11th Day of Navaratri Campus, Cabella Ligure (Italy)

नवरात्रि पूजा। कैबेला लॅक्गर (इटली), 8 अक्टूबर 2000.

आज हम देवी की पूजा करने जा रहे हैं, हम उन्हें अम्बा कहते हैं, और कई अन्य नामों से। वह अंतिमा है, हमें कहना चाहिए, “अवशिष्ट शक्ति”। जब वह सभी कार्य पूर्ण कर चुकी होती है, तब वह कुंडलिनी बन जाती है और आप की त्रिकोणीय हड्डी में बस जाती है। यह मूलाधार चक्र है। लेकिन वास्तव में वह बाईं तरफ अधिक अभिव्यक्त होती है, क्योंकि, उस समय, […]

8th Day of Navaratri, The Powers of Shri Mahakali Campus, Cabella Ligure (Italy)

                                                नवरात्रि पूजा

 कबेला लिगरे (इटली), 17 अक्टूबर 1999

आज रात हम यहां देवी की पूजा करने के लिए एकत्र हुए हैं, जिन्हें की हम महाकाली कह सकते हैं – या दुर्गा। उन्होने कई प्रकार के रूप धारण किए हैं, उन नकारात्मक शक्तियों को मारने के लिए जो परेशान करने या बाधित करने की कोशिश कर रही हैं, या यहां तक ​​कि उन लोगों को विकसित करने के लिए जो सभ्य और अच्छे थे।

उसके रूप विभिन्न प्रकार के हैं – […]

7th Day of Navaratri, You all should depend on Paramchaitanya Campus, Cabella Ligure (Italy)

                 नवरात्रि पूजा, “शुद्ध ज्ञान”

 कबेला (इटली), 27 सितंबर 1998

आप कल्पना नहीं कर सकते कि एक माँ, जिसके इतने सुंदर बच्चे हैं, उन्हें अपने परिवारों के साथ इतनी हर्षित मनोदशा में, अपने बच्चों को अच्छी तरह स्थापित देख कैसा महसूस करती है। आप सभी को इतना आनंद और परमात्मा के साथ पूर्ण एकाकारिता में देखकर बहुत संतोष होता है।

किसी व्यक्ति को केवल एक ही बात समझनी है, कि यद्यपि आप बहुत हैं, फिर भी, इस दुनिया की आबादी की तुलना में, […]

6th Day of Navaratri, Your Beautiful Qualities will prove the Truth of Sahaja Yoga Campus, Cabella Ligure (Italy)

1997-10-05 छठा दिन, नवरात्रि पूजा प्रवचन, कबेला,इटली

आज नवरात्रि का छठा दिन है । 

देवी के अनेक अवतरण हुए हैं, विभिन्न विभिन्न उद्देश्यों के लिए। लेकिन महान संतों  ने जब स्वयं का आत्मनिरीक्षण किया, जो मॉं की पूजा कर रहे थे तो उन्हें पता चला कि उन्होंने हमारे लिए क्या किया है । दूसरे दिन मैंने आपको बताया था कि धर्म, मनुष्य का अंतर्निहित गुण है। और वे दस हैं। यह हमारे भीतर पहले से ही स्थापित है, […]

8th Day of Navaratri: Be Aware Of Your Own State Campus, Cabella Ligure (Italy)

                                                नवरात्रि पूजा

 कबेला लिगरे (इटली), 20 अक्टूबर 1996

आज एक विशेष दिन है, जैसा कि आप जानते हैं कि हम देवी की पूजा कर रहे हैं, जो इस धरती पर नौ बार पहले आई थीं, सभी राक्षसों और सभी नकारात्मकता को मारने और सभी भक्तों को आराधना करने के लिए राहत देने के लिए। उसके सभी कार्यों का वर्णन पहले ही किया जा चुका है। इसके बावजूद वे पाते हैं कि, नए प्रकार के शैतान, नए प्रकार के नकारात्मक लोग, […]

