Public Program New Delhi (भारत)

नैतिकता और देशभक्ति दिल्ली, १८/१२/१९९८

सत्य को शोधने वाले आप सभी साधकों को हमारा नमस्कार! हम सत्य को खोज रहे हैं किंतु कौन सी जगह खोजना चाहिए? कहाँ खोजना चाहिए? कहाँ ये सत्य छुपा हुआ है? ये पहले समझ लेना चाहिए। आप देखते हैं कि परदेस से हजारों लोग हर एक देश से यहाँ आते हैं और उनसे पूछा जाये कि, ‘तुम यहाँ क्यों आयें?’ तो कहते हैं कि, ‘हम यहाँ सत्य खोजने आयें हैं, हमारे देश में तो सत्य नहीं लेकिन भारत वर्ष में तो सत्य है। ये समझ कर के हम यहाँ आयें हैं। और इस सत्य की खोज में हम हर साल हजारों लोग इस देश में आते हैं और हजारों वर्षों से इस देश में आते हैं। आपने सुना ही होगा कि इतिहास में चायना से और भी कई देशों से लोग यहाँ आते थे। और उनको पता नहीं कैसे मालूम था कि इस देश में ही सत्य नेक है, […]

Shri Mahalakshmi Puja, The Universal Love (भारत)

Shri Mahalakshmi Puja. Kalwe (India), 30 December 1992.
[Shri Mataji speaks English]
[Shri Mataji speaks MARATHI]
अब इनको हिंदी में बता रही हूँ। मराठी लोगोंको सच मानना चाहिये की इनकी भाषा बहुत हि बढिया भाषा हें, आत्मानुभूती के लिये, इसमें कोई शक नहीं। इससे ज्यादा किसी भी भाषा में स्पष्ट रुपसे लिखा नही गया। और इसमे गणेश जी का आदर करने की वजह से लोग जो है चरित्रवान है, वैसे देखे जाए तो। उनकी आखें इधर उधर घुमती नही। नॉर्थ इंडिया में मुसलमानोंका राज्य आनेसे वो पडदा के सिस्टम् से, […]

Public Program मुंबई (भारत)

सार्वजनिक भाषण मुंबई, ४ मई १९८३

परमात्मा को खोजने वाले सभी साधकों को मेरा प्रणाम ! मनुष्य यह नहीं जानता है कि वह अपनी सारी इच्छाओं में सिर्फ परमात्मा को ही खोजता है। अगर वह किसी संसार की वस्तु मात्र के पीछे दौड़ता है, वह भी उस परमात्मा ही को खोजता है, हालांकि रास्ता गलत है। अगर वह बड़ी कीर्ति और मान-सम्पदा पाने के लिए संसार में कार्य करता है, तो भी वह परमात्मा को ही खोजता है। और जब वह कोई शक्तिशाली व्यक्ति बनकर संसार में विचरण करता है, […]