Mahashivaratri Puja पुणे (भारत)

Mahashivaratri Puja 15th February 2004 Date: Place Pune Type Puja

[Original transcript Hindi talk, scanned from Hindi Chaitanya Lahari]

कठिन है। कल्याण’ माने हर तरह से साफल्य, हर तरह से प्लावित होना, हर तरह से अलंकृत होना। जब आशीर्वाद में कोई कहता है कि तुम्हारा “कल्याण” हो तो क्या होना चाहिए? क्या होता है? ये कल्याण क्या है? यह वही कल्याण है जिसको हम आत्मसाक्षात्कार’ कहते है। बगैर आत्मसाक्षात्कार के कल्याण नहीं हो सकता। उसकी समझ भी नहीं आ सकती और उसको आत्मसात भी नहीं किया र जा सकता। ये सब चीजें एक साथ कल्याणमय होती हैं और जिसकी वजह से मनुष्य अपने को अत्यन्त सुखी, […]

Mahashivaratri Puja पुणे (भारत)

Mahashivaratri Puja Date 16th March 2003: Place Pune Type Puja

[Original transcript Hindi talk, scanned from Hindi Chaitanya Lahari]

क्षमा करते हैं उसी परिपाक से या कहना चाहिए (अनुवादित) आज हम श्री शिव-सदाशिव की पूजा करेंगे। अतिशयता से फिर वो इस संसार को नष्ट भी कर उनका गुण यह है कि वे क्षमा की मूर्ति हैं। उनके सकते हैं। तो पहले तो हमें उनकी क्षमाशीलता क्षमा के गुण के कारण ही हममें से बहुत से लोग सीखनी चाहिए। किस कदर क्षमाशील, […]

Mahashivaratri Puja पुणे (भारत)

Mahashivaratri Puja Date 5th March 2000: Place Pune: Type Puja

[Original transcript Hindi talk, scanned from Hindi Chaitanya Lahari]

शिवजी को आप लोग मानते हैं और धीरे-2 वो नष्ट होते जाते हैं। धीरे धीरें वी उनकी बड़ी पूजा अर्चना होती है। लेकिन शिवजी के गुणधर्म आप जानते नहीं, इसलिए बहुत बार सांत्वना करने वाले हैं। हमको शांति देने वाले आपसे गलती हो हैं। और जब स्वरूप जो है वो आनंद स्वरूप है। सूक्ष्म सं शिवजी की शक्ति और विष्णु की शक्ति जैसे समाप्त होते जाते हैं। पर शिवजी जो हैं ये हमारी जाती है। शिवजी का विशेष और हमको आनंद देने वाले ये आनंद उनका सब तरफ छाया रहता है। कि कुण्डलिनी और नाड़ी, […]

Mahashivaratri Puja New Delhi (भारत)

Mahashivaratri Puja Date 14th February 1999: Place Delhi: Type Puja Hindi & English Speech Language

[Original transcript Hindi talk, scanned from Hindi Chaitanya Lahari]

पहले मैं हिन्दी भाषा में बोलूँगी फिर सोपान मार्ग बना हुआ है. जिसे हम सुषुम्ना नाड़ी अंग्रेजी में आज हम श्री महादेव, शिवशंकर की पूजा करने के लिए एकत्र हुए हैं। शंकर जी के नाम से अनेक व्यवस्थाएं दुनिया में हो गईं। आदिशंकराचार्य के प्रसार के कारण शिवजी की शिव की, और जो रास्ता है वो विष्णु का पूजा बहुत जोरों में मनाने लग गए और दक्षिण में तो दो तरह के पंथ तैयार हो गए एक जिसको शैव कहते हैं और दूसरे जो वैष्णव कहलाते हैं । अब शैव माने शिव को मानने वाले और वैष्णव अपनी जगह बैठे हैं, […]

Mahashivaratri Puja New Delhi (भारत)

Mahashivaratri Puja Date 16th March 1997 : Place Delhi : Type Puja Hindi & English

[Orignal transcript Hindi talk, scanned from Hindi Chaitanya Lahari]

आज हम लोग शिवजी की पूजा करने जा भी चीज का महत्व नहीं रह जाता। रहे हैं। शिवजी के स्वरूप में एक स्वयं साक्षात अब शंकर जी की जो हमने एक आकृति सदाशिव हैं और उनका प्रतिबिम्ब शिव स्वरुप है। देखी है, एक अवधूत, पहुँचे हुए, एक बहुत कोई ये शिव का स्वरूप हमारे हृदय में हर समय औलिया हो, […]

