Navavarsha, Hindi New Year New Delhi (भारत)

1995-10-25 Navavarsha (Hindi New Year) Delhi (Part 1)

आज नया साल का शुभ दिवस है | आप सब को शुभ आशीर्वाद!

हर साल, नया साल आता है और आते ही रहता है | लेकिन नया साल बनाने की जो भावना थी, उसको लोग समझ नहीं पाते, सिवाय इसके कि नए साल के दिन नए कपड़े पहनेंगे, ख़ुशी मनाएंगे | कोई ऐसी बात नहीं सोचते हैं कि नया साल आ रहा है, इसमें हमें कौन सी नयी बात करनी है | जैसा ढर्रा चल रहा है, […]

Devi Shakti Puja New York City (United States)

श्री देवी शक्ति पूजा, न्यूयॉर्क, 8 अक्टूबर 1995
रूस और पूर्वी ब्लॉक के देशों में मैंने (श्रीमाताजी) केवल चार वर्षों से ही कार्य करना प्रारंभ किया है और आप देखिये वे लोग किस तरह से सहजयोग के प्रति स्वयं को ज़िम्मेदार समझने लगे हैं। रूस में सहजयोग साइबेरिया तक फैल चुका है और साइबेरिया के लोग मात्र अपने व अपने आश्रम के लिये ही नहीं जीते। उनके यहां एक स्थान है नोवाशिवी जहां काफी संख्या में वैज्ञानिक रहा करते हैं क्योंकि
ज़ारों और बाद में कम्यूनिस्टों ने कई वैज्ञानिकों को अपने यहां से निष्काषित कर दिया था और उसके बाद ये लोग यहां पर आ बसे। यहां पर रहते हुये इन लोगों ने खोजना प्रारंभ किया कि वास्तव में आध्यात्मिकता क्या है? […]

Dyan Ki Avashakta, On meditation New Delhi (भारत)

Dhyan Ki Avashayakta   ध्यान की आवश्यकता 

Date:27th November 1991 Place: Delhi   

Seminar & Meeting Type: Speech Language Hindi 

[Original transcript, scanned from Hindi Chaitanya Lahari] 

आज आप लोगों से फिर से मुलाकात हो रही है और सहज योग के बारे में हम लोगों को समझ लेना चाहिए।  सहज योग,  ये सारे संसार के भलाई के लिए संसार में उत्तपन्न  हुआ है, कहना चाहिए और उसके आप लोग माध्यम हैं।  आपकी जिम्मेदारियाँ बहुत ज़्यादा हैं क्योंकि आप लोग इसके माध्यम हैं, और कोई नहीं है इसका माध्यम।    कि  हम अगर पेड़ को वाईब्रेशन्स (Vibrations) दें या किसी मन्दिर को वाईब्रेशन्स दें या कहीं और भी वाईब्रेशन्स दें तो वो चलायमान नहीं हो सकते,   वो कार्यान्वित नहीं हो सकता।  आप ही की धारणा से और आप ही के कार्य से यह फैल सकता है।  फिर हमें यह सोचना चाहिए कि सहजयोग में एक ही दोष है। ऐसे तो सहज है, सहज में प्राप्ति हो जाती है। प्राप्ति सहज में होने पर भी उसका संभालना बहुत कठिन है क्योंकि हम कोई हिमालय पर नहीं रह रहे हैं। हम कहीं ऐसी जगह नहीं रह रहे हैं, जहाँ और कोई वातावरण नहीं है, बस सब  आध्यात्मिक वातावरण है। हर तरह के वातावरण में हम रहते हैं। उसी के साथ-साथ हमारी भी उपाधियाँ बहुत सारी हैं जो हमें चिपकी हुई हैं। तो सहजयोग में शुद्ध बनना,  शुद्धता अंदर लाना ये कार्य हमें करना पड़ता है। जैसे कि कोई भी चैनल (Channel)हो वो अगर शुद्ध न हो, तो उसमें से जैसे बिजली का चैनल है उसमें से बिजली नहीं गुज़र सकती। अगर पानी का नल है उसके अंदर कुछ चीज़ भरी हुई है उसमें से पानी नहीं गुज़र सकता। इसी प्रकार ये चैतन्य भी जिस  […]

Birthday Puja मुंबई (भारत)

जन्म दिवस पूजा मुम्बई मार्च 21, 1991

सारे विश्व में आज हमारे जन्म दिवस की खुशियां मनाई जा रही हैं। यह सब देखकर जी भर आता है कि क्या कहें आज तक किसी भी बच्चों ने अपनी माँ को इतना प्यार नहीं किया होगा जितना आप मुझे देते हैं। ये श्री गणेश की महिमा है जो अपनी माँ को सारे देवताओं से भी ऊंचा समझते थे और उनकी सेवा में लगे रहते थे। इसलिए वह सर्व सिद्धि प्राप्त कर गये यह तो नैसर्गिक है कि हर माँ को अपने बच्चों से प्यार होता है और वह अपने बच्चों के लिए हर तरह का त्याग करती है। और उसे उनसे कोई अपेक्षा भी नहीं होती। लेकिन हर माँ चाहती है कि मेरा बेटा चरित्रवान हो, […]

