Shri Krishna Puja पुणे (भारत)

Hindi Transcript of Shri Krishna Puja. Pune (India), 9 August 2003.

हम लोगों को अब यह सोचना है कि सहजयोग तो बहुत फैल गया और किनारे किनारे पर भी लोग सहजयोग को बहुत मानते हैं। लेकिन जब तक अपने अन्दर सहजयोग वायवास्तीह रूप से प्रकटित नहीं होगा तब तक जैसा लोग सहजयोग को मानते हैं वो मानेगें नहीं। इसलिए ज़रूरत है कि हम कोशिश करें कि अपने अन्दर झांकें। यही कृष्ण का चरित्र है कि हम अपने अन्दर झांके और देखें जाने की कौन सी ऐसी चीजे हैं जो हमें दुविधा में डाल देती हैं। इसका पता लगाना चाहिए। हमें अपने तरफ देखना चाहिए, […]

Shri Krishna Puja: Ananya Bhakti New York City (United States)

श्री कृष्ण पूजा| निर्मल नगरी, कैनाजोहारी, न्यूयॉर्क (यूएसए), 29 जुलाई 2001।  

आज हम सब यहां श्री कृष्ण की पूजा करने के लिए एकत्रित हुए हैं।

श्री कृष्ण, जो विराट थे, उन्होंने युद्ध भूमि में प्रवेश किए बिना ही हर तरह की बुराई से लड़ाई की। श्री कृष्ण का जीवन, अपने आप में बहुत ही सुंदर, रचनात्मक और प्रेमपूर्ण है, लेकिन उन्हें समझना आसान नहीं है।  

उदाहरण के लिए, कुरुक्षेत्र में, जब युद्ध चल रहा था और अर्जुन उदास हो गए थे, […]

Shri Krishna Puja Campus, Cabella Ligure (Italy)

आज हम यहाँ अपने अन्दर स्थित श्री कृष्ण की पूजा करने के लिए आये हैं।

जैसे कि आप जानते हैं कि सहज योग में आने से पूर्व आप सब परमात्मा को  खोज रहे  थे । आप अलग-अलग जगहों पर गए, बहुत सारी किताबें पढ़ीं और आप में से कुछ लोग भटक गए। और, उस  

खोज में, शायद आप नहीं जानते थे कि आप क्या तलाश रहे थे। जो आप तलाश रहे थे वह था स्वयं को जानना था। सभी धर्मों में यह कहा गया है कि ‘स्वयं को जानो ‘. […]

Shri Krishna Puja – Witness State Campus, Cabella Ligure (Italy)

श्री कृष्ण पूजा। कबेला लिगर (इटली), 16 अगस्त 1998

आज हम श्री कृष्ण पूजा करने जा रहे हैं। श्री कृष्ण की शक्ति के बारे में यह एक बहुत महत्वपूर्ण बात है कि, यह आपको एक साक्षी भाव प्रदान करती है। यह बहुत महत्वपूर्ण इसलिए भी है क्योंकि कलियुग और पूर्ण भ्रमित जीवन मूल्यों के इस समय में, सभी प्रकार की उथल-पुथल, इस से बाहर निकलने  के लिए एक बहुत ही जटिल स्थिति बनाती है। साक्षीभाव की अवस्था ध्यान के माध्यम से ही संभव है। आप निर्विचारिता में पहुँच जाते हैं। यह दोनों  […]

Shri Krishna Puja: Primordial Taboos and Sahaj Dharma Campus, Cabella Ligure (Italy)

1997-08-23 श्री कृष्ण पूजा टॉक, कबैला, इटली

आज हम यहाँ कृष्ण पूजा के लिए एकत्रित हुए हैं। मैं अमरीका गई थी और वे चाहते थे कि मैं एक महाकाली पूजा करूँ, लेकिन मैंने कहा नहीं, मुझे केवल कृष्ण के विषय में बात करने दीजिए, क्योंकि हमें पहले यह जानना होगा कि इस पूजा की क्या शक्ति है, कैसे हम श्री कृष्ण को अपने भीतर स्थापित कर सकते हैं।

उन्होंने स्वयं कहा है कि जब भी धर्म का पतन होता है- धर्म का अर्थ वह नहीं है जो हम समझते हैं हिंदू, […]

Shri Krishna Puja: Freedom Without Wisdom Is Dangerous New York City (United States)

08.06.1997

न्यू जर्सी, यू.एस. ए 

श्री कृष्ण पूजा – स्वतन्त्रता 

बिना सद्बुद्धि स्वतन्त्रता भयंकर है

आज हमने श्री कृष्ण पूजा करने का निर्णय लिया है श्री कृष्ण की भूमि में, यद्यपि यह श्री कृष्ण की भूमि है

लोग मुझसे पूछते हैं कि लोग आध्यात्मिक क्यों नहीं हैं?

