New Year’s eve Puja

(भारत)

1998-12-31 New Year Puja Talk, Version 1, Kalwe, India (English), 35' Add subtitles:
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1998-12-31 New Year Puja Talk, Kalwe, India (Hindi/Marathi), 28' Add subtitles:
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1998-12-31 New Year Puja Talk, On Children, Kalwe, India (English), 8' Add subtitles:
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1998-12-31 New Year Puja Talk, Version 2, Kalwe, India (English), 35' Add subtitles:
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New Year Puja – Indian Culture 31st December 1998 Date: Place Kalwe Type Puja Speech-Language English, Marathi & Hindi

आज जो बात कही है वो समझने की बात है कि हम लोग अपने बच्चों पर जो जबरदस्ती, जुल्म करते हैं उसे हम जुल्म नहीं समझते हैं। पर ये बच्चे सब साधू-संत आपके घर में आये हैं, तो आपको उनकी इज्जत करनी चाहिए। उनको सम्भालना चाहिए। उनको प्यार देना चाहिए, जिससे वो पनपे, बढ़े। उनको स्वतन्त्रता देनी चाहिए । वो कभी गलत काम कर नहीं सकते क्योंकि वो संत-साधू है। लेकिन आपकी दृष्टि में फर्क है। आप हर जगह अपना ही एक, मराठी में कहते हैं कि ‘मनगटशाही’ या ‘हिटलर शाही’ सब ‘शाही’ लगाते हैं। इस चीज़ में मेरे खयाल से मुझसे बढ़कर कोई नहीं होगा, मुझे बिलकुल पसन्द नहीं है बच्चों को जरा भी कुछ कहना। मुझे पसन्द नहीं है। अगर कोई ऐसी वैसी बात हो तो उसको समझायें, पर इन बच्चों को पनपना चाहिए। यही इस देश के कल के नागरिक हैं और यही बच्चे आपको करामात करके दिखाएंगे। इन लोगों को, बच्चों को इस कदर स्वतन्त्रता तो उस स्वतन्त्रता से आज मैं देखती हूँ कि कितने बढ़िया हो गये हैं। हालांकि खराबी भी बहुतों की हुई है। अब आपके पास संस्कृति का आधार है। उस आधार पर इन बच्चों को आप सम्भालें, उनको समझाईये कि हमारी क्या संस्कृति हो जाएंगी। हमारे देश के बारे में, वहाँ जो महान लोग हो गये हैं उनके बारे में है, तो बहुत सी बातें सीधी-सरल किसी को कुछ मालूम ही नहीं। कोई कुछ जानता ही नहीं कि कितने त्याग से हमने स्वतन्त्रता को पाया है। इन बच्चों को बताना चाहिए। घर में फोटो लगाने चाहिए जो बड़े-बड़े नेता हो गये हैं। कैसे-कैसे संग्राम हुए हैं वो समझाने चाहिए, स्कूलों में वो समझाना चाहिए, उसी तरह का वहाँ वातावरण होना चाहिए। हम देखते हैं कि बच्चों को सिनेमा एक्टर, एक्ट्रेस सब मालूम है लेकिन अपने यहाँ के लोग जिन्होंने इतना सब त्याग दिया है, इतना सब करके अपने देश को स्वतन्त्रता दिलायी है उनके बारे में तो जानते ही नहीं है । ये बड़ा भारी हमारे यहाँ विरोध है सो बच्चों को बेकार की बातों से तो अच्छा है कि आप उन्हें समझायें, ये बतायें कि जिस देश में पैदा हो उस देश के तुम हुए तुम धरोहर हो कि तुम्हारे लिए क्या-क्या किया गया है, कितना त्याग, किस तरह से किया गया है तब उनके अन्दर देश भक्ति जागेगी और कल के यहाँ जो नागरिक होंगे वो देशभक्त होंगे, वो है तो सहजयोगी, आसान है ऐसे लोगों को देशभक्ति में उतारना, आसान है। आप सबको मेरा अनन्त आशीर्वाद!