Sahasrara Puja: Continue To Live A Life of Reality Campus, Cabella Ligure (Italy)

  सहस्त्रार पूजा (सच्चाई का जीवन जिए), कबेला, इटली, ९ मई २००४ 

आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है हमारे जीवन में सहज योगिओं के नाते | आज का दिन वह है जब सहस्त्रार खुला था, जो की बहुत करिश्माई बात हुई | मैंने कभी आशा नहीं की थी की मेरे जीवनकाल में मैं  यह कर पाऊँगी | पर ऐसा हुआ | और आप में से कई लोगों का सहस्त्रार खुला | उसके बिना आप कभी नहीं जान पाते की सत्य क्या है | और आप उसका आनंद ले रहे है, […]

Sahasrara Puja: Watch Yourself Campus, Cabella Ligure (Italy)

Sahasrara Puja Talk Cabella, Italy

2002-05-05 

आज एक बहुत महान दिवस है, मुझे कहना चाहिए, सहस्रार मनाने के लिए, सहस्रार की पूजा। यह बहुत ही अद्वितीय बात है, जो घटित हुई है, कि आपके सहस्रार खोले गए।

ऐसे कुछ बहुत ही कम लोग थे, इस पूरे विश्व में। उसमें कुछ सूफ़ी थे, कुछ संत थे। उसमें कुछ और लोग भी थे चीन इत्यादि में। परन्तु बहुत कम, बहुत कम अपने सहस्रार खोल पाए। इसलिए जो कुछ भी उन्होंने कहा, […]

Sahasrara Puja: At Sahasrara you stand on Truth and go beyond Dharma Campus, Cabella Ligure (Italy)

सहस्त्रार पूजा – 1997-05-04

आज हम सभी यहां एकत्रित हुए हैं, सहस्रार की पूजा करने के लिए। जैसा कि आप समझ चुके  हैं, कि सहस्रार सूक्ष्म-तन्त्र का एक बहुत महत्वपूर्ण अंग है।  निःसंदेह, यह एक बड़ा दिन है, 1970 में जब इस चक्र को खोला गया था। परन्तु इसके द्वारा, आपने क्या प्राप्त किया है, इसे हमें देखना चाहिए।

सर्वप्रथम, जब कुंडलिनी उठती है तो वह आपके भवसागर में जाती है, जहाँ आपका धर्म है। और आपका धर्म स्थापित हो जाता है, […]

Evening Program, Eve of Sahasrara Puja Campus, Cabella Ligure (Italy)

1997-05-03 Sahasrara Puja

आज का कार्यक्रम वास्तव में बहुत, बहुत आनंदपूर्ण, बहुत दक्षता पूर्ण था। मुझे कहना होगा कि इसका श्रेय हमेशा की तरह जर्मनी के लोगों को और साथ-साथ ऑस्ट्रिया के लोगों को भी जाता है, सब कुछ इतना उत्तम करने के लिए। पूर्वार्ध में हम चकित थे कि कैसे पश्चिम के लोग भारतीय वाद्य यंत्रों पर भारतीय रागों के साथ इतना अच्छा बजा सकते हैं। यह एक असंभव कार्य है। मेरे कहने का अर्थ है, […]

Sahasrara Puja: You must feel responsible but be humble Campus, Cabella Ligure (Italy)

                                                   सहस्रार पूजा 

                              आपको ज़िम्मेदार होना चाहिए, लेकिन विनम्र होना चाहिए

क्बेला लिगरे (इटली), 5 मई, 1996

आज के दिन हम  सहस्रार के खोलने का जश्न मना रहे हैं।

मुझे कहना होगा कि सम्पूर्ण मानवता के लिए यह एक महान घटना हुई थी। यह एक ऐसी उपलब्धि थी, जिसे मैंने पहले कभी हासिल नहीं किया था। अब मैं देख सकती हूं कि, आत्म-साक्षात्कार के बिना, लोगों से बात करना असंभव होता।

