Conversation with doctors New Delhi (भारत)

Conversation with doctors, New Delhi (India), 4 November 1986. Left symphatetic nervous system represents our emotional side. Right symphatetic nervous system represents our physical side. When both come into play (i.e. psyche as well as somatic) then psychosomatic problems result. In the over activity of Right side, liver is the commonest to be disturbed. This is because of too much thinking. “Swadistan Centre” has to manufacture grey cells for the brain when brain is over active – futurustic and indulges in wasteful thinking – then these cells are used too much. Liver disorders are also of two types i.e. – slow or inactive liver (in a left sided emotional person) this leads to allergies; – Overactive liver disorders in a Right sided person. Right sided liver disorder (that is overactive or hot liver). Liver has an important function to remove poisions from the body. It removes the heat from the body system into the water in blood. H O = 2. H + O H becomes H-O-H after absorbing 2 O H heat from liver. In alcohol LIVER O H No penetration is possible. H So the heat in the system remains. But with vibrations it is possible to correct it Left side is Hydrogen (MOON), Right is Oxygen, Amino-Acids (NITROGEN) forms the para sypathetic and carbon is below (i.e. Mooladhar). Alcohol causes sluggish liver. In overactivity of liver, Co2 is formed and Oxygen is sucked. So the fuction of liver is disturbed. In lethargic liver, poisions are not removed Read More …

Health Advice, the Sun, western habits, the brain and medical matters Near Musalwadi Lake, Musalwadi (भारत)

               सूर्य, मस्तिष्क, चिकित्सा प्रश्न  राहुरी (भारत)। 13 जनवरी 1986। [आगमन पर: श्री माताजी: “आज का दिन बहुत हवादार और अच्छा और ठंडा है”। वारेन: “माँ, यह तो आपकी बयार है”। श्री माताजी (हँसते हुए): “मुझे लगता है कि यह उससे पहले है”] श्री माताजी : कृपया बैठ जाइए। मैं थोड़ा पानी लुंगी। शादियां अब हो चुकी हैं? वॉरेन: वे अगले दरवाजे पर जा रहे हैं, माँ। श्री माताजी: (हँसते हुए) मैंने सोचा कि विवाह समाप्त होने के बाद मुझे यहाँ आना चाहिए। इसे मेरी पीठ पर रखना बेहतर होगा, इस से मुझे प्रसन्नता होगी। मैं थोड़ा पानी लुंगी, कृपया। बस आपका धन्यवाद। हर समय व्याख्यान? मुझे लगा कि मैं आप सभी से मिलने आयी हूं, आपको व्याख्यान देने नहीं। तो अब हम अपनी अगली गतिविधि के लिए जा रहे हैं और मुझे वापस बंबई लौटना पड़ सकता है। मुझे नहीं पता कि आप यहाँ कितने आराम में थे (तालियाँ), लेकिन आप पागल भीड़ (हँसी) से दूर रहना चाहते थे और मुझे लगा कि यहाँ रहने के लिए यह अच्छी जगह होगी, हालाँकि धूमल हर समय जोर देकर कहते रहे थे कि उन्हें किसी मंगलकार्यालय में या कुछ और में रुकना चाहिए। लेकिन मैंने उससे कहा, “आप उन्हें नहीं समझते हैं, वे इस सभी सीमेंट, कंक्रीट का ज्यादा आनंद नहीं लेते हैं।” (तालियाँ) वे हमेशा प्रकृति की संगति में रहना चाहेंगे जब तक उन्हें धूप और बारिश से कुछ सुरक्षा मिलती है। और वे उस तरह के सामूहिक जीवन का आनंद लेना चाहते हैं, और वे बहुत खुश होंगे। लेकिन फिर Read More …