Shri Ganesha Puja: They Are All Incarnations Campus, Cabella Ligure (Italy)

Ganesh Puja 13 September 2003, cabella , italy

अब हम नन्हें बच्चों के सम्मुख हैं। यही बच्चे अवतरण हैं। यही (बच्चे) उत्थान प्राप्ति में, मानव जाति का नेतृत्व करेंगे। मानवता की देखभाल की जानी चाहिए। बच्चे कल की मानव जाति हैं और हम आज के हैं। अनुसरण करने के लिए हम, उन्हें क्या दे रहे हैं? उनके जीवन का लक्ष्य क्या है? ये कहना अत्यन्त-अत्यन्त कठिन है परन्तु सहज योग से वे सभी मर्यादित ढंग से चलेंगे,वे मर्यादित व्यवहार करेंगे। बहुसंख्या में सहजयोगी बनने से, […]

Christmas Puja Ganapatipule (भारत)

Christmas Puja, Ganapatipule (India), 25 December 2002.
Merry Christmas to you all.
According to Sahaja Yoga, Christ is settled on your Agnya Chakra. His whole life is depicting the qualities of a person who is a realised soul. What He has suggested in His own life is that you should not have any greed or lust. The way these days people are greedy all over the world is really shocking. Right from the childhood, our children also learn to ask for this or ask for that; […]

We Have To Be Transformed Royal Albert Hall, London (England)

रॉयल अल्बर्ट हॉल में सार्वजनिक कार्यक्रम। लंदन (यूके), 14 जुलाई 2001.

मैं सत्य के सभी साधकों को नमन करती हूं। आप में से कुछ ने सत्य पाया है, आप में से कुछ ने इसे पूरी तरह से नहीं पाया है, और आप में से कुछ ने इसे बिल्कुल नहीं पाया है। लेकिन अगर आप आज की स्थिति में चारों ओर देखते हैं, तो आपको सहमत होना पड़ेगा कि बड़ी उथल-पुथल चल रही है। देशों के बाद देश सभी प्रकार की गलत चीजों को अपना रहे हैं। कोल्ड वॉर जारी है, […]

On Torsion Area Holiday Inn London – Kensington Forum Hotel, London (England)

                                        वी आई पी रिसेप्शन, LONDON ,UK,DP RAW

                                                           2000-09-23

मैं सत्य के सभी साधकों को नमन करती हूँ। ये विशिष्ट समय है जब हमारे पास सत्य के इतने साधक हैं । आश्चर्यजनक रूप से आजकल बहुत सारे लोग जानना चाहते  हैं कि सत्य क्या, और परिणाम उनमें से कुछ खो भी जाते हैं। लेकिन सच्चाई क्या है, सच्चाई यह है कि आप यह शरीर नहीं हैं, यह मन, यह भावनाएं यह तथाकथित बुद्धिमत्ता नहीं हैं लेकिन आप सच्ची आत्मा हैं। सभी शास्त्रों ने कहा है कि जहाँ  […]

Guru Puja: Shraddha Campus, Cabella Ligure (Italy)

गुरु पूजा, कबैला, लिगुरे (इटली), २३ जुलाई २०००।

आज हम यहाँ गुरु सिद्धांत के बारे में जानने के लिए आए हैं।गुरु क्या करते हैं,आपके पास जो कुछ भी है,आपके भीतर की सभी बहुमूल्य चीज़ें,वह आपके ज्ञान के लिए उन्हें खोजते हैं। वास्तव में यह सब कुछ आपके भीतर ही है। सम्पूर्ण ज्ञान, सम्पूर्ण अध्यात्म,सम्पूर्ण आनंद, सब यही है।सही समय!यह सब आपके  भीतर समाहित है।गुरु केवल एक ही कार्य करते हैं आपको आपके ज्ञान के बारे में और आपकी आत्मा के बारे जानकारी प्रदान करना। सबके भीतर आत्मा है। हर किसी के अंदर आध्यात्मिकता है।ऐसा कुछ भी नहीं है जो आपको बाहर से मिले।लेकिन यह ज्ञान प्राप्त करने से पहले, […]

Birthday Felicitations New Delhi (भारत)

Birthday Felicitations (English part), Delhi (India), 22 March 2000.