ऐसा कैसे है कि वे विभिन्न प्रकार  के खोज-प्रयासों में उलझ जाते हैं जो सत्य की ओर नहीं ले जाते हैं। 

ऐसा क्यों है कि अमेरिका में लोग इतने सतर्क नहीं हैं कि वे पहचान सकें कि सच्चाई क्या है और उन्हें क्या पाना है? […]

Shri Krishna Puja: Sahaja Culture Campus, Cabella Ligure (Italy)

श्री कृष्ण पूजा : सहज संस्कृति 01.09.1996

कबेला, इटली

आज हम श्री कृष्ण की पूजा करने वाले हैं। देखिये 3 बजे के आसपास कितनी ठंडक थी l अब इसका कारण यह है कि श्री कृष्ण ने इंद्र के साथ थोड़ी शरारत की। इंद्र, जो ईश्वर हैं, या आप कह लीजिये अर्ध-परमेश्वर, उन पर वर्षा  का दायित्व है l इसलिए इंद्र अत्यंत क्रोधित हो गए। 

अब आप देखिये कि ऐसे सभी देवता बेहद संवेदनशील होते हैं और छोटी सी बात पर भी क्रोधित या व्यथित हो जाते हैं और इस क्रोध का प्रदर्शन करने के लिए अपनी शक्तियों का प्रयोग करने लगते हैं। इसलिए उन्होंने सभी गोप तथा श्री कृष्ण पर, […]

Shri Krishna Puja: Shri Krishna and the Paradoxes of Modern Times & short talk in Marathi Campus, Cabella Ligure (Italy)

  श्री कृष्ण पूजा। कैबेला (इटली), 28 अगस्त 1994

आज हम यहां हैं,

श्री कृष्ण की पूजा करने के लिए।

जैसा कि आप जानते हैं कि श्री कृष्ण अवतार हैं, श्री विष्णु के।

और श्री विष्णु वह है, जो इस ब्रह्मांड के संरक्षक है।

जब इस पूरी दुनिया  को बनाया गया था, तब यह आवश्यक था, एक संरक्षक बनाना भी।  नहीं तो यह दुनिया  नष्ट हो गई होती और पूरी तरह से अगर इस दुनि को,बिना किसी संरक्षक के, […]

Shri Vishnumaya Puja: Stop Feeling Guilty Shawnee on Delaware (United States)

Shri Vishnumaya puja. Shawnee, Pennsylvania (USA), 20 September 1992.

आज हमने विष्णुमाया पूजा करने का निर्णय लिया है । इस संदर्भ में,  यह  ज्ञात होना चाहिए  कि यह विष्णुमाया कौन हैं  और  इनका – आप इसे पौराणिक कह सकते हैं,  पर यह एक ऐतिहासिक संबंध है । मैंने आपको बताया है कि अमरीका श्री कृष्ण का देश है और वह कुबेर हैं, साथ ही वह यम भी  हैं । क्योंकि वह कुबेर हैं, लोगों को उनकी संपन्नता मिली है, […]

Shri Krishna Puja: Ascending beyond the Vishuddhi, The Viraata State Campus, Cabella Ligure (Italy)

                       श्री कृष्ण पूजा                                                                            

                         विशुद्धि से आगे उत्थान,  विराट अवस्था 

 कबैला लिगरे (इटली), 16 अगस्त 1992।

आज हमने श्री कृष्ण की पूजा करने का फैसला किया है। हमने कई बार इस पूजा को किया है और श्री कृष्ण के अवतरण का सार समझा है, जो छह हजार साल पहले था। और अब, उनकी जो अभिव्यक्ति थी, जिसे वह स्थापित करना चाहते थे उसे इस कलियुग में किया जाना था। वैसे भी, यह कलियुग सतयुग के एक नए दायरे में जा रहा है, […]

Shri Vishnumaya Puja Ashram Everbeek, Everbeek (Belgium)

आज एक विशेष अवसर है विष्णुमाया पूजा करने का, क्योंकि उन्होंने घर में आगमन किया, 

हमें उनकी पूजा करनी है।  

पहले हमें जानना चाहिए कि विष्णुमाया कौन हैं। यह जानना अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि देवी महामात्य में उन्हें सिर्फ देवी के अवतार के रूप में वर्णित किया गया है: “विष्णुमाया इति शब्दिता”, 

उन्हें विष्णुमाया कहा गया है

लेकिन अब हम देखें कि वह हैं कौन? 