Birthday Puja, Sahaja Yoga me pragati ki Teen Yuktiyaan New Delhi (भारत)

Janm Diwas Puja Date 30th March 1990 : Place Delhi : Type Puja Speech Language Hindi

आज नवरात्रि की चतुर्थी है और नवरात्रि को आप जानते हैं रात्रि को पूजा होनी चाहिए। अन्ध:कार को दूर करने के लिए अत्यावश्यक है कि प्रकाश को हम रात्रि में ही ले आएं। आज के दिन का एक और संयोग है कि आप लोग हमारा जन्मदिन मना रहे हैं। आज के दिन गौरी जी ने अपने विवाह के उपरान्त श्री गणेश की स्थापना की। श्री गणेश पवित्रता का स्रोत हैं। सबसे पहले इस संसार में पवित्रता फैलाई गई जिससे कि संसार में आए मनुष्य पावित्र्य से सुरक्षित रहें और अपवित्र चीज़ों से दूर रहें। इसलिए सारी सृष्टि को गौरी जी ने पवित्रता से नहला दिया। और उसके बाद ही सारी सृष्टि की रचना हुई। तो जीवन में सबसे महत्त्वपूर्ण कार्य यह है कि हम अपने अन्दर पावित्र्य को सबसे ऊंची चीज़ समझें| लेकिन पवित्र्य का मतलब यह नहीं कि हम नहाएँ, […]

Shri Krishna Puja: They have to come back again and again Saffron Walden (England)

श्री कृष्ण पूजा  

सेफ्फ़रॉन वाल्डेन (इंग्लैंड), 14 अगस्त 1989

(श्री कृष्ण अवतार, दाईं विशुद्धि) 

आज हम यहां श्री कृष्ण अवतार की पूजा करने के लिए एकत्रित हुए हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि श्री कृष्ण नारायण के अवतार हैं, श्री विष्णु के। प्रत्येक अवतार में, वे अपने सभी गुणों, अपनी सारी शक्तियों और अपनी प्रकृति को अपने साथ ले कर आते हैं। इसलिए जब उन्होंने अवतार लिया तो उनके पास नारायण के सभी गुण थे, […]

Birthday Puja, Introspection New Delhi (भारत)

1989-03-19 Birthday Puja – Introspection (Hindi)

जन्मदिवस पूजा दिल्ली, १९ मार्च १९८९ सहजयोग के कार्य में व्यस्त न जाने कैसे समय बीत जाता है। अब करिबन अठारह साल से सहजयोग कर रहे हैं हम और उसकी प्रगती अब काफी हो रही है। आपने देखा किस तरह से इसकी प्रगती बढ़ रही है। अब जन्मदिन के दिन अब हमारे तो आपकी सबकी स्तुति करनी चाहिए और सब अच्छा ही कहना चाहिए। लेकिन एक ही बात मुझे जो समझ में आती है और जो मुझे कहनी चाहिए वो है कि अपनी गहराई को बढ़ाना है। अपनी गहराई को बढ़ाना बहुत जरुरी है और ये गहराई हमारे अन्दर है, […]

Talk to Sahaja Yogis, Value Systems Ganapatipule (भारत)

हिन्दी (Hindi)

अभी जो मैने बातचीत की थी उसका सारांश ये है की जब हम मनुष्यता के रूप से अपनी ज़िंदगी बसर करते है तब हमारे अंदर मनुष्यता नहीं रह जाती हम सिर्फ़ अपनी संपदा के बारे में सोचतें हैं और मनुष्यता की जो संपदा है उसे नही सोचतें हैं | जिस वक़्त हम सहज योग में उतर आते है तभी हमारे में पहली मर्तबा वो समर्थता आ जाती है की हम मनुष्यता को अपनाएँ | मनुष्यता से बढ़कर और कोई सी भी चीज़ नहीं ये हमारे समझ में आ जाती है और समझ में आने का मतलब है की वो हमारे जीवन में ही उतरने लग जाती है | जब तक हम मनुष्यता के रूप को और उसके मधुर स्वाद को चखतें नहीं तब तक मनुष्य अपने ही एक आवरण में, […]

Sixth Day of Navaratri पुणे (भारत)

Navaratri Puja – Hamare Jivan Ka Lakshya 16th October 1988 Date : Place Pune Type Puja Speech Language Hindi

[Original transcript Hindi Talk, Scanned from Hindi Chaitanya Lahari]