HINDI TRANSLATION (English Talk) Scanned from Hindi Chaitanya Lahari

है कि किस प्रकार इन लोगों ने विश्व के हजारों सम्माननीय अतिथिगण, सम्माननीय गृहमन्तरी श्री आडवाणी जी. जो कि महान देशभक्त रहे हैं लोगों को आत्मसाक्षात्कार की ज्योति प्रदान की! और उनके देश प्रेम के कारण जिनकी मैं सदैव प्रशंसक रही हूँ। वे अत्यन्त देशभक्त हैं और तरह से कार्य नहीं कर रही। जिस प्रकार ये आप जानते हैं मेरे माता-पिता भी अत्यन्त देशभक्त बधाई सन्देश हमें आए हैं, […]

Birthday Puja New Delhi (भारत)

Birthday Puja 21st March 2000 Date: Place Delhi: Type Puja

[Original transcript Hindi talk, scanned from Chaitanya Lahari]

पहले अंग्रेजी में बातचीत की क्योंकि यहाँ हृदय दूसरों के सामने खाल सकें और उन्हें परदस से बहुत से लोग आए हैं और आप को अपने हृदय में बसा सकें। और मन काई एतराज नहीं कि हम थोड़ी देर अंगरेजी में से हमको यह सोचना चाहिए कि जिस मन में प्यार नहीं है वो संसार में किसी भी चीज़ का अधिकारी नहीं बातचीत करें। हालांकि यह तो दिल्ली वालों का कमाल है और उसी के साथ उत्तर प्रदेश के होता क्योंकि जो भी चौज़ उसे मिलती है. […]

Guru Puja: A Guru Should Be Humble And Wise Campus, Cabella Ligure (Italy)

1997-07-20 गुरु पूजा प्रवचन: एक गुरु विनम्र और बुद्धिमान होना चाहिए, Cabella, डीपी-रॉ

आज की पूजा बहुत महत्वपूर्ण है हमारे लिए । आप सभी को अपना आत्म साक्षात्कार मिल गया है, आपके पास सारा ज्ञान है जो आवश्यक है दूसरों को आत्म साक्षात्कार देने के लिए । आपको जानना चाहिए  क्या है आपके पास पहले से, यह बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यदि आप स्वयं प्रयत्‍न नहीं करते हैं और यदि आप प्रयत्‍न नहीं करते हैं दूसरों को आत्म साक्षात्कार देने का, […]

Sahasrara Puja: You must feel responsible but be humble Campus, Cabella Ligure (Italy)

                                                   सहस्रार पूजा 

                              आपको ज़िम्मेदार होना चाहिए, लेकिन विनम्र होना चाहिए

क्बेला लिगरे (इटली), 5 मई, 1996

आज के दिन हम  सहस्रार के खोलने का जश्न मना रहे हैं।

मुझे कहना होगा कि सम्पूर्ण मानवता के लिए यह एक महान घटना हुई थी। यह एक ऐसी उपलब्धि थी, जिसे मैंने पहले कभी हासिल नहीं किया था। अब मैं देख सकती हूं कि, आत्म-साक्षात्कार के बिना, लोगों से बात करना असंभव होता।

जब ऐसा हुआ तो मैंने सोचा कि, […]

Mahashivaratri Puja Sydney (Australia)

“अपने चित्त को प्रेरित करें “, महाशिवरात्रि पूजा। बुंडिला स्काउट कैंप, सिडनी (ऑस्ट्रेलिया), 3 मार्च 1996.
आज हम शिव, श्री शिव की पूजा करने जा रहे हैं। जैसा कि आप जानते हैं, श्री शिव हमारे भीतर सदाशिव का प्रतिबिंब हैं।
मैंने पहले ही प्रतिबिंब के बारे में बताया है। सदाशिव , सर्वशक्तिमान परमात्मा हैं, जो आदि शक्ति की लीला देखते हैं। लेकिन वह पिता हैं जो अपनी प्रत्येक रचना को या उनकी प्रत्येक रचना को देख रहे हैं।
उनका समर्थन आदि शक्ति को पूरी तरह से है, […]