9th Day of Navaratri, Reintrospect Yourself Campus, Cabella Ligure (Italy)

नवरात्रि पूजा
कबेला (इटली), 24 अक्टूबर 1993।
आज हम यहां देवी की पूजा करने के लिए एकत्रित हुए हैं। देवी के कई रूप हैं, लेकिन वह शक्ति का अवतार हैं। आदि शक्ति इन सभी अवतारों को शक्ति देती है और इसलिए हमारे पास कई देवी हैं।
अलग-अलग समय पर वे इस धरती पर आए और जो साधक लोग थे उनके उत्थान के लिए वह सब किया जो आवश्यक था। विशेष रूप से जिसे हम जानते हैं, […]

1st Day of Navaratri, 10th Position Campus, Cabella Ligure (Italy)

नवरात्रि पूजा

कबेला लिगरे (इटली), 27 सितम्बर 1992।

आज नवरात्रि का पहला दिन है। और जब मैंने पाया कि बारिश हो रही है और सभी प्रकार की समस्याएं हैं, और विष्णुमाया कुछ सुझाव दे रही थी, तो मैंने जरा कैलेंडर देखा, और आप यह जानकर चकित होंगे कि कैलेंडर में लिखा है कि पांच पैंतालीस तक यह शुभ नहीं है यह अशुभ है। पाँच पैंतालीस के बाद ही उचित शुरूआत होती है, तो ज़रा सोचिए, गणना करके यह कैसे सही था कि पाँच पैंतालीस के बाद ही हमें यह पूजा करनी थी, […]

6th Day of Navaratri, Recognize Me Campus, Cabella Ligure (Italy)

नवरात्रि पूजा
 कबेला (इटली), 13 अक्टूबर 1991
आज हम यहां नवरात्रि पूजा करने के लिए एकत्रित हुए हैं।
नौ बार ऐसा हुआ था जब इस ब्रह्मांड की मां के प्रमुख अवतार प्रकट हुए थे। वे एक उद्देश्य के साथ प्रकट होते हैं। वह उद्देश्य अपने भक्तों, अपने शिष्यों, अपने बच्चों की रक्षा करना है। यह एक प्रेम का बंधन था, वह इससे बच नहीं सकती थी। माँ की ममता एक बंधन है, वह उससे बच नहीं सकती। और उसे उसे अभिव्यक्त करना ही होता है, […]

6th Day of Navaratri, Complete dedication Weggis (Switzerland)

Navaratri puja. Weggis (Switzerland), 19 October 1985

आज नवरात्रि का महान दिन है। हम छठे और सातवें दिन के मध्य में बैठे हैं। षष्ठी और सप्तमी वह दिन है,जब महासरस्वती ने अपना कार्य संपन्न किया और शक्ति ने इसे स्वयं प्रारंभ किया। इसलिए आज बारह बजे देवी स्वयं शक्ति को धारण करेंगीं।

वास्तव में, जैसा आप जानते हैं कि महाकाली और महासरस्वती दोनों श्री सदाशिव की शक्तियां हैं। आदिशक्ति ने सबसे पहले स्वयं को महाकाली के रूप में बनाया ,जो कि इच्छा की शक्ति हैं। लेकिन यह शक्तियां और कुछ भी नहीं है, […]

Chaitra Navaratri Puja New Delhi (भारत)

सहजयोगियों के लिये भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति का महत्त्व दिल्ली , २५/३/१९८५

आज नवरात्रि के शुभ अवसर पर सबको बधाई ! सहजयोग के प्रति जो उत्कण्ठा और आदर प्रेम आप लोगों में है वो जरूर सराहनीय है, इसमें कोई शंका नहीं। क्योंकि जो हमने उत्तर हिन्दुस्तान की स्थिति देखी है वहाँ पर हमारी परम्परागत जो कुछ धारणाएँ हैं उसी प्रकार शिक्षा प्रणालियाँ हैं, सब कुछ खोई हुई हैं । बहुत कुछ हम लोगों का अतीत मिट चुका है और हम लोग एक उधेड़बुन में लगे हुए हैं कि नवीन वातावरण, […]