जब ऐसा हुआ तो मैंने सोचा कि, […]

Sahasrara Puja: The Will of God Campus, Cabella Ligure (Italy)

                               सहस्रार पूजा, “भगवान की इच्छा”

 कबैला लिगरे (इटली), 10 मई 1992।

आज हम सहस्रार दिवस मना रहे हैं। शायद हमने महसूस ही नहीं किया हुआ कि यह कितना महत्वपूर्ण दिन रहा होगा। सहस्रार को खोले बिना, स्वयं ईश्वर एक काल्पनिक कथा प्रतीत होता था, धर्म स्वयं एक मिथक था, और देवत्व के बारे में सभी बातें एक मिथक थीं। लोग इस पर विश्वास करते थे लेकिन यह सिर्फ एक विश्वास भर था। और विज्ञान, जैसा कि उसे आगे रखा गया था, […]

Sahasrara Puja, How it was decided (Italy)

[Hindi translation from English]

                     सहस्रार पूजा

                                   “यह कैसे तय किया गया”

फ्रीगीन (इटली), 8 मई 1988

 यदि आप वह पहला दिन जिस दिन सहस्रार खोला गया था की भी गणना करते हैं तो, आज उन्नीसवां सहस्रार दिवस है। मुझे आपको सहस्रार दिवस के बारे में कहानी बतानी है, जिसके बारे में यह निर्णय बहुत समय पहले, मेरे अवतार लेने के भी पूर्व 

 लिया गया था। स्वर्ग में उनकी एक बड़ी बैठक हुई, सभी पैंतीस करोड़ देवता वहां तय करने के लिए मौजूद थे कि क्या किया जाना है। यह परम है जो हमें मनुष्यों को करना है, […]

Sahasrara Puja: The Ghost of Materialism Thredbo (Australia)

1987-0503 सहस्रार पूजा – “भौतिकवाद का भूत”, थ्रेडबो (औस्ट्रेलिया)

आज एक बहुत महान दिन है सभी सहज योगियों के लिए। बहुत समय पहले मैंने इच्छा की थी कि सहस्रार को खोला जाना चाहिए। परंतु सही समय के लिए प्रतीक्षा कर रही थी। सही समय पर इसको करना महत्वपूर्ण था। एक लड़के ने औरंगाबाद में, काफ़ी युवा था, मुझसे एक प्रश्न पूछा, “माँ, यह ब्रह्मचैतन्य की सर्वव्यापी शक्ति हमारी इंद्रियों से परे है, आप इसे इंद्रियों द्वारा अनुभव नहीं कर सकते। ऐसा कैसे है कि अब हम इसे अपनी इंद्रियों के द्वारा अनुभव कर पा रहे हैं। यह प्रश्न उसने पूछा और मैं आपसे यही प्रश्न पूछती हूँ। इससे पहले जिन लोगों को साक्षात्कार प्राप्त हुआ था वह इसके बारे में ऐसे बात नहीं कर पाए, […]

Sahasrara Puja: Consciousness and Evolution Alpe Motta (Italy)

१९८६ -०५-०४ , सहस्त्रार पूजा, इटली, चैतन्य और उत्क्रांति 

आज हम सब के लिए एक महान दिवस है, क्योंकि यह सोलवां सहस्त्रार दिवस है। जैसे कि सोलह ताल या सोलह हरकत में आप कविता के एक उच्च स्तर पर पहुँच जाते हैं। क्यों कि इस प्रकार से यह पूर्ण हो जाता है।  जैसे श्री कृष्ण को भी एक पूर्ण अवतरण कहा जाता है, क्योंकि उनकी सोलह पंखुड़ियां होती हैं। इस परिपूर्णता को “पूर्ण” कहते हैं।  तो अब हम एक और आयाम पर पहुंच गए। पहला वह था जहाँ आपने आत्म साक्षात्कार प्राप्त किया।   […]

