्की, दोनों बहुत महत्वपूर्ण हैं। सबसे पहले, आप पूर्वी पक्ष और पश्चिमी पक्ष के बीच का सेतु हैं और हर किसी को इन दोनों क्षेत्रों में किसी न किसी तरह से प्रबंधन और नियंत्रण में दिलचस्पी है, ताकि वे पूर्वी और पश्चिमी पक्ष को नियंत्रित कर सकें। मेरा मतलब विशेष रूप से पश्चिमी देशों से है।अब आपके पास सबसे बड़ा खतरा यह है कि यह पश्चिमी संस्कृति आपको हड़पने की कोशिश कर सकती है और जो बहुत खतरनाक है। इसे समझने के लिए, आपको यह जानना होगा कि आप एक बहुत महान परंपरा से आने वाले लोग हैं, प्राचीन काल के लोग, भारतीयों की तरह, और  अपने व्यवहार के माध्यम से यूरोप की संस्कृति को सुधारने के लिए आप बहुत कुछ कर सकते हैं। इन लोगों की तरह हम यहां आ रहे हैं, पर्यटक आ रहे हैं और वे यूनानियों के व्यवहार को देखते हैं और वे देखते हैं कि वे बहुत अच्छी तरह से यूरोपीय लोगों को प्रभावित कर सकते हैं, सोचते हैं कि यूनानियों को उनकी संस्कृति से, उनके सस्ते जीवन से बहुत आसानी से प्रभावित किया जा सकता है।तो, जैसा कि आप पारंपरिक लोग हैं, जमीन से जुड़े ,तथा आप लोगों ने बहुत सारी चीजे जीवन में जानी हैं |सर्वप्रथम अपने देश की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को समझना सबसे महत्वपूर्ण है। सहज योगियों के लिए इस तरह शिक्षित होना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि कल आपको अन्य लोगों से बात करनी होगी और आपको उन्हें एथेना के बारे में बताना होगा, आपकी परंपराओं के बारे में, आपकी पृष्ठभूमि के बारे में और यह कैसे सहज योग से  जुड़ा है, मदर मैरी से,ईसा मसीह से, और उन सभी चीजों से जुड़ा है। इसके लिए, यह बहुत आवश्यक है कि हम सभी को इस देश की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को समझने और अपने आप को इस तरह शिक्षित करने की कोशिश करनी चाहिए कि आप सहज योग के बारे में बात कर सकें।

जैसा कि आप जानते हैं, एथेना के हाथ में कुंडलिनी है और आप देख सकते हैं कि वह स्पष्ट रूप से आदि शक्ति थी। दरअसल, संस्कृत भाषा में “अथा” का अर्थ है “मौलिक”। तो वह आदि माँ थी। क्योंकि यूनानियों और भारतीयों के बीच कोई संबंध नहीं बचा था, इसका मतलब है, अनुवाद नहीं था और उन्हें नहीं पता था कि “एथेना” का क्या मतलब है। लेकिन भारतीयों को पता है कि यह है – यह आदि शक्ति के प्रकट होने का स्थान है क्योंकि “देवी महात्म्यम” में, यदि आप पढ़ते हैं, तो आपको पता चलेगा कि उन्होंने ग्रीस को मणिपुरद्वीप [???] के रूप में वर्णित किया है। अर्थात मणिपुर में द्वीप है। मणिपुर यह नाभी चक्र है। तो नाभी में एक ऐसा द्वीप है जहाँ यह ग्रीस है, जहाँ देवी निवास करती हैं। मणिपुर चक्र वह है जहाँ वह रहती है।

और इसलिए, इस एथेना का वर्णन किया गया है, तब जब मैं उसके मंदिर गयी तो मैंने पाया कि भगवान के बच्चे के लिए छोटा मंदिर था। वह श्री गणेश थे। और फिर, जब मैं डेल्फी गयी, जब मैं भी वहां गयी, तो मैं यह देखकर हैरान रह गयी, उन्होंने मुझे एक स्तूप दिखाया, कहा, “यह पूरे ब्रह्मांड की नाभि है।” मैंने कहा, “यह सही है।” लेकिन जब मैंने चक्कर लगाया तो बहुत सारे चैतन्य थे और मुझे पता चला कि वहाँ एक गणेश प्रतिमा है। जब ग्रीगोइरे यहां आया तो उसने तस्वीरें और सब कुछ लिया और उसने वह देखा।तो अब आप नाभी  हैं। आप यहाँ पूरे ब्रह्मांड की नाभी में बैठे हैं। तो नाभी कितनी महत्वपूर्ण है? आप अच्छी तरह से जानते हैं, कि नाभी चक्र खराब हो जाता है और एक इंसान के लिए सारा जीवन दुखी हो जाता है।

