Chaitra Navaratri Puja New Delhi (भारत)

सहजयोगियों के लिये भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति का महत्त्व दिल्ली , २५/३/१९८५

आज नवरात्रि के शुभ अवसर पर सबको बधाई ! सहजयोग के प्रति जो उत्कण्ठा और आदर प्रेम आप लोगों में है वो जरूर सराहनीय है, इसमें कोई शंका नहीं। क्योंकि जो हमने उत्तर हिन्दुस्तान की स्थिति देखी है वहाँ पर हमारी परम्परागत जो कुछ धारणाएँ हैं उसी प्रकार शिक्षा प्रणालियाँ हैं, सब कुछ खोई हुई हैं । बहुत कुछ हम लोगों का अतीत मिट चुका है और हम लोग एक उधेड़बुन में लगे हुए हैं कि नवीन वातावरण, […]

Navaratri Puja (England)

नवरात्रि पूजा, हैंपस्टड, लंदन 23 सितंबर)
हम नवरात्रि का त्योहार क्यों मनाते हैं? हृदय में देवी की शक्तियों को जागृत करना ही नवरात्रि मनाना है… जो शक्ति इन सभी 9 चक्रों में है उसको जानना और जब वे जागृत हो जांय तो आप स्वयं के अंदर उन 9 चक्रों की शक्तियों को किस प्रकार से अभिव्यक्त करना हैं। सात चक्र और हृदय और चांद मिलाकर ये 9 चक्र हुये। परंतु मैं कहूंगी कि ये सात और इनके ऊपर दो अन्य चक्र जिनको विलियम ब्लेक ने भी आश्चर्यजनक व स्पष्ट रूप से 9 ही कहा था। इस समय मैं आपको उन दो ऊपर के चक्रों के विषय में नहीं बता सकती। क्या इन चक्रों की शक्तियों को हमने अपने अंदर जागृत कर लिया है? […]

Navaratri Celebrations मुंबई (भारत)

(नवरात्रि उत्सव, कुंडलिनी और कल्कि शक्ति , मुंबई,महाराष्ट्र, भारत, 28 सितंबर 1978)।

आज हम कुंडलिनी और कल्कि के संबंध पर बात करेंगे। वास्तव में कल्कि शब्द निष्कलंक शब्द का अपभ्रंश है। निष्कलंक का अर्थ वही है जो मेरे नाम का निर्मला का अर्थ है … निष्कलंक अर्थात बिना दाग धब्बे वाला… बिना किसी दाग धब्बे वाला व्यक्ति।कल्कि …. इस अवतरण का वर्णन कई पुराणों में मिलता है …. कि कल्कि सफेद घोड़े पर सवार होकर इस धरती पर, […]