Shri Rama Puja कोलकाता (भारत)

रामनवमी पूजा कलकत्ता, २५.३.१९९१

आप जानते हैं कि हमारे चक्रों में श्री राम बहुत महत्वपूर्ण स्थान लिए हुए हैं। वो हमारे राइट हार्ट पर विराजित हैं। श्रीराम एक पिता का स्थान लिये हुए हैं, इसलिये पिता के कर्तव्य या प्रेम में कुछ कमी रह जाये तो ये चक्र पकड़ सकता है। सहजयोग में हम समझ सकते हैं कि राम और सब जितने भी देवतायें हैं, जो कुछ भी शक्ति के स्वरूप संसार में आये हैं, वो अपना अपना कार्य करने आये हैं। उसमें श्रीराम का विशेष रूप से कार्य है। जैसे कि सॉक्रेटिस ने कहा हआ है कि संसार में बिनोवेलंट किंग आना है । उसके प्रतीक रूप श्रीरामचन्द्रजी इस संसार में आये हैं। श्रीराम पूरी तरह से मनुष्य रूप धारण कर के आये थे| वे ये भी भूल गये थे कि मैं श्रीविष्णु का अवतार हूँ। उन्हें भुला दिया गया था। किन्तु सर्व संसार के लिए वे एक पुरुषोत्तम राम थे। हम लोगों को सहजयोग में यह समझ लेना चाहिए कि हम किसी भी देवता को जब हम अपना आराध्य मानते हैं तो हमारे अन्दर उसकी कौनसी विशेषताएऐं आयी हुई हैं? […]