आज हम लोग यहाँ शक्ति की पूजा करने के लिएभविष्य है वो उसे प्राप्त हो सकता है। उस को मिल सकता एकत्रित हुए हैं। अभी तक अनेक संत साधुओं ने ऋषि है पर उसकी पहली सीढ़ी है आत्मसाक्षात्कार। जैसे कि कोई दीप जलाना होतो सबसे पहले है कि उस के अन्दर और जो शक्ति का वर्णन वह अपने गद्य में नहीं कर पाये ज्योती आनी पड़ती है। उसी प्रकार एक बार आपके अन्दर उसे उन्होंने पद्य में किया। और उस पर भी इसके बहुत से ज्योति जागृत हो गई तो आप उस को फिर से प्रज्जवलित कर सकते हैं या उस को आपबढ़ा सकते हैं। पुर प्रथम कार्य कि हर मनुष्य के अन्दर ये सारी शक्तियाँ सुप्तावस्था में हैं। है कि ज्योति प्रज्जवलित हो। और उस के लिए आत्मसाक्षात्कार नितांत आवश्यक है। किन्तु आत्म- साक्षात्कार पाते ही सारी ही शक्तयाँ जागृत नहीं हो सकती। इसी लिए ये साधु संतों ने और ऋषि मूनियों ने व्यवस्था की है कि आप देवी की उपासना करे। लेकिन जो विराजमान हैं। उस के अलावा न जाने कितनी शक्तियाँ आदमी आत्मसाक्षात्कार को प्राप्त नहीं है, […]

Shri Ganesha Puja मुंबई (भारत)

Shri Ganesha Puja 18 sept 1988 Mumbai

परमात्माकी सृष्टिकी रचनाकारकी शुरुआत जिस टंकारसे हुई उसीको हम ब्रम्हनाद तथा ओमकार कहते है। इस टंकारसे जो नाद विश्वमे फैला वो नाद पवित्रताका था। सबसे प्रथम परमात्माने इस सृष्टीमे पवित्रताका संचारण किया। सर्व वातावरणको पवित्र कर दिया। पहले उन्होंने पुनीत किया जो चैतन्य स्वरुप आज भी आप लोग जान सकते है। उसे महसूस कर सकते है, उसकी प्रचिती आपको मिल सकती है। वही ओमकार आज चैतन्य स्वरुप आपकोभी पवित्र कर रहा है।

श्री गणेश की पूजा हर पूजामे हमलोग करते है और आज तो उन्हीकी पूजा का बड़ा भारी आपलोगोंने आयोजन किया है। लेकिन जब हम किसी भी चीज की पूजा करते है तो उनमे बोहोत सारी विविध स्वरुप की मांगे होती है। कुछ लोग

होते है कामार्थी होते है, […]

Shri Krishna Puja: The State of Witnessing Como (Italy)

श्री कृष्ण पूजा (साक्षी भाव की स्तिथि )

इटली , 6 अगस्त 1988.

आज हम यहाँ एकत्रित हुए हैं, श्री कृष्ण की पूजा करने के लिए।

हमें, विशुद्धि चक्र पर श्री कृष्ण के अवतरन के महत्व को समझना चाहिए। जैसा कि आप अच्छी तरह से जानते हैं, सिवाय एक या दो बार,श्री ब्रह्मदेव ने अपना अवतार लिया है। और एक बार श्री गणेश ने जन्म लिया, भगवान येशु मसीह के रूप में । लेकिन विष्णु तत्व, […]

Sahaj Yogiyon Ko Upadesh Ganapatipule (भारत)

सहजयोगियों को उपदेश

ORIGINAL TRANSCRIPT HINDI TALK सबसे पहले एक बात समझ लेनी चाहिए कि यहाँ जो बंबई वाले और दिल्ली वाले लोग आये हैं ये मेहमान नहीं हैं। मेहमान जो लोग बाहर से आये हैं वो हैं। बसेस उनके पैसे से आयी हैं। आप तो एक पैसा भी नहीं दे रहे उसके लिए। एक कवडी भी नहीं दे रहे हैं। बसेस उनकी हैं, वो सब बसेस मार कर आप लोग यहाँ आ गये। यहाँ | बसेस छोड़ दिये, […]

Birthday Puja मुंबई (भारत)

Birthday Puja Date 21st March 1987 : Place Mumbai Puja Type Speech Language Hindi

आप लोगों ने मुबारक किया आपको भी मुबारक। सारी दुनिया में आज न जाने कहाँ कहाँ आपकी माँ का जन्मदिन मनाया जा रहा है। उसके बारे में ये कहना है कि वो भी आप लोगों में बैठे हुये मुबारक बात देते हैं। इस सत्रह साल के सहजयोग के कार्य में, जब हम नजरअंदाज करते हैं, तो बहुत सी बातें ऐसी ध्यान में आती हैं, […]

Conversation with doctors New Delhi (भारत)

Conversation with doctors, New Delhi (India), 4 November 1986.
Left symphatetic nervous system represents our emotional side. Right
symphatetic nervous system represents our physical side. When both come
into play (i.e. psyche as well as somatic) then psychosomatic problems
result.
In the over activity of Right side, liver is the commonest to be
disturbed. This is because of too much thinking. “Swadistan Centre” has
to manufacture grey cells for the brain when brain is over active – […]

Dharma Ki Avashyakta – Why is Dharma needed (Evening) Sir Shankar Lal Concert Hall, New Delhi (भारत)

Dharma Ki Avashyakta Aur Atma Ki Prapti 23rd February 1986 Date : Place Delhi : Public Program Type : Speech Language Hindi