Sahasrara Puja (Austria)

आप विराट के सहस्त्रार में प्रवेश कर रहे हैं ….
(सहस्त्रार पूजा, लक्समबर्ग , वियेना, ( ऑस्ट्रिया ), 5 मई 1985)
आज हम ऑस्ट्रिया की महारानी द्वारा बनाये गये इस स्थान पर सहस्त्रार पूजा के लिये एकत्र हुये हैं। जैसे ही आप सहस्त्रार के क्षेत्र में प्रवेश करते हैं तभी आपको सहस्त्रार पूजा करने का अधिकार है। इससे पहले किसी ने भी सहस्त्रार के विषय में बात नहीं की ….. और न ही उन्होंने कभी सहस्त्रार की पूजा की। ये आपका ही विशेषाधिकार है कि आप सहस्त्रार के क्षेत्र में पंहुच चुके हैं और इसकी पूजा भी कर रहे हैं। ये आपका अधिकार है ….. […]

Sahasrara Puja, Above the Sahasrar मुंबई (भारत)

सहस्रार पूजा बम्बई, ५ मई १९८३

आप सबकी ओर से बम्बई के सहजयोगी व्यवस्थापक जिन्होंने यह इन्तजामात किये हैं, उनके लिये धन्यवाद देती हूँ, और मेरी तरफ से भी मैं अनेक धन्यवाद देती हूँ। उन्होंने बहुत सुन्दर जगह हम लोगों के लिये ढूँढ रखी है। ये भी एक परमात्मा की देन है कि इस वक्त जिस चीज़़ के बारे में बोलने वाली थी, उन्हीं पेड़ों के नीचे बैठकर सहस्रार की बात हो रही है। चौदह वर्ष पूर्व कहना चाहिये या जिसे तेरह वर्ष हो गए और अब चौदहवाँ वर्ष चल पड़ा है, […]

Sahasrara Puja: Heart must be kept absolutely clean Chelsham Road Ashram, London (England)

सहस्रार पूजा – चेल्शम रोड, लंदन (यूके), ४ मई १९८१  

… ऐसी खुशी आप सभी के पास वापस आने की है। मुझे यहां आने की प्रतीक्षा थी । मुझे आपके सारे पत्र और अभिवादन और वह सब मिला, जो आपने बताया था। यह बहुत स्नेही और बहुत उत्साहजनक था आपकी प्रगति के बारे में जानने के लिए और जब मैं वास्तव में बहुत, बहुत, बहुत कठिन कार्य कर रही थी, तो मैं आपके बारे में सोचती थी और मैं इस विचार को अपने दिमाग में डाल देती थी कि एक दिन आएगा जब विलियम ब्लेक की भविष्यवाणी का अवतरण आना चाहिए।

मैं ऑस्ट्रेलिया गयी और मुझे आश्चर्य हुआ कि जिस तरह से चमत्कार हुए उस देश में । ऐसा पुराणों में कहा जाता है कि त्रिशंकु नामक एक संत थे, […]

Sahasrara Puja: I want you to demand and ask, because I have no desire London (England)

                                 सहस्रार पूजा

 डॉलिस हिल, लंदन (यूके), 5 मई 1979।

तो आज बहुत महत्वपूर्ण दिन है, यह आप जानते हैं ; क्योंकि सृष्टि के इतिहास में, ईसा-मसीह के समय तक, मानव जागरूकता में, केवल पुनरुत्थान की भावना पैदा की गई थी – कि आपको पुनर्जीवित किया जा सकता है या आप का पुनर्जन्म हो सकता हैं। ऐसा यह भाव उनके साथ ही प्रकट हुआ। लोगों ने इसे पहचाना, कि यह हम सभी के साथ कभी न कभी हो सकता है। पर वह नहीं हुआ। बोध कभी नहीं हुआ। वह एक समस्या थी।

और वास्तविकता में प्रवेश किए बिना आप जो भी बातें कर सकते हैं, […]