तो, नाभी के दाईं ओर, जैसा कि आप देख रहे हैं, लीवर (यकृत) है और क्योंकि, निश्चित रूप से, हमारे पास बहुत से दार्शनिक थे, वे बहुत सोचते थे और उन्होंने बहुत सारी त्रासदियों का निर्माण किया, आप ग्रीक त्रासदी से सुपरिचित  हैं, जहां विवाह प्रणाली थोड़ी चुनौती पूर्ण थी, कि यहाँ ,कहते है दो पुरुष, एक महिला या शायद दो महिलाएं, एक पुरुष थे और उन्होंने शादी से कभी खुशी महसूस नहीं की। अतःबायीं नाभी पर  लगातार हमला हुआ| इस तरह की त्रासदी के लिए, उन्होंने बहुत लिखा, मैं कहूंगी, इतने सारे नाटक और उन्होंने उन्हें यहां खेला और इतने सारे नाटक में दिखाया गया कि दो पुरुष और एक महिला या दो महिलाएं और एक पुरुष हैं और पति पत्नी के बीच कोई पवित्र संबंध नहीं है। और वह त्रासदी थी। इसे ग्रीक त्रासदी के रूप में जाना जाता है। यह सभी काल्पनिक है और देखिये लोग,लेफ्ट साइडेड हो गए | वे सोचने लगे, “ओह, यह जीवन एक दुख है। त्रासदी है। क्या करे? हमें क्यों करना चाहिए – हमें यह दिखाने की कोशिश क्यों करनी चाहिए कि हम खुश हैं? हम बहुत दुखी लोग हैं। ” और इन सभी चीजों की शुरुआत यहां से हुई।

फिर ये आए – आपका रूढ़िवादी चर्च। अब यह रूढ़िवादी चर्च एक और है, जो निश्चित रूप से, वास्तव में है – महिलाओं के साथ बहुत अच्छा व्यवहार नहीं करता है और उनके साथ ऐसा व्यवहार करता है जैसे कि वे हर समय अपवित्र हैं। निश्चित समय पर वे चर्च नहीं जा सकती और वे लोगों को नहीं छू सकती, सभी प्रकार के निरर्थक विचार। इसने भी महिलाओं को बहुत लेफ्ट साइडेड बना दिया । फिर, सबसे ऊपर, जब यह सब त्रासदियां हो रही थी और यह, अचानक आर्थिक समस्या सामने आई और लोगों को बहुत परेशानी हुई। तो यहाँ लेफ्ट साइड समस्या बहुत-बहुत मुख्य बन गई, और यही मैं सोचती हूं कि इनमें से कई लेफ्ट साइडेड भुत वाले संगठन शुरू हो गए और कई गुरु आए जिन्होंने आपको दुखी महसूस करवाया। लेकिन सबसे बुरा जो ग्रीक चर्च द्वारा किया गया था, जिसने आपको बहुत दोषी महसूस करवाया । इसलिए आप बहुत लेफ्ट साइडेड हो गए।

अब यह लेफ्ट साइड बाद में उन लोगों द्वारा प्रति-संतुलित की गयी, जो अतिसक्रिय होने लगे थे, बहुत अधिक सोच रहे थे, बहुत मेहनत वगैरह कर रहे थे| लेकिन फिर भी, मुझे लगता है कि वे बहुत मेहनत नहीं करते हैं क्योंकि उन्हें काम करना चाहिए। वे यूनानी आलसीपन में हैं। वे आलसी तरफ हैं। बेशक, सहज योगी नहीं हैं। सहज योगियों ने बहुत मेहनत की है, मैं वह सब बहुत स्पष्ट रूप से देख सकती हूं, लेकिन अन्यथा –

इसलिए, अब ग्रीस में सहज योग को सामने लाना महत्वपूर्ण है, सबसे पहले यह जानना है कि हमारी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि क्या है। दूसरा [???] बहुत अच्छी तरह से चक्रों और केंद्रों के ज्ञान से सुसज्जित होना चाहिए और इन केंद्रों को कैसे बेहतर बनाया जाए। यदि आपके पास वह ज्ञान नहीं है, तो आप लोगों का सामना नहीं कर सकते। यह नहीं है कि केवल पुरुषों को पता होना चाहिए; महिलाओं को भी इसके बारे में सब कुछ पता होना चाहिए। चक्र क्या हैं, वे कैसे काम करते हैं और उनके परिणाम क्या हैं, हम कैसे पीड़ित हैं क्योंकि हमारे चक्र खतरे में हैं। यह सब ज्ञान आपको मुफ्त में  है। आपको इस ज्ञान के लिए भुगतान नहीं करना होगा। केवल एक चीज, रोजमर्रा के जीवन में, जब आप सहज योग का उपयोग करते हैं, तो आपको पता चलेगा कि मैं जो कह रही हूं वह बिल्कुल साकार है। आप इसे सत्यापित कर सकते हैं। यह ऐसा ही है । यह कोई  हवाई बात नहीं है। बिलकुल है। हम वह सब कुछ साबित कर सकते हैं जिस पर हमें विश्वास है और हम दूसरों को भी दिखा सकते हैं कि यही सत्य है। एक अटल सत्य है। हम यहां किसी प्रकार की कट्टरता या नस्लीयता या उस तरह की किसी भी चीज को फैलाने के लिए नहीं हैं, बल्कि हम यहां पूरी दुनिया को एक समझ के साथ जोड़ने के लिए हैं कि हम एक ब्रह्मांड के हैं और हमारा एक सार्वभौमिक धर्म है।