आत्मा को खोजने वाले सभी साधकों को हमारा प्रणिपात! आज का स्वर्गीय संगीत सुनने के बाद क्या बोलें और क्या न बोलें! विशेषकर श्री. देवदत्त चौधरी और उनके साथ तबले पर साथ करने वाले श्री गोविंद चक्रवर्ती, इन्होंने इतना आत्मा का आनन्द लुटाया है कि बगैर कुछ बताये हये ही मेरे ख्याल से आपके अन्दर कुण्डलिनी जागृत हो गई है। सहज भाव में एक और बात जाननी चाहिए कि भारतीय संगीत ओंकार से निकला हुआ है। ये बात इतनी सही है, […]

Birthday Puja New Delhi (भारत)

जनम दिवस पूजा प्रवचन सहज मंदिर, नई दिल्ली, २६.३.१९८५

आज आप लोग हमारा जन्मदिवस मना रहे हैं। यह एक बड़ी सन्तोष की बात है क्योंकि इस कलियुग में कौन माँ का जन्मदिन इस उम्र में मनाता है। इसलिय यह द्योतक है कि आप लोग इस कलियुग में जन्म लेकर के भी अपने मातृधर्म से परिचित ही नहीं लेकिन उसका अवलम्बन भी करते हैं। से इस उम्र में तो जन्म दिन मनाना माने एक-एक साल घटता ही जा रहा है। और बहुत काम करने के बचे हैं। बहुत से अभी कार्य मुझे दिखाई दे रहे हैं जो कि अधूरे से हैं। उन पर मेहनत करनी होगी, […]

Chaitra Navaratri Puja New Delhi (भारत)

सहजयोगियों के लिये भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति का महत्त्व दिल्ली , २५/३/१९८५

आज नवरात्रि के शुभ अवसर पर सबको बधाई ! सहजयोग के प्रति जो उत्कण्ठा और आदर प्रेम आप लोगों में है वो जरूर सराहनीय है, इसमें कोई शंका नहीं। क्योंकि जो हमने उत्तर हिन्दुस्तान की स्थिति देखी है वहाँ पर हमारी परम्परागत जो कुछ धारणाएँ हैं उसी प्रकार शिक्षा प्रणालियाँ हैं, सब कुछ खोई हुई हैं । बहुत कुछ हम लोगों का अतीत मिट चुका है और हम लोग एक उधेड़बुन में लगे हुए हैं कि नवीन वातावरण, […]

Mahashivaratri Puja New Delhi (भारत)

Mahashivaratri Puja Date : 17th February 1985 Place Delhi Туре Puja Speech Language Hindi

ORIGINAL TRANSCRIPT HINDI TALK Scanned from Hindi Chaitanya Lahari अपनी कुण्डलिनी को नीचे नहीं गिरने दें । आज शिवरात्रि के इस शुभ अवसर पे हम लोग एकत्रित हुए हैं और ये बड़ी भारी बात है कि हर बार जब भी शिवरात्रि होती है मैं तो दिल्ली में रहती हूँ। हमारे सारे शरीर, मन, बुद्धि, अहंकार, सारे चीजों में सबसे महत्वपूर्ण चीज है आत्मा और बाकी सब कुण्डलिनी इसलिए नीचे गिरती है क्योंकि हमारे अन्दर बहुत से पुराने विचार, […]

Sahasrara – Atma New Delhi (भारत)

Sahastrar – Atma Date : 16th February 1985 Place Delhi Туре Public Program Speech Language Hindi

ORIGINAL TRANSCRIPT HINDI TALK Scanned from Hindi Nirmala Yog सत्य के खोजने वाले सभी साध्कों को हमारा प्रणाम । जीवित रहेंगे? यह हृदय का जो स्पन्दन है- अनहदू, हर आज का मधुर संगीत आज के विषय से बहत सम्बन्धित घड़ी अपने आप ही कार्यान्वित रहता है उसको चलाने के है जिसके लिए मैं देब चौधरी को बहुत-बहुत घन्यवाद देती लिए अगर हमें बाहुय से कोई उपचार करना पड़ता तो हूँ। सभी सहज व्यवस्था हो जाती है और आज संगीत में जो कितने लोग इस संसार में जीवित पैदा होते? […]

Raksha Bandhan and Maryadas (England)

(परम पूज्य श्रीमाताजी निर्मला देवी, रक्षाबंधन, मर्यादा, लंदन, 1984)

यू.के. के इस सुंदर दौरे के बाद मुझे भरोसा हो चला है कि सहजयोग ने अब अपनी जड़ें पकड़ ली हैं और उनमें से कुछ पौधों को उगते हुये भी आप देख सकते हैं। यह हैरान करने वाली बात है कि जैसे ही मैंने घोषणा की कि यह मेरा यू.के. का यह आखिरी दौरा होगा तो सब कुछ क्रियान्वित होने लगा है। जहां-जहां भी हम गये हमारा दौरा सफल और अच्छा रहा खासकर कुछ स्थानों पर तो यह अत्यंत चमत्कारपूर्ण भी था। आपने उस महिला के बारे में तो अवश्य ही सुना होगा जो अपने घर से बाहर निकलती ही नहीं थी …….. […]

New Year Puja, Who Is A Sahaja Yogi? New Delhi (भारत)

1984-01-03, New Year Puja: Who Is A Sahaja Yogi?, Delhi

Nav Varsh Puja – S. Sahajyogi Ki Pahechan 3rd January 1984 Date : Place Delhi :

