Devi Puja: The heart is closed, which has to open out Ealing Ashram, London (England)

देवी पूजा (हृदय बंद है जिसे खुलना चाहिए), लंदन(इंग्लैंड), ३० अगस्त २००२ 

मै नहीं जानती क्या कहूँ (हॅसते हुए)| आप इस घर में रह रहे है अब, और ये बहुत अच्छा था क्योंकि सहज योगी यहाँ रहते थे और उन्होंने मेरे यहाँ वास का आनंद लिया| पर हमें बदलना है और प्रगति करना है| यही बात है| हर बदलाव के साथ आपको प्रगति करनी ही चाहिए, नहीं तो उसका कोई अर्थ नहीं| उस बदलाव का कोई अर्थ नहीं| तो अब वो सोच रहे है की मुझे इस घर में रहना चाहिए| मुझे लगता है यह अच्छा विचार है|  […]

Devi Shakti Puja New York City (United States)

श्री देवी शक्ति पूजा, न्यूयॉर्क, 8 अक्टूबर 1995
रूस और पूर्वी ब्लॉक के देशों में मैंने (श्रीमाताजी) केवल चार वर्षों से ही कार्य करना प्रारंभ किया है और आप देखिये वे लोग किस तरह से सहजयोग के प्रति स्वयं को ज़िम्मेदार समझने लगे हैं। रूस में सहजयोग साइबेरिया तक फैल चुका है और साइबेरिया के लोग मात्र अपने व अपने आश्रम के लिये ही नहीं जीते। उनके यहां एक स्थान है नोवाशिवी जहां काफी संख्या में वैज्ञानिक रहा करते हैं क्योंकि
ज़ारों और बाद में कम्यूनिस्टों ने कई वैज्ञानिकों को अपने यहां से निष्काषित कर दिया था और उसके बाद ये लोग यहां पर आ बसे। यहां पर रहते हुये इन लोगों ने खोजना प्रारंभ किया कि वास्तव में आध्यात्मिकता क्या है? […]

Puja (भारत)

Puja in Hyderabad, India. 11 December 1991.
We have today come to this famous place, Hyderabad, which was ruled by Muslim kings, but they were very Indian and they fought also for the independence of India with the British. You know about Tipu Sultan, who was also a realized soul but he was killed.
We have in our country one very big problem and that is, individually we are all great people, but when it comes to collective we don’t know how to live collectively, […]

Arrival and Kundalini Puja (भारत)

Kundalini Puja talk

Date: 1990/02/05

आप सब लोगों को मिल करके बड़ा आनन्द आया।  और मुझे इसकी कल्पना भी नहीं थी कि इतने सहजयोगी हैद्राबाद में हो गये हैं।  एक विशेषता हैद्राबाद की है  कि यहाँ सब तरह के लोग आपस में मिल गये हैं।  जैसे कि हमारे नागपूर में भी मैंने देखा है कि हिन्दुस्थान के  सब ओर के  लोग नागपूर में बसे हुए हैं।  और इसलिये वहाँ पर लोगों में जो संस्कार हैं,  उसमें बड़ा खुलापन है और एक दूसरे की ओर देखने की दृष्टि भी बहुत खुली हुई है ।

अब हम लोगों को जब सहजयोग की ओर नये तरीके से मुड़ना है तो बहुत सी बातें ऐसी जान लेनी चाहिये  कि सहजयोग ही सत्य स्वरूप है, […]

Devi Puja: The Duties of a Guru Ganapatipule (भारत)

                                                      देवी पूजा

 गणपतिपुले (भारत), 3 जनवरी 1987।

आज चंद्रमा का तीसरा दिन है। चंद्रमा का तीसरा दिन तृतीया, कुंवारीयों के लिए विशेष दिन है। कुंडलिनी शुद्ध इच्छा है। यह कुंवारी है क्योंकि इसने अभी तक स्वयं को अभिव्यक्त नहीं किया है। और यह भी कि, तीसरे केंद्र नाभी पर, पवित्रता गुरु की शक्तियों के रूप में प्रकट होती हैं।

जैसा कि हमें दस गुरु प्राप्त हैं, जिनका हम मूल गुरु के रूप में आदर करते  हैं, […]

Mother’s Day Puja: Talk on Children University of Birmingham, Birmingham (England)

                  मदर्स डे पूजा, बच्चों पर बात

बर्मिंघम, इंग्लैंड 21 अप्रैल 1985।

कृपया बैठ जाएँ। गेविन नहीं आया है? क्या गैविन नहीं है?

बच्चों के साथ महिलाओं को भी पूजा के लिए बैठना चाहिए। वे अभी तक नहीं आए हैं? किसी को जाकर बताना होगा।

योगी: कार वाला कोई व्यक्ति कृपया मुख्य बिंदु तक जाए और लोगों को बताएं कि उन्हें पहुंचना चाहिए। बेहतर हो कोई कार वाले सज्जन।

श्री माताजी: ये क्या कर रहे हैं?