अब, लोग आपसे तब पूछेंगे, “क्या आप को हमारा धर्म छोड़ना होगा?” आपको उन्हें यह बताने की ज़रूरत नहीं है कि आपको अपना धर्म छोड़ना है, ऐसा कहना नहीं है। आपको उनके साथ बिल्कुल भी कठोर नहीं होना चाहिए। इसके विपरीत, “नहीं, नहीं, नहीं, कुछ भी नहीं करना है। आप बस सहज योग में आएँ और अपनी आत्मा को पा ले । धीरे-धीरे यह खुलने लगेगा। ” यह आप सभी के साथ हुआ है कि पहले जब आप सहज योग में आए थे तब आप एक अलग आकार में थे। अब धीरे-धीरे आप खुलने लगे, आप परिपक्व हुए और आपने सहज योग को अच्छी तरह से समझ लिया। उसी तरह, आपको उसी समझ, करुणा और प्रेम के साथ दूसरों को उसी तरीके से सिखाना चाहिए। अन्यथा, आम तौर पर लोग सोचते हैं कि किसी की हर समय निंदा करनी है। बेशक, कुछ ऐसे लोग हैं जो बुरे प्रभाव में हैं और आप उनके साथ नहीं जा सकते हैं, लेकिन आप में से अधिकांश को पता होना चाहिए कि हमें अपनी करुणा, प्रेम और दूसरों की भावनाओं के बारे में बहुत समझ के माध्यम से सहज योग में और अधिक लोगों को प्राप्त करना है।

मैंने पाया है कि यहां तक कि ऐसे देश जहां इतने समय तक सहज योग रहा है, अचानक कोई व्यक्ति आता है और परेशानी देना शुरू कर देता है और देखिये, भूतो के प्रकार की चीजे और दुर्व्यवहार होने लगता हैं। अचानक, ऐसा होता है। ऐसा व्यक्ति, आप जानते हैं, यदि यह सूचित किया जाता है, तो हम उसे सहज योग से निकाल सकते हैं। हम उसे शुद्ध कर सकते हैं। लेकिन आप सभी को निश्चित रूप से एक बात पता होनी चाहिए कि आप सभी के पास खुद को ठीक करने, खुद को बेहतर बनाने, दूसरों की मदद करने की शक्तियां हैं। आप खुद ही सब कुछ कर सकते हैं। आप सभी के पास ये शक्तियां हैं, लेकिन केवल एक चीज आपको सच्चा और ईमानदार होना है। यदि आप सच्चे और ईमानदार नहीं हैं, तो यह कभी काम नहीं करेगा। इसके विपरीत, यह पलट वार करेगा।

तो, सहज योग में, यह उद्देश्य की ईमानदारी बहुत महत्वपूर्ण है। आपके पास इस उद्देश्य की पूरी ईमानदारी होनी चाहिए कि सर्वप्रथम आप अपनी आत्म-मुक्ति को प्राप्त करने के लिए आये हैं। और दूसरी बात, आप यहां दूसरों की मदद करने के लिए हैं। पूरी दुनिया में सभी लोगों को अब मदद की आवश्यकता है। बहुत सारी समस्याएँ हैं, इतनी सारी तबाही है, तो कई भयानक चीजें जो हम जानते हैं की प्रतिदिन हो रही है । इसलिए अब हमें ऐसे लोगों की आवश्यकता है जो ठोस हैं, जो संतुलित हैं, जो शांतिपूर्ण हैं, जो समझते हैं कि क्या सही है और क्या गलत है। लेकिन इसके अलावा, आपको पता होना चाहिए कि आपने अब परमेश्वर के राज्य में प्रवेश किया है। बहुत से लोग कहेंगे, “सब ठीक है, हम बहुत धार्मिक थे, हम ईसा मसीह से प्रार्थना कर रहे थे, हम इससे  प्रार्थना कर रहे थे, उस एक से प्रार्थना कर रहे थे। हमें क्या मिला? ” आप इसे प्राप्त नहीं कर सकते क्योंकि आप जुड़े नहीं हैं। आपको जुड़ना है। एक बार जब आप उससे जुड़ जाते हैं, तो आप पाएंगे कि हालत बदलना शुरू हो जाते हैं।

