Easter Puja: You must forgive

The Pride Hotel, Nagpur (भारत)

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ईस्टर  पूजा (आपको क्षमा करना ही चाहिए ), २००८ 

मैंने आशा नहीं की थी की आप सब यहाँ आएँगे पूजा के लिए | मुझे नहीं पता आप सब कैसे आ पाए | नहीं तो यह आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है हम सभी के लिए क्योंकि आपको पता है की क्राइस्ट कैसे मरे | उन्हें सूली पर चढ़ाया था | उन्हें क्रॉस पर चढ़ाया गया और फिर वो मर गए | उन्होंने आपके बारे में जिस तरह बताया वो वह कमाल की बात है | उन्होंने परमात्मा से क्षमाशीलता मांगी | हमे उनके जीवन से सीखना है की किस प्रकार सबको क्षमा करना | 

हमे भी लोगों को क्षमा करना चाहिए | लोगों के लिए क्षमा करना बहुत कठिन प्रतीत होता है | और अगर वो 

नाराज़ है तो वो नाराज़ है | वो क्षमा नहीं कर सकते | फिर आप सहज योगी नहीं है | सहज योगिओं ने क्षमा करना ही चाहिए | बहुत महत्वपूर्ण है | क्योंकि यही शक्ति है, जो आपको क्राइस्ट से मिली है, क्षमा की शक्ति | मनुष्य ग़लतियाँ करते है, वह उनके जीवन का हिस्सा है | पर उसी समय, सहज योगी होने के नाते आपको याद रखना है की आपको क्षमा करना है | वह कही ज़्यादा महत्वपूर्ण है, नाराज़ होने से | तो लोगों को उनकी किसी गलती के लिए, आपके मुताबिक या परमात्मा के मुताबिक, आपको क्षमा करना है | और आपको आश्चर्य होगा की क्षमाशीलता इतनी महान है, और संतुष्टि देने वाली आपकी विशेषता है | यदि आप लोगों को क्षमा कर सकते है तो आप बहुत ज़्यादा शुद्ध हो जायेंगे | क्योंकि जो धूल है या गुस्सा है हमारे अंदर है वो चली जाती है | 

तो क्षमा करना सबसे बड़ा आशीर्वाद है मनुष्य के पास | क्राइस्ट ने भी यही बात कही थी की “उनको क्षमा करो क्योंकि वो नहीं जानते की वो क्या कर रहे है” | तो यदि क्राइस्ट को कहना पड़ा तो आपका क्या है? हम साधारण मनुष्य है, और अगर हमने ग़लतियाँ की है, तो लोग नाराज़ हो सकते है आपसे | पर आपके लिए सबसे अच्छी बात है की क्षमा करना | क्षमा करो ऐसे कर्म के लिए जो नहीं करना चाहिए था | यह क्राइस्ट की सबसे बड़ी विशेषता थी की उन्हें पता था की कैसे क्षमा करना | और उन्होंने क्षमा किया लोगों को जिन्होंने भयावह ग़लतियाँ की थी | फिर भी उन्होंने क्षमा किया क्योंकि वे उन्हें प्यार करते थे | और इसीलिए आपको भी क्षमा करना चाहिए | आज उनके लिए विशेष दिन है, विशेष दिन है क्षमाशीलता के लिए | और इसीलिए मैंने कहा जो भी आप सोचते है बोहोत देर हो गई, पर हम मीटिंग लेंगे,क्योंकि मै समय खोना नहीं चाहती | क्षमाशीलता आती है लोगों से जो बहुत उदार होते है, जो अच्छे दिल के होते है |  

आप, हर कोई ग़लतियाँ करते है, इसीलिए हम भी ग़लतियाँ कर सकते है | पर इसका मतलब है की हमे क्षमा करने का अधिकार है और हमारे पास क्षमा करने का ह्रदय है | यदि आपके पास नहीं है तो हम सहज योगी नहीं है | आपको सीखना ही होगा क्षमा करना | और उसके पीछे बिना कुछ दर्शाये | 

