Birthday Puja मुंबई (भारत)

जन्म दिवस पूजा मुम्बई मार्च 21, 1991

सारे विश्व में आज हमारे जन्म दिवस की खुशियां मनाई जा रही हैं। यह सब देखकर जी भर आता है कि क्या कहें आज तक किसी भी बच्चों ने अपनी माँ को इतना प्यार नहीं किया होगा जितना आप मुझे देते हैं। ये श्री गणेश की महिमा है जो अपनी माँ को सारे देवताओं से भी ऊंचा समझते थे और उनकी सेवा में लगे रहते थे। इसलिए वह सर्व सिद्धि प्राप्त कर गये यह तो नैसर्गिक है कि हर माँ को अपने बच्चों से प्यार होता है और वह अपने बच्चों के लिए हर तरह का त्याग करती है। और उसे उनसे कोई अपेक्षा भी नहीं होती। लेकिन हर माँ चाहती है कि मेरा बेटा चरित्रवान हो, […]

Sahasrara Puja, Above the Sahasrar मुंबई (भारत)

सहस्रार पूजा बम्बई, ५ मई १९८३

आप सबकी ओर से बम्बई के सहजयोगी व्यवस्थापक जिन्होंने यह इन्तजामात किये हैं, उनके लिये धन्यवाद देती हूँ, और मेरी तरफ से भी मैं अनेक धन्यवाद देती हूँ। उन्होंने बहुत सुन्दर जगह हम लोगों के लिये ढूँढ रखी है। ये भी एक परमात्मा की देन है कि इस वक्त जिस चीज़़ के बारे में बोलने वाली थी, उन्हीं पेड़ों के नीचे बैठकर सहस्रार की बात हो रही है। चौदह वर्ष पूर्व कहना चाहिये या जिसे तेरह वर्ष हो गए और अब चौदहवाँ वर्ष चल पड़ा है, […]

Mahashivaratri Puja: What makes Mother pleased? New Delhi (भारत)

                                              महाशिवरात्रि पूजा

 नई दिल्ली, भारत, फरवरी, 20, 1982

आज वह दिन है जब हम महाशिवरात्रि मनाते हैं। एक महान दिन है, या हमें कहना चाहिए महान रात। यह पूजा रात में होनी चाहिए थी। एक महान रात है जब शिव इस धरती पर स्थापित हुए थे। क्योंकि उस तरह शिव अनादि हैं। तो, कोई यह कहेगा कि, “शिव क्यों?” शिव के जन्मदिन की तरह आप कह सकते हैं या कुछ और, “यह कैसे हो सकता है?”, […]

Diwali Puja Hampstead (England)

(श्री दीवाली पूजा, हॅम्पस्टेड (लंदन), 9 नवम्बर 1980)
आपको मालूम होना चाहिये कि आप एक ही परिवार के सदस्य हैं। किसी को भी युद्ध नहीं करना है, किसी को भी एक दूसरे से महान नहीं बनना है, किसी को भी दूसरे में सुधार लाने की आवश्यकता नहीं है, किसी को भी यह नहीं कहना है कि मैं कुछ अनोखा ही व्यक्ति हूं। आप सबको एक साथ मिलकर कार्य करना है और साथ में कार्य करते हुये प्रेम व मित्रता से समस्याओं का समाधान ढूंढ निकालना है। कोई भी जो स्वयं को
अन्य लोगों से अलग कर कुछ और ही बनने का प्रयास करता है वह बाहर (सहज से) चला जाता है और सहज के लिये वह व्यक्ति एकदम किसी काम का नहीं है …. […]

Birthday Puja: Guarding Against Slothfulness London (England)

                                                    जन्मदिन पूजा

                    आलस्य एक अभिशाप 

 लंदन (यूके), 23 मार्च 1980।

आपकी माँ का जन्मदिन, और इस तरह के सभी समारोहों का बहुत गहरा महत्व है, क्योंकि ऐसे अवसरों पर वातावरण में विशेष चैतन्य होता है। जब सभी आकाशीय पिंड , शाश्वत व्यक्तित्व, देवता और देवी स्तुति गाते हैं, और इस तरह पूरा वातावरण मृदुल और आनंद से भर जाता है। मानव भी, आभार व्यक्त करता है। कृतज्ञता और प्यार की अभिव्यक्ति अलग-अलग देशों में अलग-अलग तरीकों से की जाती है, […]

Guru Puja: Gravity Point London (England)

                                                      गुरु पूजा

 डॉलिस हिल आश्रम, लंदन (यूके)

 8 जुलाई 1979

आज गुरु पूर्णिमा का दिन है। यह पूर्ण चंद्रमा का दिन है, इसलिए इसे पूर्णिमा कहा जाता है। गुरु को पूर्ण चंद्रमा की तरह होना चाहिए: इसका मतलब है पूरी तरह से विकसित, पूरी तरह परिपक्व।

चंद्रमा की सोलह कला या चरण होते हैं, और जब पूर्ण पूर्णिमा आती है, पूर्णिमा के दिन, सभी सोलह कलाएं पूरी हो जाती हैं। आप यह भी जानते हैं कि विशुद्धि चक्र में सोलह उप चक्र होते हैं। जब कृष्ण को विराट के रूप में वर्णित किया जाता है, […]

Spirit, Attention, Mind Finchley Ashram, London (England)

                                                                “आत्मा, चित्त, मन”

 फिंचली आश्रम, लंदन (यूके), 20 फरवरी 1978

… और वह हमें एक साधन के रूप में उपयोग कर रहा है। साथ चलो!

जैसा की मैंने कहा।

अब क्रिस्टीन ने मुझसे पूछा था, “हमारा समर्पण क्या है?” और उसने मुझसे पूछा है कि क्या हमारे पास एक स्वतंत्र इच्छा है या नहीं। ठीक है?

आपके पास अपनी एक स्वतंत्र इच्छा है। खासतौर पर इंसानों के पास है, जानवरों के पास नहीं। हम कह सकते हैं, […]

Teen Shaktiya मुंबई (भारत)

TEEN SHAKTIYAN, Date: 21st January 1975, Place: Dadar, Type: Seminar & Meeting

Table of Contents[Hindi Transcript][Hindi transcript ver2]

[Hindi Transcript]

जैसे कोई
माली बाग लगा देता है और
उस पे प्रेम से सिंचन करता है
और उसके बाद देखते रहता है कि
देखें कि बाग में
कितने फूल खिले खिल
रहे हैं। वो देखने
पर जो आनन्द एक माली
को आता है उसका क्या वर्णन हो
सकता हे! कृष्ण
नाम का अर्थ होता है कृषि से”, […]