Gunateet – Beyond the Three Gunas (भारत)

गुणातीत, 13 मार्च, 1975

जिसके
होने
का
है
उसी
का
होगा।
अब
उसमें ज़रूर है कि होने से पहले
बहुतों में बाधाएँ पड़ जाती
हैं। आप जानते हैं,
गलत
हो गई बातें,
बहुतों
के साथ तो बहुत गलतियाँ हो
गईं। इस वजह से बाधा है। लेकिन
किसी तरह से इन तीनों के चक्कर
चल कर के और फिर पार करना ही
है -आज
नहीं कल,
कल
नहीं परसों। यह ऐसी अभिनव चीज़
है,
जिसको
कि जो देखो सो ही अपना उठा कर
के नहीं कह सकता, […]

Dharm Va Adharm (भारत)

Dharm VA Adharm

Part 1

संतोष शांति सहज (uncleared Marathi text 2)ये तीन शक्ति है(Uncleared marathi text 3-4) 

कलीजुग(कलयुग) में क्षमा के सिवाय और कोई भी बड़ा साधन नहीं है मनुष्य के पास में ये जान ले, और जितनी क्षमा की शक्ति होगी उतने ही आप शक्तिशाली सबको क्षमा…  क्षमा वही कर सकता है जो बड़ा होता है छोटा आदमी क्या क्षमा करेगा। आज मैंने कहा सवेरे कि धर्म को जाने! अपने अंदर जो धर्म है उसको जाने, […]

Unidentified Talk (Extract on Agnya Chakra) (भारत)

1970-0101 Unidentified Hindi Talk (Extract on Agnya Chakra)

बैठे
थे,
प्रोग्राम
में आये थे,
तो
भी कुछ न कुछ अपनी विपदा सोचते
रहे । अरे
!
मेरे
साथ ये हुआ,
मेरे
साथ वो हुआ,
ऐसा
हुआ,
वैसा
हुआ ।
और माताजी से मैं कब बताऊं,
मेरी
विपदा क्या हुई?
माताजी
आप देवी हैं,
मेरी
ये विपदा है|
बजाय
उसके कि जो कहे जा रहे हैं उसको
समझें,
अपनी
ही अंदरूनी बात को ही सोच-सोच
करके आप चली गई उस बहकावे में
।  […]

Unidentified Talk (extract on Swadishthana) (भारत)

1979-0101 Unidentified Hindi Talk (extract on Swadishthana)

स्वाधिष्ठान चक्र. इस चक्र का तत्व है कि आप सूजनशाली हो जाते हैं आपकी सूजनता बहुत बढ़ जाती है. ऐसे लोग जिन्होंने कभी एक लाइन भी स्वतंता नहीं लिखी, वह काव्य लिखने लगते हैं. जिन लोगों ने कभी भाषण नहीं दिया वह बड़े भाषण देने लग जाते हैं और जिन लोगों ने कभी पेंटिंग नहीं करी, कुछ कला नहीं देखी वह कलात्मक हो जाते हैं. बहुत सुजन हो जाते हैं. […]