Makar Sankranti Puja (Mumbai)

1979-01-14, Sankranti Puja 1979, Mumbai
श्री माताजी निर्मला देवी
आशा है आप लोग यहाँ सत्य के खोज मैं आये होंगे.
मैं आपसे हिंदी में बातचीत कर रही हूँ. कोई लोग ऐसे हों की हिंदी बिलकुल ही नहीं समझते हैं तो फिर अंग्रेजी में बातचीत करूंगी. ….ठीक है.
सत्य की खोज में मानव ही रह सकता है,… जानवर, प्राणी नहीं रह सकते. उनको इसकी ज़रुरत नहीं होती. मनुष्य को ही इसकी ज़रुरत होती है की वो सत्य को जाने. […]

Mahashivaratri Puja New Delhi (India)

1977-02-16 Mahashivaratri: Sat-Chit-Ananda, Delhi
महाशिवरात्री, १९७७ फरवरी १६
आज का दिन कितना शुभ है की महाशिवरात्री के दिन हम लोग सब साथ शिव की स्तुती गा रहे हैं। शिव याने सदाशिव, इन्हीं से सृष्टी शुरू हुई है और इन्हीं में खत्म होती है। सबसे पहले गर आप ब्रम्ह को समझे तो ब्रम्ह से शक्ती और शिव, जैसे की एक cell के अंदर उसका न्युक्लिअस nucleus होता है, उसी की तरह शिव और शक्ती सबसे पहले ब्रम्ह में स्थापित होते हैं। सृष्टी कैसी हुई, […]

Sat Chit Anand New Delhi (India)

Sat Chit Anand, Advice given on 15th February 1977 at New Delhi,  in English.
Today I’m going to tell you, yesterday I told you, what are the mental stratas or what is the totality of man. Whatever I have told you about it, about the totality of man, all his four sides, is: on top is the the super-consciousness, on the right-hand side is the supra-conscious state, and this side is the sub-conscious state, and down below is the hell. […]

Public Program, Bholapan, Innocence (India)

Public Program, Bholapan, Innocence
म न आपस बताया था पहल भाषण म पहल चीज़ वह जो सहजयो गय क लए ज र ह, वह ह म। जो आदमी म नह कर सकता वह सहजयोग म उतर नह सकता और म का भी म न साथ म थोड़ा बहत बताया था। उसक बाद म न कहा था प व ता। जो आदमी प व ता क भावना नह रखता ह वह भी आदमी सहजयोग म उतर नह सकता। जो आ द काल स प व ता क भावनाए चलती आई ह वह सब भावनाओ को लकर म न कहा ह । आज तीसर बात बताना ह खा कर realized लोग क लए क realization हमारा नया ज म ह। जब ब चा ज मता ह, […]

Atma Sakshatkar ka Arth (Understand your importance) Mumbai (India)

1973-09-03 Atma Sakshatkar ka Arth 1973 Mumbai

इसी तरह से जब आगे हो जाएंगे तो इसमें ना तो कोई शैतान रह जाएगा ना कोई बुरा रह जाएगा | जो आपके सामने आएगा वो आपके प्यार में घुलना ही चाहिए और नहीं घुले तो वो भाग जाए ऐसी जिस दिन दशा आएगी उस दिन फिर आपको इस protection (कवच)की जरूरत नहीं रहेगी | और protection के बहुत सारे तरीके आप ही लोगों ने ढूंढ के निकाले हैं । उसमें से कुछ तरीके जो हैं आप चाहें तो ये लोग बता सकते हैं आपको कोई भी उठ करके जो जो ये लोग इस्तेमाल करते हैं या आप इनसे पूछ सकते हैं । जैसे फोटो पे लेना, […]

Unidentified Talk (extract on Swadhisthana) (Location Unknown)

1979-0101 Unidentified Hindi Talk (extract on Swadisthana)
 
स्वाधिष्ठान चक्र. इस चक्र का तत्व है कि आप सूजनशाली हो जाते हैं आपकी सूजनता बहुत बढ़ जाती है. ऐसे लोग जिन्होंने कभी एक लाइन भी स्वतंता नहीं लिखी, वह काव्य लिखने लगते हैं. जिन लोगों ने कभी भाषण नहीं दिया वह बड़े भाषण देने लग जाते हैं और जिन लोगों ने कभी पेंटिंग नहीं करी, कुछ कला नहीं देखी वह कलात्मक हो जाते हैं. बहुत सुजन हो जाते हैं. […]