Public Program, Satya Ki Pahchan Chaitanya Se He (भारत)

Satya Ki Pahchan Chaitanya Se Hai 14th December 1995 Date : Lucknow Place : Public Program Type

सब से पहले ये जान लेना चाहिये, कि सत्य है वो अपनी जगह। उसको हम बदल नहीं सकते, उसका हम वर्णन नहीं कर सकते। वो अपनी जगह स्थिर है। हमें ये भी करना है कि हम उस सत्य सृष्टि को प्राप्त करें। परमात्मा ने हमारे अन्दर ही सारी व्यवस्था की हुई है। इस सत्य को जानना अत्यावश्यक है। आज मनुष्य हम देख रहे है कि भ्रमित हैं। इस कलियुग में बहता चला जा रहा है। उसकी समझ में नहीं आता कि पुराने मूल्य क्या हो गये और हम कहाँ से कहाँ पहुँच गये और आगे का हमारा भविष्य क्या होगा। जब वो सोचने लगता है कि हमारे भविष्य का क्या है? […]

Easter Puja: Resurrection Bundilla Scout Camp, Sydney (Australia)

ईस्टर पूजा। सिडनी (ऑस्ट्रेलिया), 3 अप्रैल 1994।

मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई कि आप यहाँ  बहुत संख्या में आए हैं – और मुझे लगता है कि यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण पूजा है, न केवल ऑस्ट्रेलिया के लिए बल्कि पूरे विश्व के लिए, क्योंकि इसमें सबसे बड़ा संदेश है जिसे हमने अब सहजयोग में साकार किया है।

हमें ईसा मसीह के संदेश को समझना होगा। इस दुनिया में बहुत से लोग हैं जो यह दिखाने का प्रयास करते हैं कि वे बहुत महान तर्कवादी हैं और उन्हें कोई  […]

Mahashivaratri Puja, Surrender New Delhi (भारत)

Mahashivaratri Puja. Delhi (India), 14 March 1994.
It’s a great pleasure that from all over the world people have gathered to worship Shiva. Actually we should say it is Sadashiva that we are going to worship today. As you know the difference between Sadashiva and Shri Shiva. Sadashiva is the God Almighty and He is a witness of the play of the Primordial Mother.
The combination between Sadashiva and the Primordial Mother Adi Shakti is just like a moon and the moonlight or the sun or the sunlight. […]

Christmas Puja Ganapatipule (भारत)

Christmas Puja, Ganapatipule (India), 25 December 1992.
I must have said lots of things about Christ before, and how Jesus Christ is related to Shri Radhaji, that he is the incarnation of Shri Ganesha who was the son of the Adi Shakti to begin with but then he was given to Shri Radhaji and Shri Radha created as Mahalaxmi, as Mother Mary this great incarnation of Christ.
Now for the western mind it is impossible to understand how there can be a immaculate conception because they have no sense at all, […]

Sahasrara Puja: The Will of God Campus, Cabella Ligure (Italy)

                               सहस्रार पूजा, “भगवान की इच्छा”

 कबैला लिगरे (इटली), 10 मई 1992।

आज हम सहस्रार दिवस मना रहे हैं। शायद हमने महसूस ही नहीं किया हुआ कि यह कितना महत्वपूर्ण दिन रहा होगा। सहस्रार को खोले बिना, स्वयं ईश्वर एक काल्पनिक कथा प्रतीत होता था, धर्म स्वयं एक मिथक था, और देवत्व के बारे में सभी बातें एक मिथक थीं। लोग इस पर विश्वास करते थे लेकिन यह सिर्फ एक विश्वास भर था। और विज्ञान, जैसा कि उसे आगे रखा गया था, […]