लेकिन ईमानदारी, अपने आप में विश्वास बहुत महत्वपूर्ण है। आपको खुद पर विश्वास होना चाहिए कि आप काफी सक्षम, काफी सक्षम व्यक्ति हैं और आप बहुत ही उच्च स्तर की जागरूकता प्राप्त कर सकते हैं जिसके द्वारा आप कई चीजों को कार्यान्वित कर सकते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस प्रकार की पृष्ठभूमि से आते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस प्रकार के देश में आते हैं, वंश, कुछ भी। आप सभी बहुत अच्छा कर सकते हैं और हमने कई देशों में ऐसा होते देखा है जहाँ हमें बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी। उदाहरण के लिए, रूस जैसा देश सोचिये, उन्होंने कभी किसी ईश्वर की पूजा नहीं की। वे भगवान के बारे में नहीं जानते थे। उन्हें किसी भी धर्म, किसी भी चीज़ के बारे में जानने की अनुमति नहीं थी, लेकिन अचानक मैं वहां गयी, मुझे नहीं पता, अचानक उन्होंने मुझे पहचाना। बस उन्होंने  मुझे पहचान लिया और केवल मेरी तस्वीर के साथ मैं उन्हें वहीं पाती हूं। मैं चकित थी कि पहली बार मैं लेनिनग्राद गयी थी हॉल में दो हजार सीटें थीं, लेकिन बाहर वे सभी खड़े थे। मैंने कहा, “वे बाहर क्यों खड़े हैं?” उन्होंने कहा, “सभी सीटें भरी हुई हैं, माँ, और ये अतिरिक्त लोग हैं। दो हजार से अधिक बाहर हैं। ” तो मैंने कहा, “यह बहुत ज्यादा है।” और इसलिए उन्होंने कहा, “माँ, हमारे बारे में क्या?” मैंने कहा, “सब ठीक है, मुझे कार्यक्रम खत्म करने दो।” अंदर गई, कार्यक्रम किया, सब कुछ हुआ और आप हैरान रह जाएंगे की ,जब अंदर कार्यक्रम चल रहा था तब जो लोग बाहर थे वे अभी भी इंतजार कर रहे थे। मैंने लोगों को आत्मसाक्षात्कार दिलाया और बहार वे इंतजार कर रहे थे, इंतजार कर रहे थे। जब मैं बाहर आयी तो मैंने उन्हें दिया। मैंने कहा, “अब, क्या करना है? मैं अभी आपको आत्मसाक्षात्कार नहीं दे सकती तो उन्होंने कहा, “ठीक है, हम क्या करें?” मैंने कहा, “कल सुबह आप आ सकते हैं?” उन्होंने कहा, “ठीक है।” तो वे सब जो अंदर थे और जो बाहर थे, वे सब आकर उस खुले मैदान में बैठ गए और मैंने उन्हें आत्मसाक्षात्कार दिलाया।

इसलिए यह पहली शुरुआत है, लेकिन अब मॉस्को या किसी भी जगह पर हमें एक बड़ा, बड़ा स्टेडियम आरक्षित करना होता है। चौदह से सोलह हजार लोग हैं और आत्मसाक्षात्कार दिया जा रहा है। लेकिन उन्हें सहज योग को स्वीकार करने की इतने फुर्तीले है, मुझे स्वीकार करने के लिए इतनी जल्दी , [इतनी ???]] सहज योग को समझने की जल्दी। मैं अभी कल्पना नहीं कर सकती कि इन रूसियों को यह क्षमता कैसे मिली है। वहाँ वापस जाने का कोई सवाल नहीं, उनकी ईमानदारी को चुनौती दिए जाने का कोई सवाल नहीं है। उनके खुद पर संदेह करने का कोई सवाल ही नहीं है, कुछ भी नहीं। इतना और बस इतना सब कुछ, इतना कि मुझे कभी-कभी लगता है कि इस लोकतंत्र ने हमें नुकसान पहुंचाया है। बेशक, लोकतंत्र के कारण, हम सहज योग कर सके, ठीक है, परन्तु लोगो की स्थिति क्या है ,कभी-कभी बहुत मूर्खतापूर्ण। जैसे,अमेरिका में, मुझे लगता है कि वहां बहुत ही मूर्ख लोग रहते हैं और वे केवल अपने बाथरूम और उनके पर्दे और उनके साबुन [] या,सूप] चुनने में व्यस्त थे और वे हमेशा चुनेंगे , वे केवल उन सभी निरर्थक चीजों के साथ व्यस्त होंगे। वे बहुत मूर्खतापूर्ण हैं, जबकि रूस में लोग, यहां तक कि कलाकार और वैज्ञानिक भी इतने समझदार, इतने गहरे, इतने आत्म निरीक्षक हैं। 