आखिर यह विष्णुमाया कौन हैं?

तो विष्णुमाया काली हैं, हम कह सकते हैं, […]

Shri Krishna Puja: They have to come back again and again Saffron Walden (England)

श्री कृष्ण पूजा  

सेफ्फ़रॉन वाल्डेन (इंग्लैंड), 14 अगस्त 1989

(श्री कृष्ण अवतार, दाईं विशुद्धि) 

आज हम यहां श्री कृष्ण अवतार की पूजा करने के लिए एकत्रित हुए हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि श्री कृष्ण नारायण के अवतार हैं, श्री विष्णु के। प्रत्येक अवतार में, वे अपने सभी गुणों, अपनी सारी शक्तियों और अपनी प्रकृति को अपने साथ ले कर आते हैं। इसलिए जब उन्होंने अवतार लिया तो उनके पास नारायण के सभी गुण थे, […]

Arrival and Virata Puja Camp Wonposet, Litchfield (United States)

                                                श्री विराट पूजा।

 कैंप वोनपोसेट, कनेक्टिकट (यूएसए), 11 जून 1989

आज हमने श्री कृष्ण की भूमि में विराट की पूजा करने का निर्णय लिया है।

जैसा कि आप जानते हैं, श्री विष्णु की अभिव्यक्ति के विकास में, वे दस अवतारों में आते हैं और अंततः वे स्वयं को विराट के रूप में प्रकट करते हैं। विराट अस्तित्व का मस्तिष्क है जिसे सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहा जा सकता है, इसलिए संपूर्ण मध्य तंत्रिका तंत्र श्री कृष्ण द्वारा विष्णु के रूप में काम करता है, […]

Shri Krishna Puja: The State of Witnessing Como (Italy)

श्री कृष्ण पूजा (साक्षी भाव की स्तिथि )

इटली , 6 अगस्त 1988.

आज हम यहाँ एकत्रित हुए हैं, श्री कृष्ण की पूजा करने के लिए।

हमें, विशुद्धि चक्र पर श्री कृष्ण के अवतरन के महत्व को समझना चाहिए। जैसा कि आप अच्छी तरह से जानते हैं, सिवाय एक या दो बार,श्री ब्रह्मदेव ने अपना अवतार लिया है। और एक बार श्री गणेश ने जन्म लिया, भगवान येशु मसीह के रूप में । लेकिन विष्णु तत्व, […]

Shri Hamsa Swamini puja and two talks Germany (Grafenaschau)

श्री हंसा स्वामिनी पूजा
ग्राफेनाशाऊ (जर्मनी), 10 जुलाई 1988।
आज हमने जर्मनी में हंसा पूजा करने का फैसला किया है। हमने अभी तक  इस चक्र हंसा पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया है, जो कि, मुझे लगता है, भारतीय या पूर्वी के बजाय, पश्चिमी दुनिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। कारण है, हंसा चक्र पर, इड़ा और पिंगला का कुछ हिस्सा बाहर निकलता है और अभिव्यक्त होता है – अर्थात इड़ा और पिंगला की अभिव्यक्ति हंस चक्र के माध्यम से दी जाती है।
तो यह हंसा चक्र वह है, […]

Shri Krishna Puja: The 16 000 Powers of Shri Krishna Saint-Quentin-en-Yvelines (France)

श्री कृष्ण पूजासेंट क्वेंटिन (फ्रांस), 16 अगस्त 1987।

श्री माताजी: वह क्या है?सहज योगी: छोटे गणेश, एक उपहार।कृपया बैठ जाएँ।श्री माताजी : क्या हिल रहा है?सहज योगी: ऐसा लगता है कि यह मंच है।श्री माताजी: यहाँ क्या हिल रहा है? यह ऊर्जा है?सहज योगी: ऐसा लगता है कि यह मंच है।

बच्चों का इस खूबसूरत तरीके से आना और मेरा स्वागत करना बहुत सुंदर था। यह आपको कृष्ण के दिनों में वापस ले जा सकता है, […]

Shri Vishnumaya Puja: She has created a big maya YWCA Camp, Pawling (United States)