Shri Mahalakshmi Puja (भारत)

Shri Ganesha Puja 21st December 1991 Date : Kolhapur Place Type Puja Speech Language English, Hindi & Marathi

आप लोग इतनी दिल्ली से यहाँ पर पहुँचे हैं और सब का प्यार है जो खिंच के लाया आपको यहाँ पर। मैं दूर समझा नहीं सकती कि मुझे कितना आनन्द हुआ है कि आप लोग सब यहाँ हैं। दिल्ली में तो मुलाकात होती ही रहती है और बहुत लोगों से मुलाकात होती रही और सब को देखते रहे हम और आप लोगों ने बहुत प्रगति कर ली है। बड़े आश्चर्य की बात है, […]

श्री आदी कुंडलिनी पूजा (Germany)

श्री आदी कुंडलिनी पूजा, वील्बर्ग (जर्मनी), 11 अगस्त 1991।
आज हम यहां आदी कुंडलिनी के साथ ही अपनी कुंडलिनी की पूजा करने के लिए यहां इकट्ठे हुए हैं।
सबसे पहले, मुझे लगता है कि सबसे महत्वपूर्ण बात है, स्वयं की कुंडलिनी के बारे में समझना, क्योंकि आत्मसाक्षात्कार ही आत्म-ज्ञान है। और जो आपको आत्म-ज्ञान देता है वह है, आपकी अपनी कुंडलिनी , क्योंकि जब वह उठती है तो, वह इंगित करती है कि आपके चक्रों पर क्या समस्याएं हैं।
अब, […]

Shri Mahakali Puja: Purity and Collectivity Centre Culturel Thierry Le Luron, Le Raincy (France)

                              श्री महाकाली पूजा, “सामूहिकता और पवित्रता”

 ले रेनसी (फ्रांस), 12 सितंबर 1990।

हमने बेल्जियम में भैरव पूजा करी थी और अब मैंने सोचा कि चलो आज हम महाकाली पूजा करें क्योंकि कल रात का अनुभव, कल रात का अनुभव महाकाली का काम था।

 हर समय उनकी दोहरी भूमिका है, वे दो चरम सीमाओं पर है। एक तरफ वह आनंद से भरी है, आनंद की दाता, वह बहुत प्रसन्न होती हैं जब वह अपने शिष्यों को खुश देखती है। आनंद उसका अपना गुण है, […]

Shri Mahavira Puja: Hell Exists Barcelona (Spain)

1990-0617 Shri Mahavira Puja,Spain

आज पहली बार महावीर पूजा हो रही है | महावीर का त्याग अत्यन्त विकट प्रकार का था | उनका जन्म एक ऐसे समय पर हुआ जब ब्राह्मणवाद ने अत्यन्त भ्रष्ट, स्वेच्छाचारी तथा उच्छुंखल रूप धारण कर लिया था |

मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के पश्चात लोग अत्यन्त गम्भीर, तंग दिल तथा औपचारिक हो गये थे। आत्मसक्षात्कार के अभाव में वे सदा एक अवतरण की नकल का प्रयत्न अति की सीमा तक करने लगे। इन बंधनों को समाप्त करने के लिये श्री राम पुन: श्री कृष्ण रूप में अवतरित हुए । अपने कार्यकलापों के उदाहरण से

श्री कृष्ण ने यह प्रदर्शित करने का प्रयत्न किया कि जीवन एक लीला (खेल) मात्र है | शुद्ध हृदय से यदि व्यक्ति जीवन लीला करता है तो कुछ भी बुरा नही हो सकता | श्री कृष्ण के पश्चात लोग अति लम्पट, […]

Shri Adi Shakti Puja कोलकाता (भारत)

