Shri Ganesha Puja: The Glow of Shri Ganesha Lanersbach (Austria)

[English to Hindi translation]                                              श्री गणेश पूजा  लैनर्सबैक (ऑस्ट्रिया), 26 अगस्त 1990 आज हम श्री गणेश का जन्मोत्सव मना रहे हैं। आप सभी उनके जन्म की कहानी जानते हैं और मुझे इसे दोहराने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन, जैसे वह केवल माँ द्वारा, आदि शक्ति द्वारा बनाए गए थे, उसी तरह उनके बाद आप सभी बनाए गए हैं। तो, आप पहले से ही श्री गणेश के मार्ग पर हैं। आपकी आंखें उसी तरह चमकती हैं जैसे उनकी आंखें चमकती हैं। आप सभी के चेहरे पर वही खूबसूरत चमक है जैसी उनके पास थी। आप कम उम्र हैं, बड़े हैं या बूढ़े हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। श्री गणेश की चमक से ही सारी सुंदरता हमारे अंदर आती है। यदि वे संतुष्ट हैं, तो हमें अन्य देवताओं की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सभी देवताओं की शक्ति श्री गणेश हैं। वह हर चक्र पर बैठे कुलपति की तरह हैं। जब तक वे हस्ताक्षर नहीं करते, तब तक कुंडलिनी पार नहीं हो सकती, क्योंकि कुंडलिनी गौरी है और श्री गणेश की कुँवारी माँ है। अब हमें यह समझना होगा कि हम यहां पश्चिमी समाज में हैं जहां इतना गलत हो गया है क्योंकि हमने श्री गणेश की देखभाल करने की कभी परवाह नहीं की। ईसा-मसीह आए और उनका संदेश पूरी दुनिया में फैल गया। उन्होंने उन चीजों के बारे में बात की जो ईसाइयों द्वारा अभ्यास नहीं की जाती हैं, बिल्कुल भी नहीं। क्योंकि उन लोगों ने जो कुछ भी शुरू किया वह सत्य पर आधारित नहीं है। सच Read More …

Navaratri Puja Hampstead (England)

नवरात्रि पूजा, हैंपस्टड, लंदन 23 सितंबर) हम नवरात्रि का त्योहार क्यों मनाते हैं? हृदय में देवी की शक्तियों को जागृत करना ही नवरात्रि मनाना है… जो शक्ति इन सभी 9 चक्रों में है उसको जानना और जब वे जागृत हो जांय तो आप स्वयं के अंदर उन 9 चक्रों की शक्तियों को किस प्रकार से अभिव्यक्त करना हैं। सात चक्र और हृदय और चांद मिलाकर ये 9 चक्र हुये। परंतु मैं कहूंगी कि ये सात और इनके ऊपर दो अन्य चक्र जिनको विलियम ब्लेक ने भी आश्चर्यजनक व स्पष्ट रूप से 9 ही कहा था। इस समय मैं आपको उन दो ऊपर के चक्रों के विषय में नहीं बता सकती। क्या इन चक्रों की शक्तियों को हमने अपने अंदर जागृत कर लिया है? किस तरह से आप ये कर सकते हैं? आपके पास तो समय ही नहीं है। आप सब लोग तो अत्यंत व्यस्त और अहंवादी लोग हैं इन शक्तियों को जागृत करने के लिये हमें इन चक्रों पर ध्यान केंद्रित करना पड़ता है। जहां भी मैं गई, मुझे आश्चर्य हुआ….. जो प्रश्न उन्होंने मुझसे पूछे …..किसी ने भी मुझसे अपने परिवार, घर, नौकरी या अन्य किसी बेकार बात के बारे में नहीं पूछा …… उन सबने मुझसे पूछा कि माँ हम इन चक्रों की शक्तियों को किस प्रकार से विकसित करें। मैंने उऩसे पूछा कि आप किसी एक चक्र विशेष के बारे में कैसे पूछ रहे हैं तो उन्होंने कहा कि हमारे अंदर अभी बहुत कमियां है … या मेरे अंदर यही चक्र ठीक नहीं है। अब किसी साक्षात्कारी Read More …

Shri Ganesha Puja: Four Oaths Hotel Riffelberg, Zermatt (Switzerland)