श्री विष्णुमाया पूजान्यूयॉर्क (यूएसए), 9 अगस्त 1987।

आज हम यहां विष्णुमाया की पूजा करने के लिए इकट्ठे हुए हैं।

विष्णुमाया मानव प्रयास से भी निर्मित होती है। जैसा कि आप बादलों को देखते हैं, जब वे एक दूसरे के खिलाफ रगड़ते हैं, तो बिजली पैदा होती है। तो पहले बादलों को बनाना होगा। सूर्य समुद्र पर कार्य करता है। देखें कि कितने चक्र चलन में आते हैं! समुद्र भवसागर है, और सूर्य समुद्र पर कार्य करता है। साथ ही चंद्रमा समुद्र पर कार्य करता है। इसके फलस्वरूप बादल बनते हैं।

यह बिजली समुद्र में पैदा नहीं होती है – […]

Talk, Eve of Shri Vishnumaya Puja YWCA Camp, Pawling (United States)

श्री विष्णुमाया पूजा से एक दिन पहलेन्यूयॉर्क (यूएसए), 8 अगस्त 1987।

यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि आज,आप में से बहुत से अमेरिकी एकत्र हुए हैं, और कल आप विष्णुमाया पूजा करना चाहते हैं। मुझे वे दिन याद हैं जब मैं केवल कुर्सियों से ही बात करती थी, लेकिन इतने वर्षों में इतनी मेहनत करने के बावजूद, इस देश में इतनी बार यात्रा करने के बाद भी, किसी भी अन्य राष्ट्र की तुलना में हमारे पास बहुत कम सहज योगी हैं।

श्रीकृष्ण के इस देश में लोगों का ध्यान धन पर लगाना अनिवार्य है, […]

Shri Krishna Puja: The Six Enemies And False Enemies Hostellerie am Schwarzsee, Plaffeien (Switzerland)

श्री कृष्णा पुजा
श्वार्जसी (स्विट्जरलैंड), 23 अगस्त 1986।
श्री कृष्ण हमारे विशुद्धि चक्र में निवास करते हैं।
इस चक्र में वे श्रीकृष्ण के रूप में विराजमान हैं।
बाईं ओर, उनकी शक्ति, विष्णुमाया, उनकी बहन, निवास करती हैं। वहाँ वे गोपाल के रूप में निवास करते हैं, जैसे वे गोकुल में रहने वाले बालक के रूप में खेलते थे।
दाहिनी ओर वे द्वारिका में शासन करने वाले राजा श्री कृष्ण के रूप में निवास करते हैं।
ये हमारे विशुद्धि चक्र के तीन पहलू हैं।
जो लोग अपने दाहिने पक्ष का इस्तेमाल दूसरों पर हावी होने के लिए करते हैं, […]

Morning of Shri Krishna Puja seminar Hostellerie am Schwarzsee, Plaffeien (Switzerland)

कृष्ण पूजा संगोष्ठीश्वार्जसी (स्विट्जरलैंड), 23 अगस्त 1986।

आज आप सभी को यहां श्री कृष्ण पूजा करने के लिए एकत्रित देखकर बहुत आनंद और खुशी हो रही है।

क्या तुम मुझे वहाँ सुन पा रहे हो? नहीं? सुन नहीं सकते।

ग्रेगोइरे: फिल, क्या आप वापस जोड़ सकते हैं …

श्री माताजी : इतने सारे सहजयोगियों को यहाँ एकत्रित देखकर, मुझे यकीन है कि शैतान बहुत पहले भाग गया होगाऔर कारवां चला गया होगा, लेकिन मुझे आशा है कि हम इसके बारे में जागरुक हैं और हमअपनी पकड़ के बारे मेअपने डर, […]

Shri Krishna Puja: Play the melody of God Englewood Ashram, New Jersey (United States)

श्री कृष्ण पूजाएंजलवुड (यूएसए), 2 जून 1985।

आज हम श्री कृष्ण की पूजा करने जा रहे हैं।

श्री कृष्ण इस धरती पर ऐसे समय आए थे जब भारत में लोग बहुत कर्मकांडी थे। वे तथाकथित ब्राह्मणों के दास बन गए थे, जिन्हें परमात्मा के बारे में बिल्कुल भी पता नहीं था क्योंकि उन्होंने एक ऐसी कहानी शुरू की थी कि एक ब्राह्मण का पुत्र ही ब्राह्मण हो सकता है। तो, जन्म ने व्यक्ति की जाति निर्धारित की। उसके पहले ऐसा नहीं था कि ब्राह्मण का पुत्र ब्राह्मण होगा। यह भी सच है कि यदि आप एक साक्षात्कारीआत्मा हैं, […]

Shri Krishna Puja: Announcement of Vishwa Nirmala Dharma Nashik (भारत)