मैंने वैज्ञानिकों के साथ एक सम्मेलन किया। उनमें से लगभग तीन सौ थे और मैंने उनसे विज्ञान के बारे में बात करना शुरू किया। मैंने सोचा, विज्ञान से बेहतर शुरुआत करें। उन्होंने कहा, “माँ, विज्ञान नहीं, अब कोई और विज्ञान नहीं।” हमें ईश्वर का विज्ञान बताएं। ” ऐसे खुले विचारों वाले लोग। हमारे पास रूस में दो सौ डॉक्टर हैं जो सहज योग का अभ्यास कर रहे हैं और यह साइबेरिया तक फैल गया है। अब, इस लोकतंत्र का क्या उपयोग है, जो हमें ईश्वर के पास नहीं ले जाता है। इससे हमें यह समझ में नहीं आता कि हमें ईश्वर की तलाश करनी चाहिए और हमें ईश्वर के प्रति विनम्र होना चाहिए। तो इस तरह के लोकतंत्र और इस तरह की आजादी के होने का क्या फायदा, जिसने हमें पागल और मूर्ख बना दिया है? और यह किसी भी लोकतांत्रिक देश के बारे में बहुत सच है क्योंकि आपको पता होना चाहिए कि लोकतंत्र धन-उन्मुख है। और आप जानते हैं कि ग्रीक भी बहुत धन-उन्मुख लोग हैं। बेशक, वे अमेरिकियों जितने खराब नहीं हैं, लेकिन वे धन-उन्मुख हैं। इसके अलावा, इटालियंस बहुत धन-उन्मुख हैं, लेकिन सबसे खराब भ्रष्टाचार है। अब इटली बेनकाब हो रहा है। मुझे यकीन है कि आपका देश भी बेनकाब हो जाएगा। इन सभी देशों का पर्दाफाश होना है। लेकिन, सबसे पहले, सहज योगियों को दृढ़ व्यक्ति होना होगा। उन्हें बहुत, बहुत दृढ़ होना चाहिए और उन्हें पता होना चाहिए कि सहज योग केवल आत्मा-उन्मुख है, अन्य कुछ भी नहीं केवल आत्मा-उन्मुख है, कि आपको अपनी आत्मा को प्रबुद्ध करना होगा, कि आपकी आत्मा को सब कुछ काम करना होगा, कि आप यह शरीर नहीं हैं , यह पैसा, यह स्थिति, ये शक्तियां, कुछ भी नहीं। लेकिन आप आत्मा हैं। यही है जो व्यक्ति को जानना चाहिए। मुझे बताया गया कि आपके लिए कबेला में पूजा के लिए आना बहुत मुश्किल है और आप सभी इसमें शामिल नहीं हो सकते हैं, लेकिन गुरु पूजा के दौरान आपको एक सप्ताह लगता है। आप नाव से या कुछ इस तरह से आ सकते हैं, आपके लिए नाव से जेनोआ आना आसान होगा और फिर हम आपके आने पर जरुरी व्यवस्था कर सकते हैं। गुरु पूजा के लिए आप सभी को आना चाहिए। आप देखें, सहस्रार पूजा और गुरु पूजा बहुत महत्वपूर्ण हैं और यदि आप गुरु पूजा के लिए आ सकते हैं, तो यह बहुत अच्छा विचार होगा। मुझे लगता है कि इसे आयोजित और व्यवस्थित किया जा सकता है कि आप गुरु पूजा में आ सकते हैं। मुझे यह पता है की, मैं जहां भी होती हूं, जैसे,अगर इसे मैं यहां रखूं, तो बाकी सभी लोगों के लिए यह बहुत दूर होगा। इसलिए मैंने सिर्फ मिलान के केंद्र में होने के कारण उसके बारे में सोचा था कि यह इंग्लैंड के करीब होगा, अन्य यूरोपीय देशों के करीब होगा। [???], अमेरिकियों और दक्षिण अमेरिकियों को बहुत मुश्किल लगता है, इसलिए इस बार हमें दक्षिण अमेरिकियों के  आने के लिए सभी टिकट, तथा अन्य सब कुछ प्रदान करना था। लेकिन वे बहुत गहरे लोग हैं। मुझे कोलंबिया में आश्चर्य हुआ, वे इतने अच्छे सहज योगी हैं, बहुत सुंदर सहज योगी हैं। बहुत ही सरल स्वभाव के, बहुत अच्छे, पढ़े-लिखे। उनमें से तीन,चार भारत में शादी कर चुके थे और वे बहुत खुश थे …(यह सब ठीक है। इसे भूल जाओ। यह कोई फर्क नहीं पड़ता।)तो, अब इसके लिए दो काम करने होंगे। सबसे पहले, यह है कि आपको सामूहिकता में आना चाहिए। यह बहुत ज़रूरी है। आप सभी को सामूहिकता में आना चाहिए और अपना – अपना चित्त मुझ पर लगाना चाहिए, उन पर नहीं। कृपया अपना चित्त मुझ पर लगाएं। अपना चित्त बहुत अधिक न घुमाएँ। आपको अपना चित्त ठीक रखना होगा। यह बहुत ज़रूरी है,तो आपको – एक काम करना है, सामूहिकता में आना है और अपने चित्त की निगरानी रखना है । आपका चित्त कहाँ है? तुम कहाँ देख रहे हो? क्या आप अपना सिर बहुत ज्यादा घुमा रहे हैं या आप अपना चित्त सीधा रखे हैं? यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आपको अपना चित्त पूरी तरह से लीन रखना चाहिए और उन बैठकों की ओर जो यहाँ आपकी सामूहिकता के लिए हैं। इस तरह, जब आपका चित्त स्थिर होता है, तो आप पाएंगे कि आप निश्चित रूप से निर्विचार जागरूकता में वृद्धि करेंगे, एक ऐसी स्थिति जहां आप आध्यात्मिक प्रगति करते हैं। आपको निर्विचार जागरूकता की उस स्थिति तक उठना होगा जहां आप आध्यात्मिक रूप से विकसित होते हैं। यदि आप निर्विचार जागरूकता में नहीं हैं, तो आप अपनी आध्यात्मिकता में उन्नति नहीं कर सकते। इसलिए यह देखना बहुत महत्वपूर्ण है कि आपका चित्त कहां है। आप अपना चित्त कहाँ लगा रहे हैं? अगर चित्त को नियंत्रित किया जा सकता, तो चीजें ठीक हो जाएंगी।