आज बहुत विशेष दिवस है, क्योंकि यही क्राइस्ट ने किया था | वो एक बहुत शक्तिशाली देवता है, या हम कह सकते है सबसे शक्तिशाली | वो कुछ भी कर सकते थे | वो उन्हें सजा दे सकते थे, उन सबको, गलत आचरण करने के लिए | पर उन्होंने क्या कहा ? उन्होंने कहा “ मैं क्षमा करता हूँ”,और उन्होंने परमात्मा को भी कहा क्षमा करने के लिए | तो आपकी जो भी शक्तियां हो, आपने जो भी प्राप्त किया है जीवन में, आप जिस भी स्टार या पद पे हो, पर आपको सीखना ही चाहिए क्षमा करने का तरीका | नहीं तो आप क्राइस्ट के किसी भी तरह पास नहीं है | आपको सीखना ही होगा क्षमा करना | यह बहुत विशेष गुण है | अगर आप क्षमा कर सकते है, तो पूरा समय क्षमा करो |  

और इसीलिए आज मैं आप सबसे मिलना चाहती थी | तो मैं मिली (हँसते हुए) | मैं आप सबसे मिलना चाहती थी और बताना चाहती थी की आज का दिन क्षमा करने का दिन है | इसका अर्थ यह नहीं की आप बैठे और सोचे आपको कितने लोगों को क्षमा करना है (हँसते हुए)| यह बेतुका और निरर्थक होगा | पर ऐसा कुछ जो आपके मस्तिष्क को डराता है और आपको लगता है, आपको बहुत परेशान किया है और आपको मुसीबत में डाला है | तो सिर्फ सोचिये की आपको पता नहीं कितनी शक्तियाँ आपके पास है, और आप क्षमा भी नहीं कर सकते ? जब आपको ये सब शक्तियां मिली है, तो सबसे बड़ी शक्ति जो आपके पास है, वो है क्षमा की शक्ति |    

आज का दिन क्षमा करने का दिन है | क्षमा करो उन्हें जिन्होंने आपके साथ कुछ गलत किया है, या आपके साथ दुष्टता की है | याद करो अभी आप किससे नाराज़ हो | उन्हें बस क्षमा कर दो | तब आपने उन्हें सज़ा दे दी | यदि आप उन्हें अपने दिल से क्षमा करते है, तब आपने उन्हें सज़ा दे दी | आपने उन्हें दे दिया जो भी वो चाहते थे, जिसके वो योग्य है | तो यह बहुत कठिन बात नहीं है, क्षमा करना | पर लोग सोचते है यह बहुत कठिन है क्षमा करना क्योंकि वो खुद को बहुत महान समझते है | और फिर वो सोचते है, वो क्षमा कैसे कर सकते है ? मुझे नहीं पता की आपको क्या बातें दुखी करती है, कुछ भी आपको दुखी कर सकता है| आखिर आप सब आत्मसाक्षात्कारी है | आपको दूसरा जन्म मिला है, और आप विशेष लोग है |  

तो आपके विशेष गुण होना चाहिए और वो विशेष गुण है क्षमा करने का | क्षमा करने के लिए| याद करने की आवश्यकता नहीं की किन बातों पर नाराज़ होना है या दुखी होना चाहिए| पर सिर्फ याद रखना है की किन सब बातों को क्षमा करना है| बस क्षमा कीजिये| किसलिए? यह समझने वाली बात है| मान लीजिये कोई मुझे थप्पड़ मारता है, ठीक है| यदि कोई मुझे थप्पड़ मारता है, मुझे क्या करना चाहिए ? मुझे उसे वापस थप्पड़ मरना चाहिए क्या ? नहीं | तो मुझे उसे क्या पूछना चाहिए ? आपने मुझे थप्पड़ क्यों मारा !, नहीं | फिर मुझे सोचना चाहिए, वो ज़रुर कोई मूर्ख होगा ऐसा करने के लिए| यह भी मदद नहीं करेगा | इसके विपरीत, यदि आप केवल क्षमा कर दे, उस व्यक्ति को क्षमा कर दे, जिसने कुछ गलत किया है|

आपके लिए यह महत्वपूर्ण है कि आप उसे क्षमा करे, क्योंकि उसका आप पर कुछ असर नहीं होगा | एक बार आप क्षमा कर दे तो उसका आपके ऊपर कुछ परिणाम नहीं होगा | आपकी अच्छी पर या आपके धार्मिकता पर कोई परिणाम नहीं होगा | पर मुझे लगता है, मनुष्य को यह कठिन लगता है, क्षमा करने को, साधारणतया | 