ORIGINAL TRANSCRIPT HINDI TALK Scanned from Hindi Nirmala Yog लेकिन माँ की व्यवस्था और है कि पहले चैतन्य को पा लो. जान लो कि परमात्मा है, उस पर विश्वास करो जो अन्धविश्वास नहीं है, सत्य के रूप हर साल नया साल आता है और पुराना साल खत्म हो जाता है। सहजयोगियों के लिए हर क्षण एक नया साल है, […]

Mental Projection, Guru Puja Evening Talk Nirmala Palace – Nightingale Lane Ashram, London (England)

[Translation English to Hindi]

                 

मानसिक कल्पना

सहज योगियों से बातचीत  

निर्मला पैलेस आश्रम, नाईट एंगल लेन

1982-04-07

नोट [कृपया ध्यान दें श्री माताजी उस समय उपस्थित भारतीय नर्तकियों के लिए अनुवाद करती हैं और मैंने इसे कोष्ठक में (भारतीय भाषा में बोलती है) के रूप में चिह्नित किया है।]

श्री माताजी: क्या आप कल सुबह आ सकते हैं, उन्होंने कहा कि शायद यह कल के बाद से बेहतर होगा, ….कुछ न कुछ तर्क संगत, मैंने कहा। ????कृपया बैठ जाइये। अभी वीडियो रिकार्डिंग क्यों कर रहे है आप इसे क्यों रखना चाहते हैं? […]

Shri Rama Navami Puja Chelsham Road Ashram, London (England)

                                              श्री राम नवमी

 चेल्शम रोड, लंदन, इंग्लैंड, 2 अप्रैल 1982

(श्री माताजी बता रहे हैं कि नए लोगों से कैसे बात करें)

इसलिए सबसे पहले आपको ऊर्जाओं के बारे में बात करना शुरू करना चाहिए कि:  ये ऊर्जाएँ हमारे भीतर चल रही हैं और वे कैसे सक्रिय होती हैं। फिर आप तीसरी ऊर्जा की बात करते हैं जो वही है जिसने हमें विकसित किया है, और इस तरह हम यहां  हैं। और आप स्वयं  के बारे में बात करते हैं, […]

Shri Krishna Puja, There is a war going on Birmingham (England)

Shri Krishna’s Birthday Puja, Bala’s home, Tamworth, Birmingham (UK), 15 August 1981

वे इस तरह हमला कर रहे हैं की वे सूचनाओ को आप के मस्त्रिष्क में डाल रहे है . अब, हमें यह जानना होगा कि शैतानी बलों और दिव्य शक्तियों के बीच एक युद्ध जारी है अब आप ऐसे लोग हैं, जिन्होंने दिव्य होना चुना है।

लेकिन, भले ही आपने इसे चुना है, और इश्वर ने तुम्हें स्वीकार कर लिया है, और आपको अपनी शक्तियां भी दी हैं, […]

Guru Purnima Chelsham Road Ashram, London (England)

आपको समझना होगा कि स्वयं से इस भौतिकता के लबादे को हटाने के लिये आपको अपने ऊपर कार्य करना होगा। और एक बार जब आपने इसे नियिंत्रत कर लिया तो कम से कम ….. अब आप कहीं भी सो सकते हैं अगर नहीं तो कुछ समय तक जमीन पर सोने का प्रयास करें। सन-टैनिंग के लिये आप क्या नहीं करते हैं … लोग इन बेवकूफियों के लिये स्वयं को रोक ही नहीं सकते हैं क्योंकि इन विचारों को आपके अंदर डाला गया है। इन विचारों को डालने वालों ने आपको शोषण किया है … […]

What To Do After Self-realisation and Sahasrara Chakra, Delhi New Delhi (भारत)

1981-02-10 What To Do After Self-realisation and Sahasrara Chakra, Delhi (PP)

सहजयोग में प्रगति नई दिल्ली, १० फरवरी १९८१ यहाँ कुछ दिनों से अपना जो कार्यक्रम होता रहा है उसमें मैंने आपसे बताया था कि कुण्डलिनी और उसके साथ और भी क्या-क्या हमारे अन्दर स्थित है। जो भी मैं बात कह रही हूँ ये आप लोगों को माननी नहीं चाहिए लेकिन इसका धिक्कार भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि ये अन्तरज्ञान आपको अभी नहीं है । और अगर मैं कहती हूँ कि मुझे है, […]

Public Program, Swadishthana Chakra New Delhi (भारत)

Public Program, New Delhi (India), 6 February 1981.