(वह रो रही है। बच्चा बहुत ज्यादा रो रहा है, मुझे लगता है कि आप इसे थोड़ा बाहर भेज सकते हैं। यह गर्म लग रहा है, मुझे लगता है कि यह अभी मां के साथ ठीक है  है।)

तो पहली बात सामूहिक में होना है। अब एक बहुत ही भयावह सोच है, कुछ लोगों का यह भी सोच है कि हमेशा सामूहिक को तोड़ना, समस्याओं को पैदा करना, नेताओं की अवहेलना करना है। नतीजतन, नेता भी इतने तंग आ जाते हैं, हार मान लेते हैं। वे कुछ भी नहीं करना चाहते हैं। इसलिए वे अपने स्वयं के विचारों को रखते हैं, वे नेताओं को परेशान करने की कोशिश करते हैं, वे उनके लिए समस्याएं पैदा करते हैं, वे बस हर जगह दिखावा करने की कोशिश करते हैं, जैसे कि वे सब कुछ जानते हैं। ऐसे सभी लोग समूह भी बनाते हैं। इसलिए उनसे सावधान रहें। आपको हमेशा सामूहिकता से जुड़े रहना चाहिए, न कि किसी ऐसे व्यक्ति से जो एक समूह बनाने की कोशिश करता है या जो परेशान करता है या जो चीजों को कठिन बनाता है। आपको समझना चाहिए कि केवल वही जो सामूहिक हैं, विकसित होंगे; जो लोग नहीं हैं, नहीं बढ़ेंगे। क्योंकि जैसे नाखून,उसी तरह आप, अगर आप किसी भी तरह से यदि टूट जाते है, तो बढ़ते नहीं है। अगर आपको नेताओं के साथ कोई समस्या है, तो आप मुझे इस बारे में बता सकते हैं, आप मुझे लिख सकते हैं, मैं इसे कार्यान्वित कर सकती हूं। लेकिन हर समय, इस तरह से करते जाना और इस तरह से समूह बनाना, तोड़ देगा  और ऐसा कोई होगा जो ऐसा करेगा। कुछ नकारात्मक व्यक्ति होंगे जो ऐसा करने की कोशिश करेंगे। इसलिए, आपको बहुत सावधान रहना होगा की सामूहिकता से बाहर नहीं निकलें । आपको हमेशा सामूहिकता का समर्थन करना चाहिए, इस समूह की मदद करनी चाहिए और इसे पोषण करना चाहिए।

जैसा कि आप जानते हैं, मैं उसे यह भी बता रही थी कि अगर उसे पैसे की समस्या है, तो हम कबेला से पैसे दे सकते हैं क्योंकि इससे पहले मैं खुद यात्रा करती थी| यहां तक कि ग्रीस, मैं अपने खर्च पर आयी, सब चीज के लिए भुगतान किया। तो, यह भी देखें, तब स्टोमैटिस को कुछ भुगतान करना पड़ा, जो मुझे बहुत पसंद नहीं आया। वह इतना भुगतान कर रहा था क्योंकि तब हमारे पास इतना छोटा समूह था। लेकिन अब, जैसा कि आपके पास एक बड़ा समूह है, आप जिम्मेदार महसूस करते हैं; आप इसके लिए भुगतान करना चाहते हैं। ठीक है, कोई बात नहीं है। लेकिन आपको सहज योग के लिए भुगतान नहीं करना पड़ा , अपने बोध के लिए नहीं, सहज योग के ज्ञान के लिए नहीं। यह तो पहले ही यहाँ है। और इसलिए लोग आपके दिमाग में विचार डालना शुरू कर देंगे कि यह क्यों, क्यों सब यह और वह। ऐसे लोगों को आपको बाहर रखना चाहिए क्योंकि आप यहाँ अपनी आध्यात्मिकता को विकसित करने के लिए हैं न कि इन मूर्ख लोगों को सुनने के लिए जो कष्टदायी हैं। तो सबसे अच्छा यह है कि आप अपना, खुद का विकास और खुद के पोषण पर ध्यान दें । यह बहुत ज़रूरी है। तो यह एक तरह से सामूहिक है, परन्तु व्यक्तिगत भी है, क्योंकि सामूहिक रूप से आप जो कुछ भी प्राप्त कर रहे हैं, उस पर आप की निगरानी  होना चाहिए, आपको स्वयं देखना चाहिए कि आप सामूहिकता से क्या प्राप्त कर रहे हैं। 