Shri Adi Shakti Puja, 9th April 1990, Kolkata

ORIGINAL TRANSCRIPT HINDI TALK Scanned from Hindi Chaitanya Lahiri

कलकल्ता की आप लोगों की पूरगति देखकर बडा आनन्द आया। और में जानती हैं कि इस शहर में अनेक लोग बड़े गहन साधक हैं। उनको अभी मालू म नहीं है कि ऐसा समय आ गया है जहाँ बो जिसे रखोजते हैं, को उसे पा लें। आप लोगों को उनके तक पहुँचा चाहिए, और ऐसे लोगों की सोज बीन रखनी चाहिए जो लोग सत्य को खोज रहे हैं। इसलिप आवश्यक है कि हम लोग अपना किस्तार चारों तरफ करें। अपना [भी जीवन परिवर्तत करना चाहिए। अपने अपनी भी शवती बढ़ानी चाहिए। लेकिन उसी के साथ हमे जीवन को भी एक अटूट योगी जैसे प्रज्जलित करना चाहिए जिसे लोग देखकर के पहचानेंगे कि ये कोई बिशेष क्यवित है। ध्यान धारणा करना बहुत ज़रूरी है। कलकत्ता एक बड़ा व्यस्त शहर है और इसकी व्वस्तता में मनुष्य डूब जाता है। उसको समय कम मिलता है। ये जो समय हम अपने हाथ में बाँधे हैं, […]

How We Should Behave (two talks) पुणे (भारत)

1989-12-27 India Tour – How We Should Behave
FIRST SPEECH
It was very interesting I was thinking about you all and about the people who have done so much for Sahaja Yoga. It is impossible really to say how many have worked for Sahaja Yoga with such interest and dedication. And this dedication is directed by divine force that’s why I think you people are not even aware how much you have worked so hard without getting any material gain out of it. […]

Shri Krishna Puja: They have to come back again and again Saffron Walden (England)

श्री कृष्ण पूजा  

सेफ्फ़रॉन वाल्डेन (इंग्लैंड), 14 अगस्त 1989

(श्री कृष्ण अवतार, दाईं विशुद्धि) 

आज हम यहां श्री कृष्ण अवतार की पूजा करने के लिए एकत्रित हुए हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि श्री कृष्ण नारायण के अवतार हैं, श्री विष्णु के। प्रत्येक अवतार में, वे अपने सभी गुणों, अपनी सारी शक्तियों और अपनी प्रकृति को अपने साथ ले कर आते हैं। इसलिए जब उन्होंने अवतार लिया तो उनके पास नारायण के सभी गुण थे, […]

Shri Ganesha Puja, Switzerland 1989 (Switzerland)

Shri Ganesha Puja, Les Diablerets (Switzerland), 8 August 1989.
आज आप सब यहां मेरी श्रीगणेश रूप में पूजा के लिये आये हैं। हम प्रत्येक पूजा से पहले श्रीगणेश का गुणगान करते आये हैं। हमारे अंदर श्रीगणेश के लिये बहुत अधिक सम्मान है क्योंकि हमने देखा है कि जब तक अबोधिता के प्रतीक श्रीगणेश को हम अपने अंदर जागृत नहीं करते तब तक हम परमात्मा के साम्राज्य में प्रवेश नहीं कर सकते हैं। परमात्मा के साम्राज्य में बने रहने के लिये और श्रीगणेश के आशीर्वादों का आनंद उठाने के लिये भी हमारे अंदर अबोधिता का होना अत्यंत आवश्यक है। अतः हम उनकी प्रशंसा करते हैं और वे अत्यंत सरलता से प्रसन्न भी हो जाते हैं। सहजयोग में आने से पहले हमने जो कुछ गलत कार्य किये हों उनको वे पूर्णतया क्षमा कर देते हैं क्योंकि वे चिरबालक हैं।
आपने बच्चों को देखा है, […]

Shri Bhairavnath Puja: Bhairava and Left Side Garlate (Italy)