श्री कृष्ण पूजा नासिक – 19.01.1985

Announcement of Vishwa Nirmal Dharma

कल, भाषण में, मैंने सहज योग के बारे में एक नई घोषणा की थी। लेकिन पूरा भाषण मराठी भाषा में था और इससे पहले कि इसका अनुवाद हो, मैं आपको बताना चाहूंगी कि मेरी घोषणा क्या थी।

यह एक प्रश्न था कि, अमेरिका और इंग्लैंड में कोई भी ट्रस्ट, जो एक धर्म नहीं है, उसे पंजीकृत नहीं किया जा सकता। वास्तव में सहज योग एक धर्म है। निस्संदेह, […]

Talk on Holi day New Delhi (भारत)

Talk on Holi Day Date 17th March 1984 : Place New Delhi : Puja Type English & Hindi Speech Language contents Hindi

[Original transcript Hindi talk, Scanned from Hindi Nirmala Yog]

आप लोग रूपया तक देने भई सुबह चार बजे उठो, अगर कानफन्स है तो। से घबराते है । यह गलत वात जो जरूरी चोज है वह है ध्यान करना। जो बड़ा है। यह सुनकर तो मुझे बड़ा goal (उद्देश्य) है उसे देखना चाहिये। जो चीज आ्चय हुआ कि बम्बई के लोग है, […]

Shri Krishna Puja: Vishuddhi Chakra Vienna (Austria)

“विशुद्धि चक्र”
 वियना (ऑस्ट्रिया), 4 सितंबर 1983।
अमेरिका जाने से पहले मैं विशुद्धि चक्र और हमारे भीतर स्थित श्रीकृष्ण के पहलू के बारे में और बात करना चाहती थी। जिनेवा में पहली पूजा में मैंने इसके बारे में काफी कुछ बोला। इसका कोई अंत नहीं है, निश्चित रूप से क्योंकि यह विराट का केंद्र है। लेकिन समझना यह होगा कि श्रीकृष्ण का संदेश ‘समर्पण’ करना था। अब,  हम स्थूल रूप से जिसे समर्पण सोचते हैं, वह एक शत्रु का दूसरे शत्रु के प्रति समर्पण जैसा है। तो जब ‘समर्पण’ […]

The Vishuddhi Chakra New Delhi (भारत)

19830202 TALK ABOUT Vishuddhi, DELHI

[Hindi transcript Q&A]

सवाल – माताजी, क्या पितरों के श्राद्ध करने चाहिये ? उनके चित्र रखने चाहिये ?  

श्रीमाताजी – इन्होंने सवाल किया है क्या पितरों के श्राद्ध करने चाहिये? पितरों के फोटोग्राफ्स रखने चाहिये ? जब उनकी तेरहवी होती है तब तो करने ही चाहिये उनके श्राद्ध। और श्राद्ध भी डिस्क्रिशन्स की बात आ ‘गयी फिर से। अगर समझ लीजिये कि आपके सहजयोग में आपने देखा कि आपका राइट हार्ट पकड़ रहा है। याने आपके पिता जो है, […]

Shri Yogeshwara Puja Chelsham Road Ashram, London (England)

(परम पूज्य श्रीमाताजी, श्रीकृष्ण पूजा, चेल्शम रोड, लंदन, 15 अगस्त, 1982)
एक महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि वह योगेश्वर हैं और जो बात हमें समझनी है वह यह है कि जब तक आप योगेश्वर के मार्ग का अनुसरण नहीं करते तब तक स्वयं को पूर्णतया स्थापित नहीं कर सकते हैं। श्रीकृष्ण ने कहा सर्वधर्माणां परितज्य मामेकम् शरणम् व्रज। अपने सभी संबंधियों व संबंधों जैसे अपने भाई, पत्नी, बहनों …. को छोड़कर केवल मुझ एक कृष्ण को भज … […]

Shri Krishna Puja: Most Dynamic Power of Love Bharatiya Vidya Bhavan, मुंबई (भारत)

श्री माताजी निर्मला देवी

28 अगस्त, 1973 श्री कृष्ण पूजा 

‘प्रेम की अधिकतम गतिशील शक्ति’

मुंबई, भारत

…ईश्वर द्वारा। उदहारण के लिए, अगर मैं सिर्फ अपने सिर को जानती हूं तो काफी नहीं है। अगर मैं सिर्फ अपनी गर्दन को जानती हूं तो काफी नहीं है। अगर मैं सिर्फ अपने पैरों को जानती हूं तो काफी नहीं है। लेकिन जितना अधिक मैं स्वयं के विषय में जानूंगी उतनी ही मैं गतिशील बन जाऊंगी, उतनी ही मै विस्तृत हो जाऊंगी।

और जो कुछ महान था, […]