फिर दूसरा, घर पर, आपको हर दिन, हर दिन, हर दिन, फिर मैं कहती हूं, इसे चूकना नहीं, शाम को सोने से पहले आपको ध्यान करना चाहिए। आप अपने आप को धो सकते हैं, जैसे, जिसे आप कहते हैं, जल उपचार या कुछ भी तो दस मिनट के लिए ध्यान के लिए बैठें। आपको खुद को पंद्रह मिनट देने होंगे और फिर सो जाना चाहिए। यह मानकर कि आप किसी एक रात नहीं कर सके, कोई बात नहीं, लेकिन हर रात ऐसा करने की कोशिश करें। यदि संभव न हो। यदि आप इसे किसी एक रात में नहीं कर पाते हैं, तो आप इसे सुबह कर सकते हैं। लेकिन यह बहुत महत्वपूर्ण है। मैं आसानी से एक व्यक्ति को जान सकती हूं जो ध्यान करता है और जो ध्यान नहीं करता है। यह एक अंतर है, ऐसा अंतर है। किसी ऐसे व्यक्ति को जो हर दिन ध्यान कर रहा है, उसके स्वास्थ्य से, उसके चेहरे से, उसके व्यवहार से,तुरंत जान लें जो कि हर चीज में बहुत अलग है। और जो लोग कोई ध्यान नहीं करते हैं उन्हें न केवल यह पाएंगे कि वे अजीब हैं, बल्कि उनके बच्चे विचित्र हैं, उनके रिश्ते विचित्र हैं, सब कुछ अजीब है।

तो आपके लिए ध्यान एक बहुत ही महत्वपूर्ण भाग है क्योंकि जो महिलाएं भी  गर्भवती होती हैं, जब वे – अगर वे ध्यान नहीं करती, उनके बच्चे विचित्र और दुखदायी बन जाते हैं | यह उस तरह की बात है, की यह हर चीज को प्रभावित करता है। लेकिन आपका ध्यानरत चरित्र, सहज योग का आपका चरित्र सभी को, आपके बच्चों को, आपके परिवार को, आपके समाज को, हर किसी को,मदद करता है, और हर कोई यह जानता है कि, आप किस तरह के परिवार हैं, आप किस तरह के लोग हैं, आप का किस तरह का व्यक्तित्व हैं। और आपसे वे सहज योग तक आते हैं।

तो व्यक्तिगत जीवन में भी सिर्फ ध्यान करना महत्वपूर्ण है , और कुछ नहीं। आपको “निर्विचार”जागरूकता की स्थिति में आना होगा। तो मंत्र है, जैसा कि आप जानते हैं, “निर्विचार”। आपको विचारहीनता की स्थिति में आने के लिए “निर्विचार” के मंत्र का उपयोग करना चाहिए और इस क्षेत्र को, “निर्विचार” जागरूकता के इस स्थान को बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए और यही है कि आप पाएंगे कि आप बहुत विकसित हो रहे हैं। अब जब आप बहुत सारी शक्तियाँ प्राप्त कर लेते हैं, जैसा कि आप बहुत से लोगों को आत्मसाक्षात्कार देते हैं, जो आपके द्वारा इलाज पाते हैं, तो कभी-कभी यह आपके अहंकार को प्रभावित कर सकता है। आप अहंकार के चंगुल में आ सकते हैं। ऐसे लोगों के लिए मेरा कहना है कि आपको आत्म निरीक्षण करना होगा और स्वयं को देखना होगा। आप दर्पण का सामना करें और पूछें कि अब आपको कितना अहंकार है। खुद पर हंसें। एक बार जब आप अपने आप पर हंसने लगते हैं, तो आपका अहंकार बाहर निकल जाएगा और आप समझ जाएंगे कि आपके भीतर इस तरह का अहंकार होना गलत था।

अपने बारे में पता लगाने के बहुत सारे तौर तरीके हैं। अपने आप को बंधन में रखो और अपने हाथों को तस्वीर की ओर रखो, तुरंत आप महसूस कर सकते हैं कि कौन से  चक्र क्या पकड़ रहे हैं और आप जानते हैं कि इसे कैसे निकालना है। इसके अलावा कभी-कभी आप इसे अंदर महसूस करते हैं। यदि आपके चक्र पकड़ रहे हैं, तो आप इसे अंदर महसूस कर सकते हैं और आप इसे महसूस कर सकते हैं, अपने बारे में अपनी उंगलियों पर विभिन्न केंद्र पर ।

