श्रीगणेश अत्यंत शक्तिशाली देवता हैं Nirmal Temple, Cabella Ligure (Italy)

श्रीगणेश अत्यंत शक्तिशाली देवता हैं श्रीगणेश पूजा, कबैला लीगर(इटली), 25 सितम्बर 1999
आज हम सब यहाँ पर श्रीगणेश की पूजा के लिये एकत्र हुये हैं। आप सभी जानते हैं कि वे कितने शक्तिशाली देवता हैं। उनकी ये शक्तियां उनकी अबोधिता से आती है। जब भी हम छोटे बच्चों को देखते हैं तो तुरंत ही हम उनकी ओर आकर्षित हो जाते हैं और उनको प्यार करना चाहते हैं … उन्हें चूमना चाहते हैं और उनके साथ रहना चाहते हैं वे इतने अबोध होते हैं … […]

Shri Ganesha Puja (Nirmal Temple)

Shri Ganesha Puja. Cabella Ligure (Italy), 10 September 1995.
यदि कोई आपके पास मिलने के लिये आये तो क्या आपको मालूम है कि किस प्रकार से आपको जानबूझ कर अपनी ऊर्जा को उन पर प्रक्षेपित करना है ….. ये एक नई तरह की ध्यान विधि है जिसका अभ्यास आप सबको करना है…. अपनी ऊर्जा को उत्सर्जित करके अन्य लोगों तक पंहुचाना। इसमें आपको किसी से कुछ नहीं कहना है… बातचीत नहीं करनी है लेकिन सोच समझकर और जानबूझ कर इस ऊर्जा का अनुभव करना है …. […]

Shri Ganesha Puja (India)

Shri Ganesha Puja. Pune (India), 15 December 1991.
Today we are really sitting in very close relationship with the nature.
The whole thing, as you can see very clearly, is done by villagers and in a very simple way and I’m sure you must all be enjoy-ing it very much.
Today being the first puja in Maha-rastra, we have to do Ganesha Puja, but one has to understand how it is so impor-tant in Maharastra that people worship Ganesha. […]

Shri Ganesha Puja, Switzerland 1989 Les Diablerets (Switzerland)

Shri Ganesha Puja, Les Diablerets (Switzerland), 8 August 1989.
आज आप सब यहां मेरी श्रीगणेश रूप में पूजा के लिये आये हैं। हम प्रत्येक पूजा से पहले श्रीगणेश का गुणगान करते आये हैं। हमारे अंदर श्रीगणेश के लिये बहुत अधिक सम्मान है क्योंकि हमने देखा है कि जब तक अबोधिता के प्रतीक श्रीगणेश को हम अपने अंदर जागृत नहीं करते तब तक हम परमात्मा के साम्राज्य में प्रवेश नहीं कर सकते हैं। परमात्मा के साम्राज्य में बने रहने के लिये और श्रीगणेश के आशीर्वादों का आनंद उठाने के लिये भी हमारे अंदर अबोधिता का होना अत्यंत आवश्यक है। अतः हम उनकी प्रशंसा करते हैं और वे अत्यंत सरलता से प्रसन्न भी हो जाते हैं। सहजयोग में आने से पहले हमने जो कुछ गलत कार्य किये हों उनको वे पूर्णतया क्षमा कर देते हैं क्योंकि वे चिरबालक हैं।
आपने बच्चों को देखा है, […]

Public Program, Introduction to Mooladhara Chakra (India)

Public Program, New Delhi (India), 5 February 1981.
Today I am going to speak in general, about Sahaja yoga and Kundalini awakening. Sahaja as you know means SAHA means with and JA – born with you, but perhaps people do not realize what Sahaja actually means. It is spontaneous, but what is spontaneous. Spontaneous is not that supposing I am going in the car suddenly I meet somebody I say spontaneously I met that person Spontaneous means that happening is a living happening. […]