श्री भैरवनाथ पूजा

 गारलेट, मिलान (इटली), 6 अगस्त 1989

आज हम यहां भैरवनाथ की पूजा करने के लिए एकत्रित हुए हैं। मुझे लगता है कि हमने भैरवनाथ के महत्व को नहीं समझा है जो इड़ा नाड़ी पर ऊपर-नीचे चलते हैं। इड़ा नाडी चंद्रमा की नाडी है, चंद्रमा की है। तो यह हमारे लिए ठंडा करने की एक प्रणाली है। तो भैरवनाथजी का काम हमें ठंडा करना है।

उदाहरण के लिए, लोगों का अहंकार के साथ एक गर्म स्वभाव होता है, […]

Shri Pallas Athena Puja: The Origins and Role of Greece Athens, Stamatis Boudouris house (Greece)

              श्री पल्लास एथेना पूजा

 ग्रीस, 24 मई 1989

सहज योग में सब कुछ बहुत वैज्ञानिक है, सभी पूर्व-नियोजित हैं जो मुझे लगता है, और सभी महत्वपूर्ण हैं। उदाहरण के लिए, आज बुधवार है और हमने बुधवार को कभी कोई पूजा नहीं की क्योंकि मेरा जन्म बुधवार को हुआ था। 

इसलिए, मैं सोच रही थी कि यदि पूजा बारह बजे से पहले शुरू हो जाए, तो हम इसे प्रबंधित कर पाएंगे क्योंकि मेरा जन्म बारह बजे हुआ था। तो, […]

Adi Shakti Puja: Detachment Residence of Madhukar Dhumal, Rahuri (भारत)

आदि शक्ति पूजा, वैराग्य, राहुरी (भारत),11 दिसंबर 1988

पूजा उस समय आरंभ होती है, जब इसे आरंभ होना होता है और मैं प्रतीक्षा और प्रतीक्षा और प्रतीक्षा कर रही हूँ।फिर मुझे एहसास हुआ कि आज बहुत अच्छा समय है, पंचांग के अनुसार, परंतु यह प्रातः का नहीं है,तो इसे चंद्रमा का तीसरा दिन होना थाऔर जैसा कि चंद्रमा दिन के समय में अपनी कलाएँ बदल रहा है, हमें प्रतीक्षा करनी पड़ी जब तक यह आरंभ नहीं हुआ। मुझे लगता है, […]

Sahaj Yogiyon Ko Upadesh Ganapatipule (भारत)

सहजयोगियों को उपदेश

ORIGINAL TRANSCRIPT HINDI TALK सबसे पहले एक बात समझ लेनी चाहिए कि यहाँ जो बंबई वाले और दिल्ली वाले लोग आये हैं ये मेहमान नहीं हैं। मेहमान जो लोग बाहर से आये हैं वो हैं। बसेस उनके पैसे से आयी हैं। आप तो एक पैसा भी नहीं दे रहे उसके लिए। एक कवडी भी नहीं दे रहे हैं। बसेस उनकी हैं, वो सब बसेस मार कर आप लोग यहाँ आ गये। यहाँ | बसेस छोड़ दिये, […]

Guru Puja: Sankhya & Yoga Shudy Camps Park, Shudy Camps (England)

                                                     गुरु पूजा

शुडी कैंप (यूके), 12 जुलाई 1987

आज, यह एक महान दिन है कि आप यहां विश्व के हृदय के दायरे में अपने गुरु की पूजा करने के लिए हैं। अगर ऐसा हम हमारे हृदय में कर सकें तब, इसके अलावा हमें कुछ भी और करने की आवश्यकता नहीं होगी।

आज, मुझे यह भी लगता है कि, मुझे आपको सहज योग और उसके मूल्य के बारे में बताना होगा, जो अन्य योगों से संबंधित है जो पूरे विश्व में पुराने दिनों में स्वीकार किए जाते थे। उन्होंने इसे कहा, […]

Sahasrara Puja: The Ghost of Materialism Thredbo (Australia)

1987-0503 सहस्रार पूजा – “भौतिकवाद का भूत”, थ्रेडबो (औस्ट्रेलिया)

