Easter Puja (Kolkata)

Easter Puja. Calcutta (India), 14 April 1996.

​आज
हम
लोग
ईस्टर
की
पूजा
कर
रहे
हैं।
आज
सहजयोगीं
के
लिए
एक
महत्वपूर्ण
दिन
हैं।
क्यों
की
ईसा
मसीह
ने
दिखा
दिया
की
मानव
का
उत्थान
हो
सकता
हैं।
और
इस
उत्थान
के
लिए
हमें
प्रयत्नशील
रहना
चाहिए।
जो
उनको
क्रूस
पे
चढ़ाया
गया,
उसमें
भी
एक
बढ़ा
अर्थ
है
के
क्रूस
पर
टाँग
कर
उनकी
हत्या
की
गई
और
क्रूस
आज्ञा
चक्र
पे
एक
स्वस्तिक
का
ही
स्वरूप
है।
उसी
पर
टाँग
कर
के
​और
ईसा
मसीह
वही
पे
गत:प्राण।
उस
वक्त
उन्होंने
जो
बातें
कही
उसमें
से
सबसे
महत्वपूर्ण
बात
यह
थी
की
उन्होंने
कहा
की
माँ
का
इंतज़ार
करो।
माँ
की
ओर
नज़र
करो।
उसका
अर्थ
कोई
कुछ
भी
लगाए
पर
दिखाई
देता
हैं
की, […]

Easter Puja, Crucify Yourself (Kolkata)

ईस्टर अत्यंत प्रतीकात्मक है …….
(क्रूसिफाई योरसेल्फ, ईस्टर पूजा, कलकत्ता, 14 अप्रैल, 1995)
आज के दिन हम ईस्टर मना रहे हैं। ईस्टर अत्यंत प्रतीकात्मक है … न केवल ईसा के लिये बल्कि हम सब के लिये। इसमें सबसे महत्वपूर्ण दिन पुनर्जीवन का दिन है। ईसा के पुनर्जीवन या पुनरूत्थान में ईसाई धर्म का संदेश है न कि क्रॉस का। पुनरूत्थान से ईसा ने दिखा दिया है कि अपने शरीर में रहते हुये ही हमारा पुनरूत्थान हो सकता है। अपने पुनरूत्थान के बिना हम आज्ञा चक्र को पार नहीं कर सकते थे। उनका जीवनकाल बहुत ही छोटा था… […]