[Hindi Transcript]

आपने विनती की है कि हिंदी मे भाषण कीजिएगा बात ये है कि ये तय किया गया था कि इस जगह मे अंग्रेजी मे बातचीत करुँगी अ.. उसकी वजह ये है कि अभी तक हिन्दुस्तान मे अंग्रेजी मे मैंने कहीं भी बातचीत नहीं की और ये जो अतिथि लोग आयें है आज तक मेरा भाषण सुन नहीं पाए इसलिए इनसे कहा था कि यहाँ पर मे मे अंग्रेजी मे बातचीत करुँगी और जब मंदिरों मे आदि या मेरे ख्याल से दिल.. […]

Diwali Puja Hampstead (England)

(श्री दीवाली पूजा, हॅम्पस्टेड (लंदन), 9 नवम्बर 1980)
आपको मालूम होना चाहिये कि आप एक ही परिवार के सदस्य हैं। किसी को भी युद्ध नहीं करना है, किसी को भी एक दूसरे से महान नहीं बनना है, किसी को भी दूसरे में सुधार लाने की आवश्यकता नहीं है, किसी को भी यह नहीं कहना है कि मैं कुछ अनोखा ही व्यक्ति हूं। आप सबको एक साथ मिलकर कार्य करना है और साथ में कार्य करते हुये प्रेम व मित्रता से समस्याओं का समाधान ढूंढ निकालना है। कोई भी जो स्वयं को
अन्य लोगों से अलग कर कुछ और ही बनने का प्रयास करता है वह बाहर (सहज से) चला जाता है और सहज के लिये वह व्यक्ति एकदम किसी काम का नहीं है …. […]

How To Know Where You Are Chelsham Road Ashram, London (England)

                  सलाह, कैसे पता करें कि आप कहां हैं     

 चेल्सीम रोड आश्रम, क्लैफम, लंदन (यूके) , 7 सितंबर 1980

… तस्वीरों के सम्मुख चैतन्य, जो की, बहुत महत्वपूर्ण है। जहां तक परमात्मा का संबंध है, कैसे जाने की आपकी स्थिति कहाँ है। यह मुख्य बात है, क्या ऐसा नहीं है? हम इसी के लिए यहां हैं: ईश्वर से एकाकारिता के लिए, उसकी शक्ति के साथ एकाकार  होने के लिए, उसका उपकरण बनने के लिए। , हमें इसे समझने की कोशिश करनी चाहिए की हमारे कनेक्शन कैसे ढीले हो जाते हैं, […]

Guru Puja, The Statutes of the Lord Hampstead (England)

लेकिन आज मैं आपको गुरू बनने का अधिकार देती हूं ताकि आपके अपने चरित्र और व्यक्तित्व से ….. जिस प्रकार से अपने जीवन में आप सहजयोग करते हैं और इसके प्रकाश को फैलाते हैं उससे लोग आपका अनुसरण करने लगेंगे और आप उनके हृदय में परमात्मा का विधान स्थापित कर सकेंगे और उन्हें मुक्ति दे पायेंगे और उन्हें मोक्ष प्रदान कर पायेंगे क्योंकि आपको भी मोक्ष प्राप्त हो चुका है। आप परमात्मा के चैनल हैं…. बिना इन चैनलों के यह सर्वव्याप्त शक्ति कार्यान्वित नहीं हो सकती है … […]

Subtlety London (England)

                                                 “कुशाग्रता”

 डॉलिस हिल आश्रम, लंदन (यूके), 8 जून 1980।

यह केवल उन लोगों के लिए संभव है जिनके स्वभाव में,  इस खंडित दुनिया में सहज योग के मूल्य को समझने,  सहज योग के मूल्यों को धारण करने,  और इसे बनाए रखने के लिए कुशाग्रता हैं।

दुनिया खंडित है और हर कोई अपने स्वयं के विनाश की ओर काम कर रहा है। लोग जिन सारे मूल्यों का अनुसरण करते हैं वे सतही मूल्य हैं। अधिकांश मूल्य बिल्कुल स्थूल हैं। तो सहज योग के लिए हमारे पास ऐसे लोग होना चाहिए हैं जो अपनी कुशाग्रता से न्याय करने की कोशिश कर रहे हैं।

ऐसे कुशाग्र लोग हमेशा सांसारिक भीड़ से थोड़ा अलग होते हैं; […]

Why Are We Here? Hampstead Friends Meeting House, Hampstead (England)

[Hindi translation from English]

हम यहाँ क्यों है? 

 हैम्पस्टेड, लंदन (यूके), 6 जून 1980

आप की बहुत मेहरबानी है की आप ने मुझे हेम्पस्टेड में आमंत्रित किया है, जो मैं पहले भी कई बार आ चुकी हूँ। और मैंने हमेशा महसूस किया कि इस खूबसूरत क्षेत्र में रहने वाले लोगों के ईश्वर के बारे में सुंदर विचार होना चाहिए, क्योंकि आप प्रकृति में, प्रकृति की सुंदरता में ईश्वर के प्रभाव को बेहतर देखते हैं। और फिर आप सोचने लगते हैं कि किस प्रकार ईश्वर ने हमें आनंद देने के लिए इस खूबसूरत दुनिया को  […]

Attention London (England)

चित्त

 डॉलिस हिल, लंदन (इंग्लैंड)

 26 मई 1980 

आज मैं आपसे चित्त के बारे में बात करने जा रही हूं: चित्त क्या है, चित्त की गतिविधि क्या है और हमारे चित्त के उत्थान की क्या विधि और तरीके हैं। इसे व्यापक तरीकों से रखें। ठीक है? लेकिन जब मैं ये सारी बातें कह रही हूं तो आपको पता होना चाहिए कि मैं आपसे व्यक्तिगत रूप से बात कर रही हूं – यह दूसरों के बारे में नहीं है। व्यक्ति हमेशा सबसे पहले ऐसा करता है, […]