आज एक बहुत महान दिन है सभी सहज योगियों के लिए। बहुत समय पहले मैंने इच्छा की थी कि सहस्रार को खोला जाना चाहिए। परंतु सही समय के लिए प्रतीक्षा कर रही थी। सही समय पर इसको करना महत्वपूर्ण था। एक लड़के ने औरंगाबाद में, काफ़ी युवा था, मुझसे एक प्रश्न पूछा, “माँ, यह ब्रह्मचैतन्य की सर्वव्यापी शक्ति हमारी इंद्रियों से परे है, आप इसे इंद्रियों द्वारा अनुभव नहीं कर सकते। ऐसा कैसे है कि अब हम इसे अपनी इंद्रियों के द्वारा अनुभव कर पा रहे हैं। यह प्रश्न उसने पूछा और मैं आपसे यही प्रश्न पूछती हूँ। इससे पहले जिन लोगों को साक्षात्कार प्राप्त हुआ था वह इसके बारे में ऐसे बात नहीं कर पाए, […]

Sahasrara Puja: Consciousness and Evolution Alpe Motta (Italy)

१९८६ -०५-०४ , सहस्त्रार पूजा, इटली, चैतन्य और उत्क्रांति 

आज हम सब के लिए एक महान दिवस है, क्योंकि यह सोलवां सहस्त्रार दिवस है। जैसे कि सोलह ताल या सोलह हरकत में आप कविता के एक उच्च स्तर पर पहुँच जाते हैं। क्यों कि इस प्रकार से यह पूर्ण हो जाता है।  जैसे श्री कृष्ण को भी एक पूर्ण अवतरण कहा जाता है, क्योंकि उनकी सोलह पंखुड़ियां होती हैं। इस परिपूर्णता को “पूर्ण” कहते हैं।  तो अब हम एक और आयाम पर पहुंच गए। पहला वह था जहाँ आपने आत्म साक्षात्कार प्राप्त किया।   […]

Seminar, Mahamaya Shakti, Evening, Improvement of Mooladhara University of Birmingham, Birmingham (England)

                                            महामाया शक्ति

बर्मिंघम सेमिनार (यूके), 20 अप्रैल 1985. भाग 2

श्री माताजी: कृपया बैठे रहें।

क्या यह सब ठीक है?

क्या आप ठीक रिकॉर्ड कर रहे हैं?

सहज योगी: हाँ माँ

तो इसी तरह से महामाया के खेल होते हैं | उन्होंने हर चीज की योजना बनाई थी। उनके पास सारी व्यवस्था बनायीं थी और साड़ी गायब थी। ठीक है। तो उन्होंने आकर मुझे बताया कि साड़ी गायब है, तो अब क्या करना है? उनके अनुसार, […]

8th Day of Navaratri: What We Have To Do Within Ourselves, Talk After the Puja Complexe sportif René Leduc, Meudon (France)

1984-09-30 नवरात्रि पूजा वार्ता: हमे अपने भीतर क्या करना है,पेरिस, फ्रांस 

आज नवरात्रि का आठवां दिन है, और यह सहज योगियों के लिए महान दिन है क्योंकि यह सबसे महत्वपूर्ण समय है। यानी हम सातवां चक्र पार कर चुके हैं, और हम आठवें चक्र पर हैं। हमें यह सोचने की आवश्यकता नहीं कि देवी ने आठवें दिन क्या किया, हमें आज यह सोचना होगा कि हमें अपने भीतर क्या करना है।

सातवें दिन को पार करने के बाद, […]

Guru Puja: The State of Guru Grand Hotel Leysin (Leysin American Schools), Leysin (Switzerland)

                          गुरु पूजा

 लेसिन (स्विट्जरलैंड), 14 जुलाई 1984।

मैं दुनिया के सभी सहज योगियों को नमन करती हूं। आप सब को बड़ी संख्या में यहां गुरु पूजा करने के लिए इकट्ठा होते देखना बहुत खुशी की बात है।

व्यक्तिगत रूप से अपने गुरु की पूजा करना सर्वोच्च आशीर्वाद माना जाता है। लेकिन मेरे मामले में यह बहुत अलग संयोजन है कि मैं आपकी माता और आपका गुरु हूं।