तो यह आपके बारे में है जो आपको पता होगा। आप जानते हैं, दूसरों के बारे में,आपको सिर्फ चक्रों पर बात करनी चाहिए। आपको यह नहीं कहना चाहिए, “वह भूतिया है,” या “उसको अहंकार है।”बिलकुल नहीं। लेकिन आपको कहना चाहिए, उनका आज्ञा पकड़ रहा है, ”इसका मतलब है कि उन्हें अहंकार है। आप कह सकते हैं, “उनकी नाभी ख़राब है। उसकी यह बात बुरी है। ” इसलिए भाषा को अब बदलना है। हमें सहज योग की भाषा में बात करनी होगी। यह समझा जाना चाहिए कि अब हम सहज योगी हैं। हमें शक्तियां मिली हैं, हमें कितनी चैतन्य की  शक्तियां मिली हैं। लेकिन अगर आप इन चैतन्य शक्तियों का उपयोग नहीं करते हैं, तो क्या होने वाला है? मुख्य बात यही है की हमें उनका उपयोग करना होगा। हम हमेशा भूल जाते हैं। मैंने देखा, दूसरे दिन वे कोई चीज खोल नहीं पा रहे थे। मैंने कहा, “एक बंधन दो।” एक बंधन दिया और तुरंत इसने यह काम किया, आप देखते हैं। छोटी, छोटी चीजें भी आपको आश्चर्यचकित करती हैं कि अगर कुछ चीज काम नहीं करती है, तो आपको बस एक बंधन देना होगा और यह काम करती है। यह जानना महत्वपूर्ण है कि आप सहज योगी हैं, आप संत हैं और आप बहुत सारी चीजें कर सकते हैं और आपको यह नहीं भूलना चाहिए। आपको यह नहीं भूलना चाहिए कि आप सहज योगी हैं। अब आप कोई सामान्य लोग नहीं हैं। अब आप संत हैं और आप बहुत कुछ कर सकते हैं।यह सब, जब यह काम करता है, तो आप स्वयं आश्चर्य चकित होंगे, कैसे, आपने इन सभी चीजों को कैसे हासिल किया है। और, मैं आपको बताती हूं, लोग मुझे बताते हैं कि वे गुलाबों की तरह दिखते हैं, उन सभी के चेहरे चमकते हैं, वे बहुत सुंदर दिखते हैं और वे यह बता सकते हैं कि आप सहज योगी हैं। मैंने हवाई अड्डे पर भी देखा है कि बहुत से लोग कहते हैं, “वे लोग कौन थे जो इतने प्यारे और सुंदर, चमकदार दिख रहे थे। वो कौन थे? ” इसलिए अगर मैं उनसे कहती हूं कि वे संत हैं, तो उन्हें विश्वास नहीं होता कि संत इतने सारे हो सकते हैं, लेकिन यहाँ हैं और हमने पूरी दुनिया में यह हासिल किया है। पूरी दुनिया में बहुत सारे सहज योगी हैं जो मैं नहीं कह सकती कि कितने हैं, हजारों और हजारों में।

इसलिए, मैं आपको फिर से बताती हूं कि ग्रीस एक ऐसी जगह है जहां आप बहुत कुछ कर सकते हैं। सबसे पहले, आपको खुद को सहज योग में स्थापित करना होगा और आपको यह जानना होगा कि आप क्या हैं, हर समय यह याद रखन कि आप क्या हैं। आप सहज योगी हैं। बच्चों से भी, आपको कहना होगा, “आप एक सहज योगी हैं” ताकि वे उस तरह का व्यक्तित्व विकसित करते हैं, जिससे की वे उचित व्यवहार करते हैं और वे इस तरह से व्यवहार करते हैं जैसे सहज योगी को करना चाहिए।

तो ये सभी बातें सहज योग की शुरूआती बातें हैं, लेकिन मुझे यकीन है कि आपको कबेला से मेरे टेप प्राप्त होने चाहिए और,मुझे यकीन है कि आपको स्वयम के तथा सहज योग के बारे में सभी गहन बातें पता होना चाहिए| यह एक नया युग है जो शुरू हो गया है एक अन्य दिन मैंने कहा कि सतयुग अब शुरू हो गया है। तो यह उस सभी असत्य को उजागर करना शुरू कर देगा, जो भी ,जो कुछ भी झूठा है। वो सब जो झूठे लोग हैं, सब उजागर हो जाएंगे और चीजे जिस तरह से घटित होंगी कि, आप चकित होंगे। और यह एक ऐसा महान समय है जब आप पैदा हुए हैं और यह इतनी बड़ी बात है कि आप सहज योग में आ गए हैं और आपको अपना बोध मिल गया है और आप उन लोगों में से एक हैं जिन्हें इस पूरे ब्रह्मांड को एक उच्च जागरूकता में उन्नत करना है। बेशक, हम यह नहीं कह सकते कि कितने बचेंगे। यह एक और बिंदु है क्योंकि मैं इस बारे में यह जानती हूं कि, विकासवादी प्रक्रिया में, हम चिंपांज़ी से आए थे, बीच में कई खो गए थे, आप जानते हैं, और अब बहुत सारे चिंपांज़ी बचे हैं और मझधार में हैं, लोग खो गए थे। उसी तरह, कई मनुष्यों को अपनी मूर्खता, उनकी आत्म-विनाशकारी आदतें जो उन्होंने बनाई हैं के कारण खो सकते है। लेकिन आपकी जिम्मेदारी बहुत बड़ी है। यह मत सोचो की , “मैं बस औसत दर्जे का हूं। मैं किसी बात में अच्छा नहीं हूँ” कभी नहीँ। ऐसा कभी मत सोचो। आप सभी संत हैं और आप महान चीजों में सक्षम हैं।

परमात्मा आशीर्वाद दे।