Mahashivaratri Puja Sydney (Australia)

श्रीशिवजी पूर्णतया अनासक्त हैं ……
(महाशिवरात्रि पूजा, सिडनी, 3 मार्च 1996)
सहजयोगियों के रूप में आपको छोटी-छोटी चीजों को ज्ञान होना आवश्यक है, बड़ी-बड़ी चीजों का ज्ञान होना भी आवश्यक है। उस महान दृष्टि के कारण जिससे आप परमात्मा के साम्राज्य में पहुंच चुके हैं। मैं कह सकती हूं कि आप वहां प्रवेश पा चुके हैं। मैं कह सकती हूं कि आपने वह अवस्था प्राप्त कर ली है। परंतु अभी भी आप वहां नहीं हैं। ये ऐसा ही है कि यदि मैं किसी से कहूं कि आप अब ऑस्ट्रेलिया में हैं लेकिन वह आस्ट्रेलिया में है ही नहीं लेकिन मैं कहूं कि तुम आस्ट्रेलिया में ही हो तो वह इसका विश्वास कर लेगा कि वह आस्ट्रेलिया में है। लेकिन यह गलत है। आपको आस्ट्रलिया में होना होगा और फिर आस्ट्रेलिया के बारे में जानना होगा कि वहां की जलवायु कैसी है … […]

Mahashivaratri Puja, Surrender New Delhi (भारत)

Mahashivaratri Puja. Delhi (India), 14 March 1994.
It’s a great pleasure that from all over the world people have gathered to worship Shiva. Actually we should say it is Sadashiva that we are going to worship today. As you know the difference between Sadashiva and Shri Shiva. Sadashiva is the God Almighty and He is a witness of the play of the Primordial Mother.
The combination between Sadashiva and the Primordial Mother Adi Shakti is just like a moon and the moonlight or the sun or the sunlight. […]

Mahashivaratri Puja मुंबई (भारत)

Mahashivaratri Puja Date 19th February 1993 : Place Mumbai Type Puja Speech Language Hindi

[Original transcript Hindi talk, scanned from Hindi Chaitanya Lahari]

आज यहां पर हम लोग शिवजी की पूजा करने के लिये है कि जिसपे भी दृष्टि पड़ जाए वो ही तर जाता है। जिसके एकत्रित हुए तरफ उनका चित्त चला जाए वो ही तर जाए। कुछ उनको े पूजा एक बहुत विशेष पूजा है क्योकि मानव का अन्तिम लक्ष्य यही है कि वो शिव तत्व को प्राप्त करें। करने की ज़रूरत ही नहीं है ये सब खेल है। जैसे बच्चों शिव तत्व बुद्धि से परे है। उसको बुद्धिध से नहीं जाना जा सकता। के लिए खेल होता है परमात्मा के लिए भी वो सारा एक जब तक आप आत्म-साक्षात्कारी नहीं होते, […]

Mahashivaratri Puja पुणे (भारत)

Mahashivaratri Puja 23rd February 1990 Date : Place Pune Type Puja Speech Language Hindi

आज शिवरात्री है और शिवरात्री में हम शिव का पूजन करने वाले हैं। बाह्य में हम अपना शरीर है और उसकी अनेक उपाधियाँ, मन, अहंकार बुद्धि आदि हैं और बाह्य में हम उसकी चालना कर सकते हैं, उसका प्रभुत्व पा सकते हैं। इसी तरह में जो कुछ अंतरिक्ष में बनाया गया है, वह हम सब जान सकते हैं, उसका उपयोग कर सकते हैं। उसी प्रकार इस पृथ्वी में जो कुछ तत्व हैं और इस पृथ्वी में जो कुछ उपजता है उन सबको हम अपने उपयोग में ला सकते हैं। इसका सारा प्रभूत्व हम अपने हाथ में ले सकते हैं। लेकिन ये सब बाह्य का आवरण है। वो हमारी आत्मा है, […]

Mahashivratri Puja New Delhi (भारत)

Mahashivaratri Puja 6th March 1989 Date : Place Delhi Type Puja : Speech Language Hindi

[Original transcript Hindi talk, scanned from Hindi Chaitanya Lahari]

