Navaratri Puja Geneva (Switzerland)

(नवरात्रि पूजा, देवी देवता आपको देख रहे हैं (आर्जियर जिनेवा ( स्विटजरलैंड), 23 सितंबर 1990)
इन नौ दिनों में देवी को रात के समय अपने बच्चों की नकारात्मकता के प्रभावों से रक्षा करने के लिये राक्षसों से युद्ध करना पड़ता है। एक ओर तो वह प्रेम व करूणा का अथाह सागर हैं तो दूसरी ओर वह शेरनी की तरह अपने बच्चों की रक्षा करती हैं। पहले के समय में कोई ध्यान धारणा नहीं कर पाता था, […]

Sixth Day of Navaratri पुणे (भारत)

Navaratri Puja – Hamare Jivan Ka Lakshya 16th October 1988 Date : Place Pune Type Puja Speech Language Hindi

[Original transcript Hindi Talk, Scanned from Hindi Chaitanya Lahari]

आज हम लोग यहाँ शक्ति की पूजा करने के लिएभविष्य है वो उसे प्राप्त हो सकता है। उस को मिल सकता एकत्रित हुए हैं। अभी तक अनेक संत साधुओं ने ऋषि है पर उसकी पहली सीढ़ी है आत्मसाक्षात्कार। जैसे कि कोई दीप जलाना होतो सबसे पहले है कि उस के अन्दर और जो शक्ति का वर्णन वह अपने गद्य में नहीं कर पाये ज्योती आनी पड़ती है। उसी प्रकार एक बार आपके अन्दर उसे उन्होंने पद्य में किया। और उस पर भी इसके बहुत से ज्योति जागृत हो गई तो आप उस को फिर से प्रज्जवलित कर सकते हैं या उस को आपबढ़ा सकते हैं। पुर प्रथम कार्य कि हर मनुष्य के अन्दर ये सारी शक्तियाँ सुप्तावस्था में हैं। है कि ज्योति प्रज्जवलित हो। और उस के लिए आत्मसाक्षात्कार नितांत आवश्यक है। किन्तु आत्म- साक्षात्कार पाते ही सारी ही शक्तयाँ जागृत नहीं हो सकती। इसी लिए ये साधु संतों ने और ऋषि मूनियों ने व्यवस्था की है कि आप देवी की उपासना करे। लेकिन जो विराजमान हैं। उस के अलावा न जाने कितनी शक्तियाँ आदमी आत्मसाक्षात्कार को प्राप्त नहीं है, […]

7th Day of Navaratri, Shri Mahadevi Puja कोलकाता (भारत)

Shri Mahadevi Puja 10th October 1986 Date : Place Kolkata : Type Puja : Speech Language Hindi

आज पूजा में पधारे हये सभी भाविकों को और साधकों को, हमारा प्रणिपात! इस कलियुग में माँ की इतनी सेवा, माँ का इतना प्यार, और इतना विचार जब मानव हृदय में आ जाता है, तो सत्ययुग की शुरूआत हो ही गयी। ये परम भाग्य है हमारा भी कि षष्ठी के दिन कोलकाता में आना हआ। जैसा कि विधि का लिखा है, […]

Navaratri, Shri Gauri Puja पुणे (भारत)

Shri Gauri Puja 5th October 1986 Date : Place Pune Type Puja Speech Language Hindi & Marathi

पूना शहर का नाम वेदों में, पूराणों में सब जगह मशहूर है । इस को पुण्यपट्टणम कहते है। पुण्यपट्टणम और इस जगह जो नदी बहती है उसका नाम है मूल नदी | जो यहाँ से मूल बहता है, ऐसी ये नदी | यहाँ पर हजारों वर्षों से बह रही है और इस भूमी को पूरण्यवान बना रही है। हम लोगों को पुण्य के बारे में पूरी तरह से मालूमात नहीं है । बहुत से लोग सोचते है अगर हम गरीबों को कुछ दान दे दें या कोई चीज़ किसी को बाँट दें या कभी हम सच बोले या थोडी बहुत कुछ अच्छाई कर लें तो हमारे अन्दर पुण्य समा जाता है। इस तरह का पुण्य संचय होता तो होगा लेकिन वो एक बुँद, […]

