Interview Varikstraat Ashram, Amsterdam (Holland)

मुलाकात – हिंदुस्तान टिव्ही स्टेशन, वरिक्स्त्रात आश्रम, अॅमस्टरडॅम, हॉलंड
३१.७.१९९४
प्रश्नकर्ता :- श्री माताजी, आप छोटे रुपमें अपना परिचय दे सकती है ?
श्री माताजी :- परिचय ऐसे की, शालिवाहन का जो खानदान था, उस खानदान के हम है| हमारे पिता और माता दोनोही गांधीजीके परमभक्त थे| और हमारे पिता अपनी कोंन्स्टीटयुएन्ट असेम्बली और उसके बाद पार्लमेंट वगैरा सबके मेम्बर थे| माता भी हमारी ऑनर्स मैथमेटिक्स में थी| और हमारे एक भाई साहब जो है वो अपने कॅबिनेट के मिनिस्टर भी है| लेकिन असल में अध्यात्मिक रूपसे हमारे माता पिता हमें पहचानते थे, […]

Ardha Matra Volume 5 two interviews or talks (भारत)

अर्धमात्रा वॉल्यूम ५

कथावाचक : अनादिकाल से मानव सत्य की खोज में पर्वतो की बर्फीली चोटियों से ले कर [unclear] कठिन परिश्रम करता रहा| भारत की पावन भूमि सत्य साधको की योगभूमि रही है| उन्होंने पाया की सारे ब्रह्माण्ड को चलने वाले अनगिनत शक्तियाँ एक परा शक्ति का अंश है, इस पराशक्ति को उन्होंने आदिशक्ति का नाम दिया |आदिशक्ति प्रभु के प्रेम की असीम शक्ति है जिसे मानव आपने जीवन में हर पल मह्सूस करता है|  […]

ORF Radio Interview Meli Ashram, Vienna (Austria)

[English to Hindi translation]

                                                    साक्षात्कार

श्री माताजी ने अपने प्रारंभिक जीवन के बारे में बात की

 वियना (ऑस्ट्रिया), 9 जुलाई 1986

रिपोर्टर: क्या हम आपके बचपन से शुरुआत कर सकते हैं?

श्री माताजी: हाँ।

रिपोर्टर: क्या आप उन परिस्थितियों का थोड़ा-बहुत वर्णन कर सकते हैं जहां आप बड़ी हुईं ?

श्री माताजी: मेरा परिवार?

रिपोर्टर : हां।

श्री माताजी : मैं बहुत प्रबुद्ध लोगों के परिवार से हूँ। मेरे पिता एक भाषाविद् थे और वे चौदह भाषाओं में निपुण थे। वह छब्बीस भाषाओं के बारे में जानते थे और उन्होने कुरान-ए-शरीफ का भी हिंदी भाषा में अनुवाद किया। मेरी माँ उन दिनों गणित में ऑनर्स थीं। इसलिए दोनों ही बहुत पढ़े-लिखे और प्रबुद्ध लोग थे।

मेरे जन्म के समय मेरी माँ ने कुछ ऐसा सपना देखा था जिसे वे समझा नहीं सकती थीं, […]

Press Conference: The time has come to become the Spirit Vienna (Austria)

परम पूज्य श्री माताजी निर्मला देवी,

पत्रकार सम्मेलन,

वियना, ऑस्ट्रिया,

7 जुलाई, 1986

सहज योगी: क्या समाचार पत्रों से आए लोग कृपया आगे आना चाहेंगे? आगे आ जाइए क्योंकि श्री माताजी से प्रश्न करना आसान रहेगा।

श्री माताजी: हां, यह बेहतर होगा अगर आप आगे बैठें। ठीक है! 

हम यहां हैं, आप सब अंग्रेजी भाषा जानते हैं, है ना, आप सब लोग जो यहां पत्रकार हैं? अंग्रेजी? ठीक है!

हम यहां आप को एक शक्ति के बारे में सूचित करने आए हैं जो हमारे अंदर है। शक्ति जो आप को वो दे सकती है, […]