योगिनी: हमें दोपहर बारह से पहले कमरे खाली करने होंगे।

योगी: माँ, […]

Devi Puja (भारत)

देवी पूजा धर्मशाला, ३०.३.१९८५

आज के शुभ अवसर पर यहाँ आए हैं। आज देवी का सप्तमी का दिन हैं। सप्तमी के दिन देवी ने अनेक राक्षसों को मारा, अनेक दुष्टों का नाश किया, विध्वंस कर डाला। क्योंकि संत -साधु जो यहाँ पर बैठे हुए तपस्या में संलग्न हैं उनको ये लोग सताते थे। हम लोग सोचते हैं कि माँ ये क्यों, क्यों इन्होंने इतनी तपस्या की। इनको क्या जरूरत थी इतना तप करने की, इतनी तपस्या करने की। वजह ये कि तब मनुष्य का तपका बहुत नीचा था। लेकिन आँख बहुत उन्नत थी। वो सोचते थे कि हम इस शरीर से उस आत्मा को प्राप्त कर लें। इसलिए उन्होंने इतनी मेहनत की और इस स्थान में बैठ करके इतनी तपस्विता की। आज उन्हीं की कृपा से हम लोग आज इतने ऊँचे स्थान पर बैठे हुए हैं। उन्हीं की कृपा से हमने पाया। इसका मतलब ये नहीं कि हम लोग इस सहजयोग को समझ लें कि हमारे लिए एक बड़ी भारी देन हो गयी , […]

Puja, Mother You be in our brain Adelaide (Australia)

Puja, Mother You be in our brain
आप सबके बीच आना बड़ा सुखद अनुभव है और अभी मेरे आने से पहले यहां जो कुछ हुआ उसके लिये मुझे खेद है। लेकिन जैसा कि मैंने कहा कि प्रकृति भी परमेश्वरी व्यक्तित्व की उपस्थिति में जागृत हो जाती है और एक बार जब ये जागृत हो जाय तो यह उसी तरह का व्यवहार करने लगती है जैसे कोई साक्षात्करी आत्मा करती है। ये उन लोगों से नाराज हो जाती है जो धार्मिक नहीं हैं … […]

Devi Puja: “Keep Your Mother Pleased” Vaitarna (भारत)

                                “अपनी माँ को प्रसन्न रखें”, देवी पूजा

 वैतरणा (भारत), 21 जनवरी 1983

तो अब हम अपने पहले आधे दौरे के अंत में आ रहे हैं। अब हमें स्वयं पीछे देख कर  यह पता लगाने की कोशिश करनी होगी कि हमने इससे क्या हासिल किया है।

हमें यह समझना चाहिए कि सहज योग मस्तिष्क की गतिविधियों के माध्यम से नहीं किया जाता है। जैसे बहुत से लोग सोचते हैं कि यदि आप सिर्फ अपने आप से कहते हैं, […]

Devi Puja: “Our roots have to go down into dharma” Djamel Metouri House, St Albans (England)

देवी पूजा : “हमारी जड़ों को धर्म की गहराई में जाना होगा,” जमेल का घर, सेंट एल्बंस, इंग्लैंड,  

6 जुलाई, 1977                                                                 

तो आज मैं आपको पवित्रता के बारे में बताना चाहती हूं। वह मेरा नाम है, आप जानते हैं कि, निर्-मला। ‘नी’ का अर्थ है ‘नहीं’; ‘मला’ का अर्थ है ‘अशुद्धियाँ’। जिसकी कोई अशुद्धता नहीं है, वह निर्मला है, और वह देवी के नामों में से एक है।

पवित्रता एक आंतरिक गुण है। यह मौन में बोलता है। यह सबसे गैर-आक्रामक गतिविधियों में से एक है। यह आप में पैठ जाता है। यह किसी भी तरह से व्यक्त नहीं करता है। प्रेम भी शब्दों में, […]

Lalita Panchami मुंबई (भारत)

ललिता पंचमी पूजा   दिनांक – 5 फरवरी 1976  स्थान – मुम्बई प्रकार – पूजा

इतना सब होते हुए भी बार बार इस तरह की बात बहुत से लोग मुझसे पूछते हैं हमारा क्या फ़ायदा हुआ? इस प्रश्न में निहित एक बहुत ही छोटी सी छुपी हुई बात है कि हमें जो कुछ मिला है उसके प्रति हमें कोई भी उपकार बुद्धि नहीं है।ज़रा सी भी उपकार बुद्धि नहीं है कि हम सोचते हैं कि हमने क्या सहज में ही पा लिया। उपकार बुद्धि जिसे sense of gratitude अंग्रेजी में कहते हैं जब तक आपके अंदर होगा नहीं सब बात उलटी बैठती जाएगी।

आज का दिन बड़ा शुभ है। ललिता पंचमी है। ललिता का मतलब है सुंदर, […]