Chaitra Navaratri Puja New Delhi (भारत)

सहजयोगियों के लिये भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति का महत्त्व दिल्ली , २५/३/१९८५

आज नवरात्रि के शुभ अवसर पर सबको बधाई ! सहजयोग के प्रति जो उत्कण्ठा और आदर प्रेम आप लोगों में है वो जरूर सराहनीय है, इसमें कोई शंका नहीं। क्योंकि जो हमने उत्तर हिन्दुस्तान की स्थिति देखी है वहाँ पर हमारी परम्परागत जो कुछ धारणाएँ हैं उसी प्रकार शिक्षा प्रणालियाँ हैं, सब कुछ खोई हुई हैं । बहुत कुछ हम लोगों का अतीत मिट चुका है और हम लोग एक उधेड़बुन में लगे हुए हैं कि नवीन वातावरण, […]

Navaratri Puja (England)

नवरात्रि पूजा, हैंपस्टड, लंदन 23 सितंबर)
हम नवरात्रि का त्योहार क्यों मनाते हैं? हृदय में देवी की शक्तियों को जागृत करना ही नवरात्रि मनाना है… जो शक्ति इन सभी 9 चक्रों में है उसको जानना और जब वे जागृत हो जांय तो आप स्वयं के अंदर उन 9 चक्रों की शक्तियों को किस प्रकार से अभिव्यक्त करना हैं। सात चक्र और हृदय और चांद मिलाकर ये 9 चक्र हुये। परंतु मैं कहूंगी कि ये सात और इनके ऊपर दो अन्य चक्र जिनको विलियम ब्लेक ने भी आश्चर्यजनक व स्पष्ट रूप से 9 ही कहा था। इस समय मैं आपको उन दो ऊपर के चक्रों के विषय में नहीं बता सकती। क्या इन चक्रों की शक्तियों को हमने अपने अंदर जागृत कर लिया है? […]

9th Day of Navaratri Celebrations, Eve of Navaratr, Puja & Havan मुंबई (भारत)

Sahajayog Ki Ek Hi Yukti Hai (Navaratri) Date : 30th September 1979 Place Mumbai Туре Seminar & Meeting Speech

[Original transcript, Hindi talk, Scanned from Hindi Chaitanya Lahiri]

आपके अन्दर में परमात्मा की शक्ति ज्यादा बड़ा भारी कार्य एक जमाने में हो गया है जबकि बढ़ती जाएगी। यानि आपका caliber जो है वो wider होते जाएगा और आपके अन्दर ज्यादा शक्ति के अनुचर सताया करते थे। आज भी संसार में बढ़ती जाएगी। अब जब ये ज्यादा शक्ति आपसे बढ़ शैतानों की कमी नहीं है, […]

Navaratri Celebrations मुंबई (भारत)

(नवरात्रि उत्सव, कुंडलिनी और कल्कि शक्ति , मुंबई,महाराष्ट्र, भारत, 28 सितंबर 1978)।

आज हम कुंडलिनी और कल्कि के संबंध पर बात करेंगे। वास्तव में कल्कि शब्द निष्कलंक शब्द का अपभ्रंश है। निष्कलंक का अर्थ वही है जो मेरे नाम का निर्मला का अर्थ है … निष्कलंक अर्थात बिना दाग धब्बे वाला… बिना किसी दाग धब्बे वाला व्यक्ति।कल्कि …. इस अवतरण का वर्णन कई पुराणों में मिलता है …. कि कल्कि सफेद घोड़े पर सवार होकर इस धरती पर, […]

6th Day of Navaratri Celebrations, Shri Kundalini, Shakti and Shri Jesus Hinduja Auditorium, मुंबई (भारत)