तो आप समझ सकते हैं कि कैसे श्री गणेश ने अपनी माता की आराधना की थी। आप सभी श्री गणेश जैसी ही छवि में बने हैं जिन्होंने अपनी माँ की पूजा की और फिर वे आदि गुरु, […]

Easter Puja: Forgiveness Temple of All Faiths, Hampstead (England)

                        ईस्टर पूजा

टेम्पल ऑफ़ आल फैथ, लंदन (यूके)

 २२ अप्रैल १९८४।

आज हम ईसा-मसीह के पुनरुत्थान का जश्न मना रहे हैं और इसके साथ हमें मनुष्यों के पुनरुत्थान का भी जश्न मनाना है, सहज योगियों का, जिन्हें आत्मसाक्षात्कारीयों के रूप में पुनर्जीवित किया गया है। इसके साथ हमें यह समझना होगा कि हम एक नई जागरूकता में प्रवेश कर रहे हैं। क्राइस्ट को किसी नई जागरूकता में प्रवेश करने की कोई आवश्यकता नहीं थी, उन्हें इस दुनिया को यह दिखाने के लिए बार-बार नीचे आना पड़ा कि आप शाश्वत जीवन हैं, […]

Birthday Puja, Be Sweet, Loving and Peaceful मुंबई (भारत)

Puja for the 61° Birthday (Be sweet, loving and peaceful), Juhu, Bombay (India), 22 March 1984.

[English to Hindi Translation]

HINDI TRANSLATION (English Talk) अभी-अभी मैंने इन्हें (भारतीय सहजयोगियों) को बताया कि वे अहंचालित पाश्चात्य समाज की शैली की नकल करने का प्रयत्न न करें। क्योंकि उसमें ये लोग कठोर शब्द उपयोग करते हैं और ऐसा करके हम सोचते हैं कि हम आधुनिक बन गये हैं। वो ऐसे कठोर शब्द उपयोग करते हैं, ‘मैं क्या परवाह करता हूँ।’ […]

Shri Mahalakshmi Puja: The innermost stream of Brahmanadi Kolhapur (भारत)

“ब्रह्मनाड़ी की अंतरतम धारा” श्री महालक्ष्मी पूजा

 कोल्हापुर (भारत), ३ फरवरी १९८४।

तो हम सब अब यहाँ इस पवित्र स्थान कोल्हापुर में हैं। देवी ने यहां कोल्हासुर नामक असुर का वध किया, जो एक बहुत ही दुष्ट राक्षस था; जो हाल ही में फिर से पैदा हुआ था, लेकिन उसकी मृत्यु भी हो गई। तो भगवान का शुक्र है कि कोल्हासुर की मृत्यु हो गई!

इस स्थान को विशेष रूप से इसलिए चिन्हित किया गया है क्योंकि धरती माता से महालक्ष्मी ऊर्जा विशेष रूप से देवी महालक्ष्मी से उत्सर्जित हुई थी। और, […]

Talk to Sahaja Yogis, Money, Sleep, Bhoots, Lethargy Surbiton Ashram, Surbiton (England)

                                             पैसा-भूत-नींद-आलस्य

आश्रम में बात, दीवाली पर माँ के साथ अलाव रात

सर्बिटन (यूके), 5 नवंबर 1983।

मैंने पुरे अमेरिका की एक अति व्यस्त, कठिन यात्रा की है और यह मेरी अपेक्षा से बहुत अधिक था, इसने बहुत अच्छा काम किया और मैं इसके बारे में बहुत खुश हूं। सभी अमेरिकी इंग्लैंड और अन्य देशों के सहज योगियों के बहुत आभारी हैं जिन्होंने इस दौरे में योगदान दिया है और विशेष रूप से उन लोगों के लिए जिन्होंने यात्रा की और चक्कर लगाया और उन्हें व्यवस्थित किया। इसलिए मैं आपको बताती हूं कि वे बहुत आभारी हैं, […]