The Real Becoming, Seminar Old Arlesford Place, Arlesford (England)

“वास्तविक बन जाना”

 ओल्ड आर्लेसफोर्ड , नियर विनचेस्टर, हैम्पशायर, इंग्लैंड 

18 मई, 1980

… इन सभी मिश्रणों के साथ, अब इसके बारे में सोचो। यह केवल इसलिए है क्योंकि मैंने तुम्हें जन्म दिया है। इससे पहले कोई नहीं कर सका था, मैं आपको बताती हूं। आप दूसरों का इलाज कर सकते हैं; आप सहज योग पर भाषण दे सकते हैं। आप अपनी समस्याओं को जान सकते हैं; आप अपने माता-पिता का इलाज कर सकते हैं। आप अपने खुद के परिवेश को ठीक कर सकते हैं। आप खुद को और दूसरों को साफ कर सकते हैं। केवल आत्मसाक्षात्कार के साथ यह शुरू होता है। यह सब एक साथ एक गठरी में है। यह पहली जागरूकता से जब यह केवल एक इच्छा मात्र थी से क्या छलांग है और यहां आपने सब कुछ शुरू किया। लेकिन ये सभी चीजें जो शुरुआत में जब आप इच्छुक थे, […]

Preparation for Becoming, Evening Seminar Old Arlesford Place, Arlesford (England)

                   बनने की तैयारी 

ओल्ड आर्ल्सफोर्ड (इंग्लैंड) में शाम का सेमिनार,

 17 मई 1980।

बनने के लिए खुद का सामना करें। तब कुछ बनने की तैयारी की जाती है और समग्र रूप से, जब आप जानते हैं कि यह आपका अहंकार और प्रति-अहंकार है जो आप पर बोझ डाल रहा है, तो आपको उन्हें वाइब्रेशन की जागरूकता से जाँच लेना होगा।

अब हमें दो तरह से चित्त देना होगा। पहले एक निरंतर चित्त है जो एक सहज योगी की दिनचर्या है, […]

What is a Sahaja Yogi, Morning Seminar Old Arlesford Place, Arlesford (England)

                                     एक सहज योगी क्या है 

 सेमिनार की सुबह, ओल्ड आर्ल्सफ़ोर्ड (इंग्लैंड)

17 मई 1980।

हमें पता होना चाहिए कि सहज योग एक जीवंत प्रक्रिया है। यह उसी प्रकार की प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक बीज अंकुरित हो एक पेड़ में परिवर्तित होता है। यह एक जीवंत प्रक्रिया है। तो यह ईश्वर का काम है मेरा मतलब है कि उन्हें यह करना होता है । यह तुम्हारा काम नहीं है। 

बीज अंकुरित करना उनका काम है।

लेकिन समस्या इसलिए आती है, […]

Sahasrara Puja, Sincerity Is The Key Of Your Success London (England)

सहस्त्रार पर आपको सामूहिक आत्मा द्वारा आशीर्वादित किया जा रहा है।
(सहस्त्रार पूजा, डौलिस हिल)
हम कह सकते हैं कि 5 मई 1970 को पहली बार परमात्मा की सामूहिक आत्मा का द्वार खोला गया था। इससे पहले परमात्मा के आशीर्वाद लोगों को व्यक्तिगत रूप से ही प्राप्त होते थे …. और वे अपना आत्मसाक्षात्कार भी व्यक्तिगत रूप से ही प्राप्त करते थे एक के बाद एक। व्यक्तिगत आत्मसाक्षात्कार की विधि सामूहिक साक्षात्कार से एकदम अलग थी। उन्हें (व्यक्तिगत आत्मसाक्षात्कार) पहले अपना धर्म को स्थापित करना पड़ता था ……. […]

Easter Puja: The Meaning of Easter London (England)

                                            ईस्टर पूजा, ईस्टर का अर्थ

 डॉलिस हिल आश्रम, लंदन (यूके)। 6 अप्रैल, 1980

… जैसे आज, मैं एक मुस्लिम लड़के से बात कर रही थी और उसने कहा कि “मोहम्मद साहब अवतार नहीं थे।” 

“तो वह क्या थे?”

 “वह एक इंसान था, लेकिन भगवान ने उसे विशेष शक्तियां दी हैं।”

 मैंने कहा, “बहुत अच्छा तरीका है!” क्योंकि अगर आप कहते हैं कि वह एक इंसान था तो,  इंसानों के लिए, यह कहना बहुत अच्छा हो जाता है कि “वह महज एक इंसान था, […]

Birthday Puja: Guarding Against Slothfulness London (England)

                                                    जन्मदिन पूजा

                    आलस्य एक अभिशाप 

 लंदन (यूके), 23 मार्च 1980।

आपकी माँ का जन्मदिन, और इस तरह के सभी समारोहों का बहुत गहरा महत्व है, क्योंकि ऐसे अवसरों पर वातावरण में विशेष चैतन्य होता है। जब सभी आकाशीय पिंड , शाश्वत व्यक्तित्व, देवता और देवी स्तुति गाते हैं, और इस तरह पूरा वातावरण मृदुल और आनंद से भर जाता है। मानव भी, आभार व्यक्त करता है। कृतज्ञता और प्यार की अभिव्यक्ति अलग-अलग देशों में अलग-अलग तरीकों से की जाती है, […]

