Mahashivaratri Puja Bundilla Scout Camp, Sydney (Australia)

“अपने चित्त को प्रेरित करें “, महाशिवरात्रि पूजा। बुंडिला स्काउट कैंप, सिडनी (ऑस्ट्रेलिया), 3 मार्च 1996.
आज हम शिव, श्री शिव की पूजा करने जा रहे हैं। जैसा कि आप जानते हैं, श्री शिव हमारे भीतर सदाशिव का प्रतिबिंब हैं।
मैंने पहले ही प्रतिबिंब के बारे में बताया है। सदाशिव , सर्वशक्तिमान परमात्मा हैं, जो आदि शक्ति की लीला देखते हैं। लेकिन वह पिता हैं जो अपनी प्रत्येक रचना को या उनकी प्रत्येक रचना को देख रहे हैं।
उनका समर्थन आदि शक्ति को पूरी तरह से है, […]

Easter Puja: Resurrection Bundilla Scout Camp, Sydney (Australia)

ईस्टर पूजा। सिडनी (ऑस्ट्रेलिया), 3 अप्रैल 1994।

मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई कि आप यहाँ  बहुत संख्या में आए हैं – और मुझे लगता है कि यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण पूजा है, न केवल ऑस्ट्रेलिया के लिए बल्कि पूरे विश्व के लिए, क्योंकि इसमें सबसे बड़ा संदेश है जिसे हमने अब सहजयोग में साकार किया है।

हमें ईसा मसीह के संदेश को समझना होगा। इस दुनिया में बहुत से लोग हैं जो यह दिखाने का प्रयास करते हैं कि वे बहुत महान तर्कवादी हैं और उन्हें कोई  […]

Address to Sahaja Yogis, The need to go deeper Sydney (Australia)

(सहजयोगियों से बातचीत, प्रश्नोत्तर, बरवुड, सिडनी (ऑस्ट्रेलिया), 6 मई, 1987)
आज मैंने आपकी उन सभी समस्याओं को सोख लिया है जो कैनबरा में थीं और बाद में उस कॉफ्रेंस में थीं और उसके बाद यहां पर भी थीं। ये सभी समस्यायें मेरे चित्त में आती हैं और मैं उन पर वर्क करने का प्रयास कर रहीं थी। मेरी वर्क करने की शैली एकदम अलग है क्योंकि मेरा यंत्र अत्यंत तीक्ष्ण और प्रभावशाली है। लेकिन इसके लिये मुझे इस पर अपना चित्त डालना पड़ता है और कभी कभी मुझे थोड़ा-बहुत कष्ट भी उठाना पड़ता है लेकिन कोई बात नहीं।
आपके लिये भी यह महत्वपूर्ण है कि आप भी इन गहन भावनाओं को…. […]

Devi Puja: How To Ascend Into Nirvikalpa Sydney (Australia)

             देवी पूजा, “निर्विकल्प तक उत्थान कैसे पाएँ ” 

सिडनी (ऑस्ट्रेलिया), 10 मार्च 1985

बयार चलेगी, अब आपको परेशानी नहीं होगी।

इतने उच्च विकसित बहुत सारे सहजयोगियों को देखकर बहुत खुशी होती है। मुझे यकीन है कि सभी देवी-देवता और स्वयं सर्वशक्तिमान ईश्वर इस उपलब्धि को देखकर बहुत प्रसन्न होंगे, इसमें कोई संदेह नहीं है।

लेकिन मुझे बताया गया था कि आप उच्च तरीके, या ऊँची बातें जानना चाहते हैं, जिसके द्वारा आप उच्च और अधिक ऊंचाई का उत्थान चाहते हैं।

समाधि अवस्था में, […]

Birthday Puja: Overcoming The Six Enemies Sydney (Australia)

             जन्मदिन पूजा, “छह दुश्मनों पर काबू पाना

 सिडनी (ऑस्ट्रेलिया) २१ मार्च १९८३।

आज इस शुभ दिन पर आप लोगों के साथ होना बहुत महत्व का है; आस्ट्रेलियाई लोगों के साथ रहना जो बहुत अच्छे सहज योगी साबित हुए हैं और जिन्होंने अपने आध्यात्मिक जीवन में बहुत तेजी से प्रगति की है। यहां अपने बच्चों के साथ रहकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। जैसा कि आप जानते हैं कि पूरी दुनिया में मेरे बहुत सारे बच्चे हैं,  […]

We have to understand that truth is not a mental action Maccabean Hall, Sydney (Australia)

                             सत्य मानसिक क्रियाकलाप नहीं है

सार्वजनिक कार्यक्रम दिवस १. सिडनी (ऑस्ट्रेलिया), 15 मार्च 1983

लेकिन इससे पहले कि हम अपनी खोज के बारे में सही निष्कर्ष पर पहुंचें, हमें यह समझना होगा कि सत्य कोई मानसिक क्रिया नहीं है।

अगर आपका मन कहता है कि “यह ऐसा है” तो आवश्यक नहीं की ऐसा ही होना चाहिए। जीवन में यह हमारा प्रतिदिन का अनुभव है कि मानसिक रूप से जब हम कुछ स्थापित करने का प्रयास करते हैं, […]

Devi Puja: Individual journey towards God Sydney (Australia)

                                                       देवी पूजा

 सिडनी (ऑस्ट्रेलिया), 14 मार्च 1983।

अब आप सभी इस समय तक जान गए हैं कि हमारे ही भीतर शांति, सुंदरता, हमारे अस्तित्व का गौरव स्थित है। इन सबका एक सागर है। हम बाहर इसकी खोज़ नहीं कर सकते। हमें भीतर जाना है; जिसे वे ‘ध्यान की अवस्था में’ कहते हैं, आप उसकी तलाश करते हैं, आप उसका आनंद लेते हैं।

जैसे, प्यास लगने पर आप किसी नदी पर जाते हैं या क्या आप समुद्र में जाते हैं ? […]

Just mere awakening of the Kundalini is not sufficient Sydney (Australia)

       कुण्डलिनी जागरण हो जाना मात्र ही पर्याप्त नहीं है

 सिडनी (ऑस्ट्रेलिया), 29 मार्च 1981।

मोदी ने अवश्य ही बहुत स्पष्ट रूप से आपको बताया होगा कि सहज योग में कैसे विकास किया जाए क्योंकि वह उनमें से एक हैं जिन्होंने अपने विकास को सुनिश्चित करने के लिए वास्तव में बहुत सकारात्मक कदम उठाये हैं। अब बोध के बारे में एक सरल बात समझनी होगी कि, केवल कुंडलिनी का जागरण पर्याप्त नहीं है, यह केवल शुरुआत है। आपको अपना बोध प्राप्त होता है लेकिन आपको वृक्ष बनना होगा, […]