रहे हैं लेकिन मुझे भी तो कुछ देना चाहिए। इस कलयुग में ईमानदारी से जो काम किया जाता है उसके लिये काफी विपत्तियाँ, आपत्ति, संकट उठाने पड़ते हैं। हालांकि सबसे बड़ा समाधान ये है कि हम लोग इंमानदार हैं। और सहजयोग में एक बात जाननी चाहिए कि जो चीज़ जिस वक्त बननी है उस वक्त जुरूर बन जाएगी, […]

Mahashivaratri Puja Mumbai (India)

Shivaratri Puja, Bombay (India), 14 February 1988.
This part was spoken in Hindi
Today we are all come together to celebrate the Shiva Tattwa Puja.  Nowadays, in Sahaja Yoga, what we have achieved is by the Grace of the Shiva Tattwa.  Shiva Tattwa is the ultimate goal (establishment, completion) of pure desire. When the Kundalini gets awakened in us, pure desire takes us near and keeps us at the Shiva Tattwa. Beyond Shiva Tattwa is the safe refuge of the Atma.  […]

Mahashivaratri Puja New Delhi (भारत)

Mahashivaratri Puja Date : 17th February 1985 Place Delhi Туре Puja Speech Language Hindi

ORIGINAL TRANSCRIPT HINDI TALK Scanned from Hindi Chaitanya Lahari अपनी कुण्डलिनी को नीचे नहीं गिरने दें । आज शिवरात्रि के इस शुभ अवसर पे हम लोग एकत्रित हुए हैं और ये बड़ी भारी बात है कि हर बार जब भी शिवरात्रि होती है मैं तो दिल्ली में रहती हूँ। हमारे सारे शरीर, मन, बुद्धि, अहंकार, सारे चीजों में सबसे महत्वपूर्ण चीज है आत्मा और बाकी सब कुण्डलिनी इसलिए नीचे गिरती है क्योंकि हमारे अन्दर बहुत से पुराने विचार, […]

Mahashivaratri Puja New Delhi (भारत)

Shivaratri Puja
आपके अंदर इस अनासक्ति को आना होगा …. इसमें थोड़ा समय लगता है। खासकर भारतीय लोगों में …. जो हर समय अपने बच्चों, माता और पिता के बारे में चिंतित रहते हैं और ये चलता रहता है। वर्षों तक मेरा बेटा … मेरी बेटी … मेरे पिता … पूरे समय ये चलता रहता है। अब परमात्मा की कृपा से कई लोग अपने दायित्वों से छुटकारा प्राप्त कर चुके हैं … सहजयोग के माध्यम से या जिस प्रकार से भी (श्रीमाताजी हंसती हैं)। जो लोग भी अब सहजयोग में आ रहे हैं कि हमें सहजयोग के आशीर्वाद प्राप्त करना है … […]

Mahashivaratri Puja New Delhi (भारत)

1977-02-16 Mahashivaratri: Sat-Chit-Ananda, Delhi
महाशिवरात्री, १९७७ फरवरी १६
आज का दिन कितना शुभ है की महाशिवरात्री के दिन हम लोग सब साथ शिव की स्तुती गा रहे हैं। शिव याने सदाशिव, इन्हीं से सृष्टी शुरू हुई है और इन्हीं में खत्म होती है। सबसे पहले गर आप ब्रम्ह को समझे तो ब्रम्ह से शक्ती और शिव, जैसे की एक cell के अंदर उसका न्युक्लिअस nucleus होता है, उसी की तरह शिव और शक्ती सबसे पहले ब्रम्ह में स्थापित होते हैं। सृष्टी कैसी हुई, […]

महाशिवरात्री पूजा-उत्पत्ति, आदिशक्ति और शिव मुंबई (भारत)

1976-02-29 Mahashivaratri Puja: Utpatti – Adi Shakti aur Shiva ka Swaroop, Mumbai, महाशिवरात्री पूजा-उत्पत्ति, आदिशक्ति और शिव मुंबई २९/२/७६

आप से पहले मैने बताया उत्पत्ति के बारे में क्योंकि महाशिवरात्रि के दिन जब शिवजी की बात करनी है तो उसका प्रारंभ उत्पत्ति से ही होता है इसलिए वह आदि है । पहले परमेश्वर का जब पहला स्वरूप प्रगटीत होता है, याने मॅनिफेस्ट होता है जब की वह ब्रह्म से प्रकाशित होते है, उस वक्त उन्हे सदाशिव कहा जाता है । इसलिए शिवजी जो है, […]