The Value of Marriage Dollis Hill Ashram, London (England)

                                            “विवाह का आदर्श”

डॉलिस हिल आश्रम, लंदन (यूके), 8 मार्च 1980

..तो सहज योग सबसे पहले आपका अंकुरण शुरू करता है, फिर विकास करता है। उस वृद्धि में, आपको एक व्यापक, अधिक व्यापक व्यक्तित्व बनना होगा। शादी के साथ आप एक और भी बेहतर इंसान बनते हैं, और आप एक बेहतर व्यक्तित्व का विकास करते हैं।

अब, सहज योगियों के लिए शादी क्यों जरूरी है?

सबसे पहली और महत्वपूर्ण बात, शादी करना सबसे सामान्य बात है। भगवान ने आपको  […]

Seminar for the new Sahaja yogis Day 1 (भारत)

नए सहज योगियों के लिए सेमिनार 

बोरडी शिबिर, महाराष्ट्र, भारत,

 28 जनवरी 1980,

मुझे बताया गया कि मुझे अंग्रेजी भाषा में सभा को संबोधित करना चाहिए। मुझे पता है कि अगर मैं आपको अंग्रेजी में संबोधित करती हूं तो यह कुछ लोगों के लिए ठीक होगा।मुझे लगता है कि हमारे लिए यह सोचने का समय है कि भगवान ने इस खूबसूरत प्राणी, इन्सान को क्यों बनाया है। उन्होंने अमीबा अवस्था से हमें इसे विकसित करने के लिए इतनी परेशानी क्यों उठाई? […]

Transformation, Morning Advice at Bordi seminar Bordi (भारत)

                    रूपांतरण 

 बोर्डी (भारत) सेमिनार में सुबह की सलाह 

 27 जनवरी, 1980

जब सभी यहां आये तब हर कोई बहुत अच्छा महसूस कर रहा था, खुश था और उन्हें लगा, उनके चैतन्य बिल्कुल ठीक थे। लेकिन ऐसा नहीं था।

इसलिए सतर्क रहें, आप देखें – एक-दूसरे से इसे परखने को कहें कि कृपया आप जाँच करें, इसके बारे में विनम्र रहें।

आपको परखते रहना चाहिए। जब तक आप खुद की जांच नहीं करते, तब तक आप कैसे जानेंगे कि आप क्या चीज पकड़ रहे हैं? […]

Guru Puja: The Declaration London (England)

(परम पूज्य श्रीमाताजी निर्मला देवी, श्रीमाताजी की उद्घोषणा, डॉलिस हिल आश्रम लंदन, इंग्लैंड, 2 दिसम्बर 1979।)
आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि बहुत समय पहले … जब ईसा नन्हे बालक थे तो उन्होंने उस समय के अनेकों लोगों को बताया कि वह एक अवतरण हैं … जो मानवता का रक्षा हेतु आये हैं। उस समय के लोगों का विश्वास था कि उनकी रक्षा हेतु कोई आने वाला है। बहुत समय पहले एक रविवार को उन्होंने उद्घोषणा की कि वही मानव मात्र की रक्षा के लिये आये हैं। इसी कारण आज … […]

The Meaning of Yoga London (England)

The Meaning Of Yoga Date : 11th November 1979 Place : London Туре Public Program Speech

[Translation from English to Hindi, Scanned from Hindi Chaitanya Lahari]

सहजयोग आपके अन्दर जीवाणु की तरह आड़ोलन एक के बाद एक क्रिया आदि एक से विद्यमान है । यह आपके अन्दर जन्मी हुई दूसरी तरह के आड़ोलन के माध्यम से होता चीज है। व्यक्ति के अन्दर ये अन्तर्जात होती है जो अवययों में मौजूद है जैसे पेट स्वतः स्वतः इसका अंकुरण होता है अभिव्यक्ति होती है। बिल्कुल वैसे ही जैसे सब आपके मस्तिष्क से आता है । अनुकंपी आप छोटे से बीज को अंकुरित होकर वृक्ष नाडीतन्त्र और पराअनुकम्पी नाड़ी तन्त्र बनते (Sympathetic, […]

9th Day of Navaratri Celebrations, Eve of Navaratr, Puja & Havan मुंबई (भारत)

Sahajayog Ki Ek Hi Yukti Hai (Navaratri) Date : 30th September 1979 Place Mumbai Туре Seminar & Meeting Speech

[Original transcript, Hindi talk, Scanned from Hindi Chaitanya Lahiri]

आपके अन्दर में परमात्मा की शक्ति ज्यादा बड़ा भारी कार्य एक जमाने में हो गया है जबकि बढ़ती जाएगी। यानि आपका caliber जो है वो wider होते जाएगा और आपके अन्दर ज्यादा शक्ति के अनुचर सताया करते थे। आज भी संसार में बढ़ती जाएगी। अब जब ये ज्यादा शक्ति आपसे बढ़ शैतानों की कमी नहीं है, […]