Sahasrara Puja, You Have All Become Mahayogis Now (Italy)

अब अपनी शक्तियों को पहचानिये। जैसे कल उसने … निशात खान ने राग दरबारी गाया या बजाया …तो आप इस समय दरबार में हैं … परमात्मा के दरबार में। अपने दायित्वों को पहचानिये। प्रत्येक को अपने दायित्वों को पहचानना है और समझना है कि आप कौन हैं …. आपकी शक्तियां क्या हैं और आप क्या-क्या कर सकते हैं? अब वे दिन गये जब आप अपने आशीर्वादों को गिना करते थे। अब आपको अपनी शक्तियों को देखना है कि मेरी कौन-कौन सी शक्तियां हैं और मैं इनका किस प्रकार से उपयोग कर सकता हूं? […]

Sahasrara Puja (Austria)

आप विराट के सहस्त्रार में प्रवेश कर रहे हैं ….
(सहस्त्रार पूजा, लक्समबर्ग , वियेना, ( ऑस्ट्रिया ), 5 मई 1985)
आज हम ऑस्ट्रिया की महारानी द्वारा बनाये गये इस स्थान पर सहस्त्रार पूजा के लिये एकत्र हुये हैं। जैसे ही आप सहस्त्रार के क्षेत्र में प्रवेश करते हैं तभी आपको सहस्त्रार पूजा करने का अधिकार है। इससे पहले किसी ने भी सहस्त्रार के विषय में बात नहीं की ….. और न ही उन्होंने कभी सहस्त्रार की पूजा की। ये आपका ही विशेषाधिकार है कि आप सहस्त्रार के क्षेत्र में पंहुच चुके हैं और इसकी पूजा भी कर रहे हैं। ये आपका अधिकार है ….. […]

Sahasrara Puja, Above the Sahasrar मुंबई (भारत)

सहस्रार पूजा बम्बई, ५ मई १९८३

आप सबकी ओर से बम्बई के सहजयोगी व्यवस्थापक जिन्होंने यह इन्तजामात किये हैं, उनके लिये धन्यवाद देती हूँ, और मेरी तरफ से भी मैं अनेक धन्यवाद देती हूँ। उन्होंने बहुत सुन्दर जगह हम लोगों के लिये ढूँढ रखी है। ये भी एक परमात्मा की देन है कि इस वक्त जिस चीज़़ के बारे में बोलने वाली थी, उन्हीं पेड़ों के नीचे बैठकर सहस्रार की बात हो रही है। चौदह वर्ष पूर्व कहना चाहिये या जिसे तेरह वर्ष हो गए और अब चौदहवाँ वर्ष चल पड़ा है, […]

Sahasrara Puja, Sincerity Is The Key Of Your Success (England)

सहस्त्रार पर आपको सामूहिक आत्मा द्वारा आशीर्वादित किया जा रहा है।
(सहस्त्रार पूजा, डौलिस हिल)
हम कह सकते हैं कि 5 मई 1970 को पहली बार परमात्मा की सामूहिक आत्मा का द्वार खोला गया था। इससे पहले परमात्मा के आशीर्वाद लोगों को व्यक्तिगत रूप से ही प्राप्त होते थे …. और वे अपना आत्मसाक्षात्कार भी व्यक्तिगत रूप से ही प्राप्त करते थे एक के बाद एक। व्यक्तिगत आत्मसाक्षात्कार की विधि सामूहिक साक्षात्कार से एकदम अलग थी। उन्हें (व्यक्तिगत आत्मसाक्षात्कार) पहले अपना धर्म को स्थापित करना पड़ता था ……. […]