8th Day of Navaratri: What We Have To Do Within Ourselves, Talk After the Puja Complexe sportif René Leduc, Meudon (France)

1984-09-30 नवरात्रि पूजा वार्ता: हमे अपने भीतर क्या करना है,पेरिस, फ्रांस 

आज नवरात्रि का आठवां दिन है, और यह सहज योगियों के लिए महान दिन है क्योंकि यह सबसे महत्वपूर्ण समय है। यानी हम सातवां चक्र पार कर चुके हैं, और हम आठवें चक्र पर हैं। हमें यह सोचने की आवश्यकता नहीं कि देवी ने आठवें दिन क्या किया, हमें आज यह सोचना होगा कि हमें अपने भीतर क्या करना है।

सातवें दिन को पार करने के बाद, […]

Navaratri Puja Hampstead (England)

नवरात्रि पूजा, हैंपस्टड, लंदन 23 सितंबर)
हम नवरात्रि का त्योहार क्यों मनाते हैं? हृदय में देवी की शक्तियों को जागृत करना ही नवरात्रि मनाना है… जो शक्ति इन सभी 9 चक्रों में है उसको जानना और जब वे जागृत हो जांय तो आप स्वयं के अंदर उन 9 चक्रों की शक्तियों को किस प्रकार से अभिव्यक्त करना हैं। सात चक्र और हृदय और चांद मिलाकर ये 9 चक्र हुये। परंतु मैं कहूंगी कि ये सात और इनके ऊपर दो अन्य चक्र जिनको विलियम ब्लेक ने भी आश्चर्यजनक व स्पष्ट रूप से 9 ही कहा था। इस समय मैं आपको उन दो ऊपर के चक्रों के विषय में नहीं बता सकती। क्या इन चक्रों की शक्तियों को हमने अपने अंदर जागृत कर लिया है? […]

1st Day of Navaratri: Innocence and Virginity Temple of All Faiths, Hampstead (England)

                नवरात्रि पूजा, “अबोधिता और कौमार्य”

सभी आस्थाओं का मंदिर, हैम्पस्टेड, लंदन (इंग्लैंड)

17 अक्टूबर 1982

 आज, यह बहुत अच्छी बात है कि हम इंग्लैंड में वर्जिन (कुँवारी) की पूजा मना रहे हैं। जैसा कि आप जानते हैं, सहज योग के अनुसार, इंग्लैंड हृदय है जहां शिव की आत्मा निवास करती है। और यह कि वर्जिन (कौमार्य) को उच्च मान्यता और सम्मान किया जाना चाहिए और इंग्लैंड में पूजा की जानी चाहिए, मुझे लगता है कि सभी सहज योगियों के लिए यह एक बड़ा सम्मान है।

अब किसी को यह सोचना होगा कि कुँवारी को इतना महत्व क्यों दिया जाता है। क्यों एक कुँवारी का उस हद तक सम्मान किया जाता है। कुँवारी की शक्तियां क्या हैं? […]

Navaratri Celebrations मुंबई (भारत)

(नवरात्रि उत्सव, कुंडलिनी और कल्कि शक्ति , मुंबई,महाराष्ट्र, भारत, 28 सितंबर 1978)।

आज हम कुंडलिनी और कल्कि के संबंध पर बात करेंगे। वास्तव में कल्कि शब्द निष्कलंक शब्द का अपभ्रंश है। निष्कलंक का अर्थ वही है जो मेरे नाम का निर्मला का अर्थ है … निष्कलंक अर्थात बिना दाग धब्बे वाला… बिना किसी दाग धब्बे वाला व्यक्ति।कल्कि …. इस अवतरण का वर्णन कई पुराणों में मिलता है …. कि कल्कि सफेद घोड़े पर सवार होकर इस धरती पर, […]