Kundalini Aur Yeshu Khrist Date : 27th September 1979 Place Mumbai Туре Seminar & Meeting Speech Language Hindi

श्री कुण्डलिनी शक्ति और श्री येशु खिस्त’ ये विषय बहुत ही मनोरंजक तथा आकर्षक है । सर्वमान्य लोगों के लिए ये एक पूर्ण नवीन विषय है, क्योंकि आज से पहले किसी ने श्री येशु ख़्रिस्त और कुण्डलिनी शक्ति को परस्पर जोड़ने का प्रयास नहीं किया। विराट के धर्मरूपी वृक्ष पर अनेक देशों और अनेक भाषाओं में अनेक प्रकार के साधु | संत रूपी पुष्प खिले । उन पुष्पों (विभूतियों) का परस्पर सम्बन्ध था । यह केवल उसी विराट-वृक्ष को मालूम है। जहाँ जहाँ ये पुष्प (साधु संत) गए वहाँ वहाँ उन्होंने धर्म की मधुर सुगंध को फैलाया। परन्तु इनके निकट (सम्पर्क) | वाले लोग सुगन्ध की महत्ता नहीं समझ सके। फिर किसी सन्त का सम्बन्ध आदिशक्ति से हो सकता है यह बात सर्वसाधारण की समझ से परे है । मैं जिस स्थिति पर से आपको ये कह रही हूँ उस स्थिति को अगर आप प्राप्त कर सकें तभी आप ऊपर कही गयी बात समझ सकते हैं या उसकी अनुभूति पा सकते हैं क्योंकि मैं जो आपसे कह रही हूँ वह सत्य है कि नहीं इसे जानने का तन्त्र इस समय आपके पास नहीं है; […]

5th Day of Navaratri Celebrations, Guru Tattwa (Mahima) and Shri Krishna मुंबई (भारत)

5th Day of Navaratri Celebrations, Guru Tattwa (Mahima) and Shri Krishna

[Hindi Transcript]

गुरू तत्व और श्रीकृष्ण शक्ति २६ सितम्बर १९७९, मुंबई अभी तक के लेखों के अनुसार अपने शरीर में अलग-अलग देवताओं के विशिष्ट स्थान हैं। सद्गुरु का भी स्थान अपने शरीर में है और यह स्थान हमारे शरीर में हमारी नाभि के चारों तरफ है। नाभिचक्र पर श्री विष्णुशक्ति का स्थान है। विष्णुशक्ति के कारण ही मानव की अमीबा से उत्क्रान्ति हुई है। और इसी विष्णुशक्ति से ही मानव का अतिमानव होने की घटना घटित होगी। सद्गुरु का स्थान आप में बहुत पहले से स्थित है। अब गुरूतत्व कैसा है यह समझने की कोशिश करते हैं । गुरुतत्व अनादि है। आप में अदृश्य रूप से तीन मुख्य शक्तियाँ कार्यान्वित हैं। इसमें से पहली शक्ति को हम श्री महाकाली की शक्ति, […]

1st Day of Navaratri Celebrations, Shri Kundalini, Shri Ganesha मुंबई (भारत)

Kundalini Ani Shri Ganesha 22nd September 1979 Date : Place Mumbai Seminar & Meeting Type

[Hindi translation from Marathi talk]

आज के इस के प्रथम दिन शुभ घड़ी में, ऐसे इस सुन्दर वातावरण में इतना सुन्दर विषय, सभी योगायोग मिले हुए दिखते हैं। आज तक मुझे किसी ने पूजा की बात नहीं कही थी, परन्तु वह कितनी महत्त्वपूर्ण है! विशेषतः इस भारत भूमि में,महाराष्ट्र की पूण्य भूमि में, जहाँ अष्टविनायकों की रचना सृष्टि देवी ने (प्रकृति ने) की है । वहाँ श्री गणेश का क्या महत्त्व है और अष्टविनायक का महत्त्व क्यों है ? […]