Address to IAS Officers, Stress and Tension Management Mumbai (India)

Address to IAS Officers, Mumbai (India), 11 March 2000.
I bow to all the seekers of truth. That’s a very interesting subject that has been given to Me to talk to you people because I have been always worried about the IAS, IPS, and other Government servants, very much worried because I have known the kind of life My husband was leading. And I used to think: if these new people, who have come to the services, […]

Makar Sankranti Puja Mumbai (India)

Makar Sankranti Puja in Suryavanshi hall at Mumbai (India), 14 January 1985.
9:13
Today we are celebrating here a special day called Makar Sankrant.
For the information of the foreign Sahaja Yogis, I will explain to you what it means. [Shri Mataji explains that She will speak first in English then in Marathi]. It means the day, today is the day the sun crosses over from the Tropic of Capricorn to the Tropic of Cancer. It is a very big day for us because, […]

Birthday Puja, Be Sweet, Loving and Peaceful Mumbai (India)

Puja for the 61° Birthday (Be sweet, loving and peaceful), Juhu, Bombay (India), 22 March 1984.
I have just told them (Indian Sahaja Yogis) that you should not try to copy the western style of ego-oriented society where people use harsh words, because then we think that we have modernized ourselves. To say harsh words to somebody, “What do I care! I hate you!”—All these sentences, we have never used, these are unknown to us. I mean anybody to say like this is unmannerliness. […]

9th Day of Navaratri Celebrations, Eve of Navaratr, Puja & Havan Mumbai (India)

1979-0930 Last Day Navaratri
अपने भक्तो को सरंक्षित किया. ये बड़ा भारी कार्य एक ज़माने में हो गया जब उनके भक्तो को हर तरफ से दुष्ट राक्षस आदि सैतान के अनुचर सताया करते थे. आज भी संसार में सैतानो की कमी  नहीं है. दुष्टों की कमी नहीं है, राक्षसों की कमी नहीं है. और इनके जो राक्षसी विचार है ,और जो इनके गलत तरीके है इससे आज सारा ही संसार लिप्त नज़र आ रहा है. और इसलिए , […]

Navaratri Celebrations 1979 Mumbai (India)

(नवरात्रि उत्सव, कुंडलिनी और कल्कि शक्ति , मुंबई,महाराष्ट्र, भारत, 28 सितंबर 1978)।
आज हम कुंडलिनी और कल्कि के संबंध पर बात करेंगे। वास्तव में कल्कि शब्द निष्कलंक शब्द का अपभ्रंश है। निष्कलंक का अर्थ वही है जो मेरे नाम का निर्मला का अर्थ है … निष्कलंक अर्थात बिना दाग धब्बे वाला… बिना किसी दाग धब्बे वाला व्यक्ति।
कल्कि …. इस अवतरण का वर्णन कई पुराणों में मिलता है …. कि कल्कि सफेद घोड़े पर सवार होकर इस धरती पर, […]

Makar Sankranti Puja (Mumbai)

1979-01-14, Sankranti Puja 1979, Mumbai
श्री माताजी निर्मला देवी
आशा है आप लोग यहाँ सत्य के खोज मैं आये होंगे.
मैं आपसे हिंदी में बातचीत कर रही हूँ. कोई लोग ऐसे हों की हिंदी बिलकुल ही नहीं समझते हैं तो फिर अंग्रेजी में बातचीत करूंगी. ….ठीक है.
सत्य की खोज में मानव ही रह सकता है,… जानवर, प्राणी नहीं रह सकते. उनको इसकी ज़रुरत नहीं होती. मनुष्य को ही इसकी ज़रुरत होती है की वो सत्य को जाने. […]

प्रजापति का यज्ञ Mumbai (India)

प्रजापति का यज्ञ 02/03/1976

इस संसार में जो सबसे बढ़कर के माया है वो है पढ़त मूर्खों की। पढ़तमूर्ख उन्हें कहते हैं जिनके लिए कबीरदासजी ने कहा है,’पढ़ी पढ़ी पंडित मूरख भए’ और इसलिए मैं किताब लिखने में भी बहुत डरती थी। और जब किताब लिखने का सोचा भी है, तो भी ऐसे महामूर्खों के हाथ में वो नहीं पड़नी चाहिए। वो लोग उसी प्रकार हैं जिस प्रकार कोई इंसान किसी भी देश में नहीं जाता है और झूठी बातें सारी दुनिया में बताता है कि मैं वहाँ गया था और वहाँ पर ये देखा, […]

Shri Mahashivaratri Puja Mumbai (India)

1976-02-29 Mahashivaratri Puja: Utpatti – Adi Shakti aur Shiva ka Swaroop, Mumbai
मैं श्री शिवजी की पूजा के विषय में बता रही थी कि उनकी पूजा से आपके अंदर क्या परिवर्तन आने चाहिये। परंतु आज मैं आपको बताने जा रही हूं कि आत्म साक्षात्कार के बाद आपके अंदर आंतरिक रूप से क्या घटना चाहिये। यहां पर (माथे पर) आपके 11 रूद्र स्थापित हैं। हम कह सकते हैं कि वे शिवजी की शक्तियों के कणों के रूप में हैं या अंशरूप में हैं और ये सभी आपके अंदर से जीवन के विषय में सभी प्रकार के गलत विचारों को दूर करते हैं। उदा0 के लिये जब कुंडलिनी जागृत होती है तो वे सब भी जागृत हो जाते हैं ग्यारह के ग्यारह। उदाहरण के लिये बुद्ध उनके एक अंश के रूप में हैं… […]

Lalita Panchami Mumbai (India)

ललिता पंचमी पूजा   दिनांक – 5 फरवरी 1976  स्थान – मुम्बई प्रकार – पूजा

इतना सब होते हुए भी बार बार इस तरह की बात बहुत से लोग मुझसे पूछते हैं हमारा क्या फ़ायदा हुआ? इस प्रश्न में निहित एक बहुत ही छोटी सी छुपी हुई बात है कि हमें जो कुछ मिला है उसके प्रति हमें कोई भी उपकार बुद्धि नहीं है।ज़रा सी भी उपकार बुद्धि नहीं है कि हम सोचते हैं कि हमने क्या सहज में ही पा लिया। उपकार बुद्धि जिसे sense of gratitude अंग्रेजी में कहते हैं जब तक आपके अंदर होगा नहीं सब बात उलटी बैठती जाएगी।

आज का दिन बड़ा शुभ है। ललिता पंचमी है। ललिता का मतलब है सुंदर, […]

Talk to Sahaja Yogis Mumbai (India)

1975-0331 Advice at Bharatiya Vidya Bhavan
आप लोग जो पहले ध्यान में आये थे तो आपको मैंने बताया था की परमात्मा तीन आस्पेक्ट होते है इसलिए उनकी तीन शक्तिया संसार में कार्य करती है. पहली शक्ति का नाम महालक्ष्मी, दूसरी का नाम महासरस्वती और तीसरी का महाकाली. उसमे से महाकाली की शक्ति हर एक जिव , हर एक पदार्थ में प्रणव रूप से है. प्रणव रूप से रहती है माने जो आपके हाथ से वाइब्रेशन निकल रहे है वही प्रणव रूप में. […]