Have you been able to know yourself? New York City (United States)

2000-06-16 सार्वजनिक कार्यक्रम, न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य अमेरिका “… एक साथ वे खोज रहे हैं, खोज रहे हैं खोज रहे हैं परन्तु क्या? और उस खोज से आपको क्या प्राप्त होने वाला है ? आप भली-भांति जानते हैं शास्त्रों में ,उन सभी में, यह लिखा है- आपको स्वयं को जानना है। आप स्वयं को नहीं जानते, यही मुख्य बिन्दु है। सर्वप्रथम  आपको स्वयं को जानना चाहिए। अपनी सभी खोजों के साथ, अपने सभी प्रयासों के साथ,  सभी प्रकार की कलाबाजियां करके, क्या आप स्वयं को जानने‌ में सक्षम होंगे? हमें यह प्रश्न पूछना चाहिए । मात्र इसलिए ,क्योंकि कभी-कभी आप बहुत अच्छा अनुभव करते हैं, आपको लगता है कि आप बहुत शांतिपूर्ण हैं, या आपको लगता है कि आप हवा में उड़ रहे हैं – ये सभी चीज़ें, ये सब दिखावा है। यह सब दिखावा है और हम  इतने वर्षों से यह सब कर रहे हैं । मैं नहीं जानती कि क्या हो जाता है हमारी सोच और हमारी समझ  को, जब वह परमात्मा के विषय में हो ।वही  दिव्यता जो आपके अन्दर है , उसका आपके ऊपर क्या प्रभाव होना चाहिए जिसके द्वारा  ( सर्वप्रथम), आप स्वयं को जानते हैं। यह देश साधकों से परिपूर्ण है, मैं जानती हूं । और मैं यह पाती हूं कि, एक पूंजीवादी देश होने के कारण, वे सोचते हैं कि परमात्मा को भी ख़रीदा जा सकता है, यहां तक कि गुरुओं को भी ख़रीदा जा सकता है । यदि आप किसी को ख़रीद सकते हैं, अगर आप किसी को पाल सकते हैं, तो वे Read More …