Christmas Puja (भारत)

Christmas Puja, Ganapatipule (India), 25 December 2002.
Merry Christmas to you all.
According to Sahaja Yoga, Christ is settled on your Agnya Chakra. His whole life is depicting the qualities of a person who is a realised soul. What He has suggested in His own life is that you should not have any greed or lust. The way these days people are greedy all over the world is really shocking. Right from the childhood, our children also learn to ask for this or ask for that; […]

Easter Puja कोलकाता (भारत)

Easter Puja. Calcutta (India), 14 April 1996.

​आज
हम
लोग
ईस्टर
की
पूजा
कर
रहे
हैं।
आज
सहजयोगीं
के
लिए
एक
महत्वपूर्ण
दिन
हैं।
क्यों
की
ईसा
मसीह
ने
दिखा
दिया
की
मानव
का
उत्थान
हो
सकता
हैं।
और
इस
उत्थान
के
लिए
हमें
प्रयत्नशील
रहना
चाहिए।
जो
उनको
क्रूस
पे
चढ़ाया
गया,
उसमें
भी
एक
बढ़ा
अर्थ
है
के
क्रूस
पर
टाँग
कर
उनकी
हत्या
की
गई
और
क्रूस
आज्ञा
चक्र
पे
एक
स्वस्तिक
का
ही
स्वरूप
है।
उसी
पर
टाँग
कर
के
​और
ईसा
मसीह
वही
पे
गत:प्राण।
उस
वक्त
उन्होंने
जो
बातें
कही
उसमें
से
सबसे
महत्वपूर्ण
बात
यह
थी
की
उन्होंने
कहा
की
माँ
का
इंतज़ार
करो।
माँ
की
ओर
नज़र
करो।
उसका
अर्थ
कोई
कुछ
भी
लगाए
पर
दिखाई
देता
हैं
की, […]

Shri Buddha Puja, You must become desireless Brielpoort Deinze, Deinze (Belgium)

Shri Buddha Puja, “You must become desireless”. Deinze (Belgium), 4 August 1991.
4 अगस्त 1991, बेल्जियम आज, हम यहाँ बुद्ध की पूजा करने के लिए एकत्रित हुए हैं| जैसा कि आप जानते हैं कि बुद्ध एक राजा के पुत्र थे| और एक दिन वे एक बहुत ही गरीब आदमी, दुबले आदमी, बहुत ही उदास आदमी, को सड़क पर चलते हुए देख कर चकित रह गए | और वे उसे लेकर बहुत दुखी हुए| फिर उन्होंने एक आदमी देखा, […]

Shri Jesus Christ Puja Bogota (Colombia)

श्री जीसस क्राइस्ट पूजा 

बोगोटा (कोलंबिया), 26 जून 1989।

आज मैं आपको ईसा मसीह और ईसाई धर्म के बारे में बताना चाहूंगी क्योंकि यह बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह देश बहुत कैथोलिक है और भले ही आप प्रोटेस्टेंट या कैथोलिक हैं, चर्च ने वह काम पूरा नहीं किया है जो मसीह उनसे करवाना चाहते थे, जिसे आप स्पष्ट रूप से देख सकते हैं।

यदि आप बाइबल पढ़ते हैं तो आप पाएंगे कि क्राइस्ट को मदर मैरी के पुत्र के रूप में वर्णित किया गया है, […]

Shri Buddha Puja: Gautama, The Lord of the Ego (morning) Barcelona (Spain)

                                 

 श्री बुद्ध पूजा

 बार्सिलो(स्पेन)                                                                 20 मई,1989

आज हम यहां बुद्ध की पूजा करने के लिए एकत्रित हुए हैं।

भगवान बुद्ध, जैसा कि आप जानते हैं, गौतम, जो एक राज परिवार में पैदा हुए थे, और फिर, वह एक तपस्वी बन गए, क्योंकि वह तीन प्रकार की समस्याओं को देखकर बहुत आहत हुए, […]

Christmas And Its Relationship To Lord Jesus (England)

The Incarnation Of Christ, The Last Judgement Date : 10th December 1979 Place : London Туре Seminar & Meeting Speech

[Translation from English to Hindi,Scanned from Hindi Chaitanya Lahari]

आज का दिन हमारे लिए यह स्मरण करने का के लिए यंह बात अत्यन्त कष्टकर है और उन्हें है कि ईसामसीह ने पृथ्वी पर मानव के रूप में जन्म खेद होता है कि जो अवतरण हमें बचाने के लिए लिया। वे पृथ्वी पर अवतरित हुए और उनके आया उसे इन परिस्थितियों में रखा गया। क्यों नहीं, […]

6th Day of Navaratri Celebrations, Shri Kundalini, Shakti and Shri Jesus Hinduja Auditorium, मुंबई (भारत)

Kundalini Aur Yeshu Khrist Date : 27th September 1979 Place Mumbai Туре Seminar & Meeting Speech Language Hindi

श्री कुण्डलिनी शक्ति और श्री येशु खिस्त’ ये विषय बहुत ही मनोरंजक तथा आकर्षक है । सर्वमान्य लोगों के लिए ये एक पूर्ण नवीन विषय है, क्योंकि आज से पहले किसी ने श्री येशु ख़्रिस्त और कुण्डलिनी शक्ति को परस्पर जोड़ने का प्रयास नहीं किया। विराट के धर्मरूपी वृक्ष पर अनेक देशों और अनेक भाषाओं में अनेक प्रकार के साधु | संत रूपी पुष्प खिले । उन पुष्पों (विभूतियों) का परस्पर सम्बन्ध था । यह केवल उसी विराट-वृक्ष को मालूम है। जहाँ जहाँ ये पुष्प (साधु संत) गए वहाँ वहाँ उन्होंने धर्म की मधुर सुगंध को फैलाया। परन्तु इनके निकट (सम्पर्क) | वाले लोग सुगन्ध की महत्ता नहीं समझ सके। फिर किसी सन्त का सम्बन्ध आदिशक्ति से हो सकता है यह बात सर्वसाधारण की समझ से परे है । मैं जिस स्थिति पर से आपको ये कह रही हूँ उस स्थिति को अगर आप प्राप्त कर सकें तभी आप ऊपर कही गयी बात समझ सकते हैं या उसकी अनुभूति पा सकते हैं क्योंकि मैं जो आपसे कह रही हूँ वह सत्य है कि नहीं इसे जानने का तन्त्र इस समय आपके पास नहीं है; […]

Talk to Sahaja Yogis, Kshma Ki Shakti Ka Mahatav, Power of Forgiveness मुंबई (भारत)

Kshama Ki Shakti Ka Mahatva IV 20th January 1975 Date : Place Mumbai Seminar & Meeting Type Speech Language Hindi

[Original transcript Hindi talk, Scanned from Hindi Chaitanya Lahari]

कलयुग में क्षमा के सिवाए और कोई भी राक्षस है। आपके चित्त में घुसे हुए हैं । बात समझ बड़ा साधन नहीं है। और जितनी क्षमा की शक्ति में आई? अगर कोई साधु ही सिर्फ हो तो ठीक है। होगी उतने ही आप शक्ति शाली होंगे । सबको क्षमा परित्राणाय साधुनां विनाशाय च दुष्क ताम्। साधु कर दें। क्षमा वही कर सकता है जो बड़ा होता है। के साथ एक दुष्ट बैठा हुआ है तो बहुत ही प्रेम से छोटा आदमी क्या क्षमा करेगा? […]