Adi Shakti Puja: The Fruit of Knowledge Campus, Cabella Ligure (Italy)

आदिशक्ति पूजा- 1993-06-06 – कबेला, इटली

आज हम सभी पूजा करने जा रहे हैं ‘मेरी’ पहली बार !

पूजा सदा रही है मेरे किसी स्वरूप की, या मेरे अंश की।

अब, हमें  बहुत स्पष्ट रूप से जानना होगा कि आदि शक्ति क्या है?

जैसा कि हम कहते हैं, यह परमेश्वर की शुद्ध इच्छा है, सदाशिव की।

परन्तु क्या शुद्ध इच्छा है, सर्वशक्तिमान ईश्वर की ?

यदि आप देखें, आपकी अपनी इच्छाओं को उनका स्त्रोत क्या है? […]

Seminar Day 1, Introspection and Meditation Shudy Camps Park, Shudy Camps (England)

Advice, “Introspection and Meditation”. Shudy Camps (UK), 18 June 1988.

परामर्श, “आत्मनिरीक्षण और ध्यान”।शुडी कैंप (यूके), 18 जून 1988।

इस साल हमारे विचार से यूके में सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं होंगे, क्योंकि कुछ परिस्थितियां भी हैं। लेकिन जब भी कोई ऐसी परिस्थिति आती है, जो किसी न किसी रूप में हमारे कार्यक्रमों को बदल देती है, तो हमें तुरंत समझ जाना चाहिए कि उस बदलाव के पीछे एक उद्देश्य है, और हमें तुरंत खुले दिल से इसे स्वीकार करना चाहिए कि ईश्वर चाहते हैं कि हम बदल दें। मान लीजिए मैं एक सड़क पर जा रही हूँ और लोग कहते हैं, […]

A New Era – Sacrifice, Freedom, Ascent Bordi (भारत)

                                एक नया युग – त्याग, स्वतंत्रता, उत्थान

 बोरडी (भारत), 6 फरवरी 1985।

आप सभी को यहां देखकर मुझे अपार हर्ष हो रहा है। मुझे नहीं पता कि मेरी तरफ से क्या कहना है। शब्द खो जाते हैं, उनका कोई अर्थ नहीं है।

आप में से बहुत से लोग उस अवस्था में जाने के इच्छुक हैं, जहाँ आपको पूर्ण आनंद, कल्याण और शांति मिलेगी। यही है जो मैं आपको दे सकती हूं। और एक माँ तभी खुश होती है जब वह अपने बच्चों को जो दे सकती है वह दे पाती है। उसकी नाखुशी, […]

Attention London (England)

चित्त

 डॉलिस हिल, लंदन (इंग्लैंड)

 26 मई 1980 

आज मैं आपसे चित्त के बारे में बात करने जा रही हूं: चित्त क्या है, चित्त की गतिविधि क्या है और हमारे चित्त के उत्थान की क्या विधि और तरीके हैं। इसे व्यापक तरीकों से रखें। ठीक है? लेकिन जब मैं ये सारी बातें कह रही हूं तो आपको पता होना चाहिए कि मैं आपसे व्यक्तिगत रूप से बात कर रही हूं – यह दूसरों के बारे में नहीं है। व्यक्ति हमेशा सबसे पहले ऐसा करता है, […]

How to go beyond the ego and know yourself, Meditation London (England)

                         अहंकार के पार जाकर और स्वयं को कैसे जानें

डॉलिस हिल आश्रम, लंदन (यूके) में सलाह, 18 नवंबर 1979

लेकिन सहज योग, उस महान घटना की उत्प्रेरणा है जिस के माध्यम से ईश्वर की रचना अपनी परिपूर्णता को प्राप्त करने वाली है और उसका अर्थ जानने वाली है  – यह इतना महान है! शायद हमें इसका एहसास नहीं है। लेकिन जब हम कहते हैं, “हम सहजयोगी हैं,” तो आपको यह जानना होगा कि, एक सहज योगी होने के लिए, […]