पर आप सब आत्मसाक्षात्कारी आत्माएँ है, आप केवल मनुष्य नहीं है | इसलिए में आपको बिनती कर रही हूँ की याद रखे की आप में क्षमा करने की शक्ति है | क्षमा उन सबको करने की जो आपको दुःख देते है, परेशान करते है, अत्याचार करते है | आप कितनी दूर जा सकते है ? केवल क्षमा करने की सोचे और आपको आश्चर्य होगा वो बदल जायेगा | वो बदल जायेगा और आप भी खुद का आनंद लेंगे | यह लोगो के लिए कठिन है समझना, पर प्रयत्न करे | मैं जो कर रही हूँ बस प्रयत्न करे | यदि कोई आपको नुकसान पहुँचता है, उस व्यक्ति को क्षमा कर दीजिये और प्रतिक्रिया देखिये | प्रतिक्रिया उस व्यक्ति में और आप में क्या होता है | पर यदि आप बोझ ढोना चाहते है उसके क्रोध का या मूर्खता का वह जो भी है, तो आप बिना कारण बेतुकी बातों को ढोते है | हमें हमारी ताकत/ energy गँवाना नहीं चाहिए यह ठहराने पर कि क्या गलत है | उसने क्या किया ? और तुम्हें उसके साथ क्या करना चाहिए | हमें यह नहीं करना चाहिए | बस उसे अकेला छोड़ दो,और आप क्षमा कर दो | कहो “मैंने क्षमा किया” | 

क्राइस्ट को देखिये, इतने शक्तिशाली मनुष्य, इतने शक्तिशाली देवता | और जब उन्हें सूली पर चढ़ाया, तो उन्होंने कैसे उन्हें क्षमा करने को कहा | उन्होंने ऐसा क्यों किया ? क्योंकि उसमे शक्ति है | कहना “मैं क्षमा’ करती हूँ ”, यह बहुत शक्तिशाली है | आप अपनी ताकत नहीं खोते, पर उसके विपरीत आप अपनी शक्ति में ऊँचे उठते है | आप अपने व्यक्तित्व में ऊपर उठते है | बस क्षमा कर दो | इतना आसान है | कहना “मैंने क्षमा किया”, ऐसे ही | इसी प्रकार मैं रहती हूँ | क्योंकि लोगों की अपनी सनक या तरंग होती हैं और उन्हें जो अच्छा लगता है, वो करते है | पर मैं नाराज़ नहीं होती उस बात पर और मैं दुखी भी नहीं होती उस बात पर और न ही मैं चिंतित होती हूँ | मैं केवल कहती हूँ “मैं क्षमा करती हूँ ” बस | आप आश्चर्यचकित होंगे-मेरे अंदर यह इतनी मदद करता है | सच में बहुत मददगार है | 

तो यह बड़ी विशेषता है जिसके लिए आज का दिन खास है | क्रॉस पर क्राइस्ट ने कहा था “हे भगवान उन्हें क्षमा करो” क्योंकि वो नहीं जानते वो क्या कर रहे है | जब क्रॉस पर वो मर रहे थे तब उन्होंने यह कहा | उन्होंने यह कहा और हमे जो सीखना है वह है क्षमा करना | हमारे लिए, दूसरों के लिए नहीं | यह हमारी मदद करता है | यदि हम क्षमा करते है, यह हमारी बहुत मदद करेगा, हमारे अंदर | यह आज के दिन का संदेश है और हमेशा के लिए | हमेशा के लिए | हमेशा यदि आप किसी से भी नाराज़ है, सिर्फ कहे “मैंने क्षमा किया”| यदि आप देखते है कोई आपको दुःख पंहुचा रहा है या परेशान कर रहा है या अत्याचार कर रहा है, तो आप कैसे उस पर कार्य करेंगे ? केवल क्षमा कीजिये | केवल यही रास्ता है | 

आज इसलिये बहुत महत्वपूर्ण दिन है हमारे लिए, और मैं इसीलिए बहुत खुश हूँ | यह इतनी खूबसूरत जगह है और मै आपसे बात कर पा रही हूँ | धन्यवाद |