श्री गणेश पूजा  जर्मेट (स्विट्जरलैंड), 2 सितंबर 1984। जब हम इस पवित्र पर्वत, जिसे हमने गणराज नाम दिया है, की पूजा करने आए हैं तो मेरी खुशी का कोई पार नहीं है। कभी-कभी शब्द आपकी खुशी को व्यक्त करने के लिए पर्याप्त नहीं होते हैं। मैं आपकी माँ के प्रतीक के रूप में आपके पास आती हूँ, लेकिन पहला पुत्र जो रचा गया वह श्री गणेश थे। और फिर, जब मातृत्व के प्रतीक के रूप में धरती माता को बनाया गया, तो उन्होंने इस ब्रह्मांड में कई श्री गणेश बनाए। ब्रह्माण्ड में जिस तारे को मंगल कहा जाता है वह गणेश, श्री गणेश है। ये सभी प्रतीक आप, सहज योगियों के लिए, उन्हें पहचानने के लिए बनाए गए थे। यदि आप एक आत्मसाक्षात्कारी हैं तो इन सभी प्रतीकों को पहचानना आसान है। लेकिन हमारे पास अतीत में बहुत उच्च गुणवत्ता वाली कई महान आत्म ज्ञानी आत्माएं हैं, और उन्होंने बहुत समय पहले ही पता लगा लिया था, श्री गणेश के प्रतीकों को पहचान लिया था|। भारत सम्पूर्ण पृथ्वी,  धरती माता का सूक्ष्म रूप है। तो, महाराष्ट्र के त्रिकोण में, हमें आठ गणेश मिले हैं जो चैतन्य प्रसारित कर रहे हैं और महाराष्ट्र के महान संतों द्वारा पहचाने गए थे। लेकिन जैसा कि आपने देखा है, इन महान संतों की कृपा से, विशेष रूप से महाराष्ट्र में, ऐसे मनुष्यों का निर्माण हुआ है जिनमें उनकी भावना और मन की उच्चतम अभिव्यक्ति को श्रद्धा के रूप में रखा गया है। मन में उस उच्च दृष्टि के कारण, जब भी वे इस उत्कृष्ट Read More …

1st Day of Navaratri: Innocence and Virginity Temple of All Faiths, Hampstead (England)

                नवरात्रि पूजा, “अबोधिता और कौमार्य” सभी आस्थाओं का मंदिर, हैम्पस्टेड, लंदन (इंग्लैंड) 17 अक्टूबर 1982  आज, यह बहुत अच्छी बात है कि हम इंग्लैंड में वर्जिन (कुँवारी) की पूजा मना रहे हैं। जैसा कि आप जानते हैं, सहज योग के अनुसार, इंग्लैंड हृदय है जहां शिव की आत्मा निवास करती है। और यह कि वर्जिन (कौमार्य) को उच्च मान्यता और सम्मान किया जाना चाहिए और इंग्लैंड में पूजा की जानी चाहिए, मुझे लगता है कि सभी सहज योगियों के लिए यह एक बड़ा सम्मान है। अब किसी को यह सोचना होगा कि कुँवारी को इतना महत्व क्यों दिया जाता है। क्यों एक कुँवारी का उस हद तक सम्मान किया जाता है। कुँवारी की शक्तियां क्या हैं? कि वह उस महिमा के एक बच्चे को गर्भ में धारण कर सकती है जो कि ईसा-मसीह थे, कि वह अपने शरीर से श्री गणेश को बना सके, कि वह अपने बच्चों की अबोध, गतिशील शक्ति की रक्षा कर सके जो निरहंकारी हैं, जो नहीं जानते कि अहंकार क्या है। तो यह महान बल और शक्ति उस शख्सियत में निवास करती है जिसके पास बहुत सारे “गुरु पुण्य” [गुरु गुण] हैं, जिन्होंने पिछले जन्मों में बहुत सारे अच्छे काम किए हैं, जिन्होंने हमेशा यह समझा है कि कौमार्य किसी भी अन्य शक्ति की तुलना में ऊँची शक्ति है और जो कौमार्य और शुद्धता की उसके सभी प्रयासों और देखभाल के साथ रक्षा करेगी। जैसा कि आप जानते हैं कि हमारे शरीर के भीतर उसे कुंडलिनी के रूप में रखा गया है, जिसका अर्थ है Read More …